कोशिश करो हमेशा सच बोलने कीकुछ लोग रूठ जाएंगे पर धर्म बच जाएगा …
मुझको मजबूर न कीजिएगा अदाकारी पर ,
मैं जो किरदार में उतरा तो क़यामत होगी ..!!
कबीरा तेरे जगत की है कैसी ये तकदीर
जनता सारी सड़कों पर, बैठे महल फ़कीर
जाने किन रिश्तों में रिश्ते ढूंढ़ रहे हैं,
आदम हैं हम और फरिश्ते ढूंढ़ रहे हैं...
जो खुश नहीं होना चाहते उन्हें कोई खुश नहीं कर सकता और जो खुश रहने का हुनर जानते हैं उन्हें कोई खुश रहने से नहीं रोक सकता !!!
जो गर्दन हर जगह झुक जाए, उसपर ताज अच्छे नहीं लगते...
मैंने अपनी ज़िंदगी के सारे, महंगें सबक सस्ते लोगों से सीखे हैं...
बहुत संभाल के हमनें रखे थे पाँव मगर ,
जहा थे जख़्म वही चोट बार - बार लगी ।।
दिलों के दरवाज़े नहीं होते,
बस सरहदें होती हैं।
काश ..!! तुम वो होते जो मैने सोचा था
पर तुम तो वही थे जो दुनिया ने बोला था..!!
मर्द के शब्द झूठे हो सकते हैं, आँसू नहीं।
व्यर्थ का तक़ल्लुफ़ क्यों किसी से निभाना..जहाँ दिल न मिले वहाँ हाथ क्यों मिलना..!!
आँखों से जो बह रहा कहो न इसको नीरपलकों से ही छलक गयी हृदय कलश की पीर …!!
विचारों के युद्ध मे,
पुस्तकें ही अस्त्र है।
किसी को भुलने के लिए मेरे करीब आया था वो शख़्स....
अब मुझे भूलने को किसी और को ढूंढ रहा है वो शख्स....!!
भूले-बिसरे हुए ग़म फिर उभर आते हैं कईआईना देखें तो चेहरे नज़र आते हैं कई
~ फ़ुज़ैल जाफ़री
इश्क से नशीला कोई नशा नहीं है,
घूंट–घूंट पीते है और कतरा कतरा मरते है...
वो रूठी ही रहेगी, उसे खबर भी नहीं होगीमुझे कब? कहाॅं? किस लम्हें दफ़नाया गया
तेरी मोहब्बत का असर दिखने लगा है, वतन नफरतों से नफरत करने लगा है !
तेरे ख़्वाबों से
अच्छे मेरे ख़्यालात है,,,
तुम ख़्वाबों मे भी दगा करते हो
कितना भी चाहूँ
तुम मेरे नहीं होते,,,,
पर ख्यालतो मे तुझे
मुक्कुमल पा लेता हूं