बड़े शातिर हैं लोग निभाने के नाम पर बस,एक निभाने का रिश्ते रखते हैं….!!
हर पल हर लम्हा खुशी ढूंढो, जिंदगी बहुत छोटी है जीने की वजह ढूंढो।
देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से...चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से...
शिकवे और शिकायतों में क्या रखा है!वक़्त ही कुछ ऐसा है कि….अपनों ने ही अपनों से दूरी बनाए रखा है।
जिस काम से आपका घर चलता हो,उस काम को करने से कभी शर्म मत करो।
अपने अहंकार में चूर होकर,
जो सबका बाप हो जाता है,
उस तुच्छ के लिये अमरत्व का वरदान भी श्राप हो जाता है..!!
गम़ ये नहीं के लोग हमारे खिलाफ़ बोलते हैं!
ख़ुशी ये है के उन्हें बोलना हम ने सिखाया था
तमाम इश्क के शहर मालिक अब आग में जलते हैंमज़हब के पैरों से लोग आशिकों के सर कुचलते है
तुमने ही बदल दिए सिलसिले वफाओं के…वरना हमें तो आज भी तुम से अज़ीज़ कोई नही..!!
मैंनेगुलाब कीमौन शोभा को देखा !उससे विनती कीतुम अपनीअनिमेष सुषमा कोशुभ्र गहराइयों का रहस्यमेरे मन की आंखों मेंखोलो !मैं अवाक् रह गया !वह सजीव प्रेम था !मैंने सूंघा,वह उन्मुक्त प्रेम था !मेरा हृदयअसीम माधुर्य से भर गया !
गुरुर है मुझे अपने भी किरदार पर , कोई तुमसा नहीं तो कोई मुझसा भी कहाॅ॓ है ..!!
जिसकी सबसे दोस्ती होती है,
अक्सर वो किसी के नहीं होते...
हमको गर्लफ्रेंड तो चाहिए पर पत्नी बिना बॉयफ्रेंड की चाहिए। यही कारण है कि हम पत्नी में सीता का आदर्श देखना चाहते हैं पर स्वयं में राम नहीं देखना चाहते हैं ।अगर हमको सीता चाहिए तो स्वयं को राम बनना...
जबरदस्ती की नजदीकियों से ,सुकून की दूरी अच्छी ।
दुनिया के महंगे से महंगे ऐशो आराम भी ,
मां की गोद सा सुकून नहीं दे पाते हैं ।।
मुझे किसी रंग की जरूरत नहींलोग मेरी बातों से ही लाल पीले हो
होंगे तुम्हारे शहर में तुम्हारी खूबसूरती के चर्चे ,
हमारे गांव में तो हमारी सादगी मशहूर है...
ये दुनिया नफ़रतों के आख़री मुक़ाम पे हैं,इलाज इसका मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं हैं…
दूनियां में सिर्फ मोबाइल ही जानता है,
के उसके मालिक का किरदार कैसा है..
योग्यताएं कर्म से पैदा होती है,जन्म से हर व्यक्ति शून्य होता है...