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World's Best Cow Hospital

हे मेरी माँ..आपकी छत्रछाया है ,न कोई मोह माया है ,बारिश से ज्यादा तो मुझको ,आपकी यादों ने भिगाया है…!!!!

मेरे मयार को गिराने का सोच भी मततेरे किरदार में इतना दम नहीं मेरे मयार को हिला भी सके.

"वक्त की पाबंदी सभ्यता की पहली निशानी है…।"

तू जहां तक दिखाई देता है.. उसके आगे मैं देखता ही नहीं..

उस एक लम्हे को ढूंढो, जो तुमको ढूंढता है गुज़रते लम्हों से यूं बदगुमान क्या होना....!!!

बहुत महंगा पड़ता है वो रिश्ता, जिसमे खुद को सस्ता कर दिया जाए...

दिखा के मदभरी आंखें कहा ये साकी ने , हराम कहते हैं जिसको यह वो शराब नहीं

मैं रोज सुबह कभी देर रात आता हूं तुम्हारे शब्द पंखों के कोमल भावों को कभी ओढ़ता कभी बिछाता हूं

कहते हैं आत्मा से ख़ून नहीं बहता शायद इसलिए, सबसे ज्यादा घाव आत्मा को सहने पड़ते हैं !

सफेद सलवार पे पीली कुर्तीमत पहना करो 😍 मम्मी देखकर बोलती है देख तेरीकढ़ी चावल आ रही.!! 🤓😁

रास्ते जो भी चमक-दार नज़र आते हैंसब तेरी ओढ़नी के तार नज़र आते हैं कोई पागल ही मोहब्बत से नवाज़ेगा मुझेआप तो ख़ैर समझदार नज़र आते हैं ~ ज़ुबैर अली ताबिश

कफ़न मेरा हटा कर मुझे बार-बार देखोगी,तुम्हें मेरी मौत पे यकीन ही नहीं आयेगा...

रोज़ी-रोटी, हक की बातें जो भी मुँह पर लाएगा, कोई भी हो, निश्चय ही वह कम्युनिस्ट कहलाएगा !

इक़ अरसे बाद मिलना हुआ उसने बस इतना ही पूछा था आपका मिजाज कैसा है...! बोल नहीं फूटे बस..आंखे भर आईं

हर कोई इश्क़ का मारा नही होता कुछ लोग शौक़ से भी लिखते है...

ग़लतियाँ उसकी क्या गिनाऊँ मैं इक कसर छोड़ी नइँ सताने में

ख्वाब पूरे करो दोस्तों, इश्क अधूरा ही रेहता है ❤️‍🩹

उसे बारिश का मौसम अच्छा लगता था , मुझे उसके साथ बारिश मे भींगना !!

जान लेनी थी तो साफ़ कह देते, क्या ज़रूरत थी मुस्कुराने की

दया अगर लिखने बैठूं होते हैं अनुवादित रामरावण को भी नमन किया ऐसे थे मर्यादित राम ~अज़हर इक़बाल


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