चांद के टेढ़े स्वरुप ने भी हमेशा प्रेमियों को सीधा प्रेम मार्ग दिखाया है।
राजेश गौरी
अन्याय को पता है उसे#न्याय परास्त करेगाजीत न्याय की ही होगी
जो समझ सकें वहीं अपना हैं,बाकी सब सपना है...
"रास्ते" पर "गति" की सीमा है,"बैंक" में "पैसों" की सीमा है,"परीक्षा" में "समय" की सीमा है,परन्तुहमारे "सोच" की कोई सीमा नहीं,इसलिए "सदा" "श्रेष्ठ" "सोचें" और "श्रेष्ठ" पाएं..
जिसकी सबसे दोस्ती होती है,
अक्सर वो किसी के नहीं होते...
कैसे करूं खुद को तेरे काबिल ए - जिंदगी, मैं जब आदतें बदलता तू सर्ते बदल देती हैं।।
रिश्ते नातों के बिना ये जिंदगी वैसी हैजैसे लकवे से ग्रसित शरीर सुन्न पड़ी है॥
मैंने ताले से सीखा है साथ निभाने का हुनरवो टूट गया पर चाभी नहीं बदली…!!
मुझे पल भर के लिए आसमान को मिलना थापर घबराई हुई खड़ी थी…कि बादलों की भीड़ में से कैसे गुज़रूँगी…
हर प्रशंसा करने वाला शुभचिंतक नहीं होता है.!
एक बार अच्छी खासी लड़ाई के बाद तुमने कहा था कि" एक समय बीत जाने के बाद तुम्हें समझ आएगा कि मुझसे अधिक प्रेम तुम्हें कोई ना कर सका और तब तुम मुझे ढूंढोगी, मेरे उस प्रेम को याद करोगी,...
जेब में अगर पैसा हो तो लोग..
आपकी बकवास भी सलाह मानते है..!!
मेरी मोहब्बत आधी ही रह गयी ,
पर उसका timepass पूरा हो गया
अकेले रह जाते है वो लोग
जो दूसरों कि ज्यादा परवाह करते है।
कुत्ता को घी और मानसिक विछिप्त व्यक्ति को पॉवर नहीं पचता है ।
बस्ती नहीं सूरत अब किसी और की आंखों में,
काश कि तुम्हें इतना गौर से ना देखा होता
पुरानी आदतों को है बदलना अब मुश्किलमेरी मुहब्बत को तुम वही आदत समझो
ज़रूरतें तो फिर भी मान जातीं हैं
भूख के पास मगर होता नहीं दिमाग़
एक ऐसा दोस्त है मेरे पास,जब दुनिया ने साथ छोड़ दिया था वो मेरे साथ था !!
मोहब्बत मेरी आख़री शरारत थीफिर यूं हुआ के मैं बचपन से निकल आया….!