रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय। टूटे से फिर ना जुड़े, जुड़े गाँठ परि जाय॥ रहीमदास

जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम हरिवंश राय बच्चन

जिंदगी के सफर में उठे मेरे कदम एक दूजे से बात करते हैं साघते है ज़िन्दगी का सुर मीठा और बहते आवारा हवा से तुम्हें याद करते है राजेश गौरी

तुम जाग रहे हो मुझमें अधूरे ख़्वाबों की तरह.!

त्रुटियों के बीच में से ही सम्पूर्ण सत्य को ढूंढा जा सकता है। सिगमंड फ्रायड

Translate »