नफ़रत तो इंसान का बनाया हुआ
जाति मसला है...🖤🖤
वरना कुद़रत तो हमेशा
मोहब्ब़त का दर्श़ देती है...❣️❣️
कुछ सास ससुर भी अपनी बहुओं की,
खिदमतगारी का उपहार अनमोल देते हैं,
खुद कि बेटी चाहे जैसे रहे ससुराल में,
मगर बहू गलत करे तो मां बहन तौल देते हैं..!!
विरक्ति
गुलाब देना आसान होता है,
मगर समय देना मुश्किल....
जिंदगी अपने रफ्तार से चल रही हैं, हम अपनी रफ्तार से चल रहे हैं, और समय........? वो तो बस मजे लिए जा रहा हैं।
गरीब भूख से मर रहे हैं...अमीर शौक से मर रहे हैं !
औरत, आवाज़ उठाने भर से बेग़ैरत हो जाती है और आदमी बार बार हाथ उठाकर भीथोड़ा और ज़्यादा मर्द ही होता रहा…!
आत्मसम्मान पर लगी चोट इंसान
का वर्तमान और भविष्य दोनों बदल देती है
ईमानदारी से काम करने वालों के शौक़,
भले ही पूरे ना हों पर नींद ज़रूर पूरी होती है !!!
हैरत इसपर नहीं कि धर्म का धंधा हो रहा है ,
हैरत इसपर है पढ़ा लिखा भी अंधा हो रहा है !
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है, माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
वो मस्जिद गया मन्दिर भी गया और गया समुद्र के बीच…..
लेकिन रहा फिर भी नीच का नीच
काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती,
जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!!
विरक्ति
बुरा वक़्त हमेशा इंसान को ,अकेला कर देता है …
हर प्रॉब्लम के दो सोल्युशन होते हैं:-
भाग लो... (run away)
भाग लो.. (participate)
पसंद आपको ही करना है...
हर रिश्ता इसी कागज़ का गुलाम हैं..जिसे हम पैसा कहते हैं...
शादी उसकी भी होगी, और मेरी भी होगी,लेकिन "हमारी" होती तो क्या बात थी.
जमाने मे और भी दर्द है , सहने को साहब,
हर उतरे हुए चेहरे का मसला , इश्क नही होता..!!
प्रेम से अनमोल भला
क्या तुम इस जग में पाओगे
ढूंढो तुम ईश्वर को
उसे बंधा प्रेम में पाओगे
आप बस किरदार हैं अपनी हदें पहचानिएवरना फिर एक दिन कहानी से निकाले जाएंगे
कर्ता करे न कर सकै , शिव करै सो होय ,
तीन लौक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा ना कोय