वफ़ा की उम्मीद एक बेवफ़ा से लगाई है, मैने अपनी अर्थी अपने ही हाथों से सजाई है
सुना आज एक झुठल पार्टी का
तोतला प्रवक्ता कूट दिया गया
लहू में घरौंदा कर के
अहसास बैठे थे
नस नस से उभर कर
वो आज
तूलिका के द्वार से
फलक पर उतर रहे हैं
लोग ये समझ रहे हैं
मैं तेरी #तस्वीर बना रहा हूं
हकीकत में तो मैं
तूलिका की आंखों से
तुझे देख रहा हूं....
मैं कहां #तस्वीर...
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये,
किसी व्यक्ति विशेष का नहीं….!!
गलती पीठ की तरह होती है...
औरों की दिखती है अपनी नहीं..!!
अपशब्द एक ऐसी चिंगारी है,
जो कानों में नहीं सीधे मन में आग लगती है...
तुम्हरा शक का बोझ इक दिन
इश्क़ की नैय्या डुबो देगी.....!!
इलेक्टोरल बॉंड काण्ड के बाद अब तो यह लगने लगा है कि देश छोड़कर जाने वाले अरबपतियों के पीछे का कारण कहीं यह हफ़्ता वसूली ही तो नहीं रही होगी ?
कुछ अच्छे दोस्त भी बना लेना ज़िंदगी मे…महोब्बत हर वक्त साथ नही देती..!!
ख्वाब पूरे करो दोस्तों,
इश्क अधूरा ही रेहता है
❤️🩹
'पागल औरत है' ये सुनकर भी,
औरत ने घर को घर ही बनाया पागलखाना नहीं।
हर ख्वाहिश,
हर ख्वाब,
हर अरमान,,
पूरे कहाँ होते हैं ??
जो हमारे लिए ज़रूरी हैं....
हम उनके लिए ज़रूरी कहाँ होते है ??..
चांद नहीं, सूरज नहीं,एक छोटा सा ख्वाब मांगा था,इक उम्र नहीं, कुछ साल नही,दो पल का साथ मांगा था,कोई नाम नही, कोई लफ्ज़ नही,बस इक एहसास तो मांगा था।।
न हो सका तुमसे इतना भी,कुछ ज्यादा नहीं…बस बेकरारी में करार मांगा...
हकीकत से सामना हुआ तो पता चला..
लोग तो सिर्फ़ बातों से अपने थे..!!
हाथ भी नहीं मिलाते उन लोगों के साथ
जिनकी रूह से हमें गद्दारी की बदबू आती है।
अक्सर में हवाओ के खिलाफ चलता हूँ
जिन्हें तुम जमीनी खुदा कहते हो ना,,,,,
हाँ में उन्ही मसीहाओ के खिलाफ लिखता हूँ !
नारी और नौकरी तभी छोड़ें,जब दूसरी हाथ में हो…
स्वार्थ को इतनी छूट देना सही नहीं कि वह विवेक को ही खा जाए।
ये मेरा इश्क औरों जैसा नहीं…अकेले रहेगें पर तेरे ही रहेगें…!!
आजकल वो कुछ कहते नहीं है मशरूफियत है या नाराज़गी…?