हालात चाहे कैसे भी हो मुस्कुरा लेते है बच्चे खुश रहे तो भूखे पेट भी आंसू छिपा लेते है कभी मीनारो से गिरते है कभी मलबे मे दब जाते है कभी गटर मे गिरते है कभी बेमौत मर जाते है मजबूर भी है मजदूर...

सुरमे की तरह पीसा है हमें हालातों ने, तब जा के चढ़े है लोगों की निगाहों में..!!

मेहनत तो हर फिल्ड में करनी पड़ती है बेकार पड़े रहने से लोहे में भी जंग लग जाती है

जो कभी साथ बैठ कर हंसे थे आज नाग बनकर डंस रहे हैं....!!

आपकी नियत तय करती है, आपकी नियति कैसी होगी....

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