जहाँ कर्म से भाग्य बदलते,
श्रम निष्ठा कल्याणी है।
त्याग और तप की गाथाएँ,
गाती कवि की वाणी है॥
ज्ञान जहाँ का गंगा जल सा,
निर्मल है अविराम है।
हर बाला देवी की प्रतिमा,
बच्चा-बच्चा राम है॥
हिचकियाँ आती थी उसे ,
मेरे याद करने से ,
शायद अब हिचकियाँ भी ,
बेवफ़ा हो गई हैं ...!!
धड़की थी जो आपको देखकर,
याद है मुझे अब भी वो...
पहली धड़कन...💕
क्या तुम्हे याद है...?
सच में हंसने के लिए आपको,
अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए ।
चार्ली चैप्लिन
चलो कल्पनवाओं का सैर करे
दुनियां के भीड़ से पार चले
उन्मुक्त भाव उड़ने के चाह भरे
मन के उम्मीदें पे पंख जड़े
होले होले दुनियां से पार चले
जन्नत के चौखट पे पग रखे
अलग ही जहां का दीदार करे
होगी अनुभूति जो ख्याल करे
चांद...