World's Best Cow Hospital

मेरे ख्वाबो का कोई आशियाना नहीं हैं , अपने दर्दों को मुझे मिटाना नहीं हैं , मेरी मजबूरियों का फ़साना भी क्या अजीब हैं , मुझे रोना हैं पर किसी को बताना नहीं हैं ..

धीरे-धीरे हर चीज बेवकूफ लगेगी... जन्म, प्रेम, जिंदगी और आखिरी बेवकूफ़ी मृत्यु। सुसिल ग़ाफ़िल

वह पथ क्यापथिक कुशलता क्याजिस पथ पर बिखरे शूल न होंनाविक की धैर्य परीक्षा क्याजब धाराएँ प्रतिकूल न हों जयशंकर प्रसाद

मैं लाख़ गुनहगार सही ज़माने की नज़र में.... तेरे लिए जज़्बात मगर पाक बहुत हैं..!!

रूठ जाने कि सदी गुज़र गई.. अब नज़र अंदाज़ करने का ज़माना है..!!

तेरे राहों में काँटे बहुत है। तेरी निगाहों के प्यासे बहुत है।

ज़हर की ज़रूरत ही ना पड़ी ... उसके हर पल बदलते बर्ताव ने ही हमें मा^र डाला

हमने जिनके लिए दुआ मांगी,वो गैरों की दुआओं के तलबगार निकले, जिनकी ख़ातिर इक वक्त में खुदा थे हम,अब हम उनकी ही नज़रों में गुनहगार निकले जिन्होंने कभी लाख अच्छाइयां गिनाई थीं मुझमे,अब हम उनकी खातिर महज़ बेकार निकले…!!

तुम्हारा ये भ्रम झूठा है कि आंखों में कोई ओर है चीर के देखो दिल मेरी सांसों में तुम्हारा ही शोर है

जिंदगी एक रंगीन लिफाफे में लिपटी, एक उदास चिट्ठी है!! अनवर चतुर्वेदी

जख्म तो कोई भी दे सकता है,हिम्मत है तो किसी का हमदर्द बन कर देखो.

पानी और आंसू में बस इतना सा फर्क है पानी बिना वजह बहता है आंसू किसी वजह से

तोहफा , फूल , शिकायत कुछ तो लेकर जा..इश्क से मिलने खाली हाथ नहीं जाते….!!

बेइमानी भी तेरे इश्क़ ने……..सिखाई थी तूं पहली चीज़ थी जो मैंने मां से छुपाई थी

वो इंटों की विकटें, वो टूटा सा बल्ला वो गलियों की रौनक़, वो अपना मोहल्ला!!

कोई मुझ से पूछ बैठा ‘बदलना’ किस को कहते हैं ?सोच में पड़ गया हूँ मिसाल किस की दूँ? “मौसम” की या “अपनों” की…🌻

जिसके भी भाव बढ़े उसे त्याग दो, चाहे "बाबु" हो या "टमाटर.🍅

पैसा इंसान के असली रूप को बाहर लता है.

जीवन जीते जी एक संग्राम है, पहले कुछ करके दिखाना, फिर अहंकार की मिट्टी में उसे दबने से बचाना…

धोखा एक ने दिया,नफ़रत सबसे हो गई...


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