कद्र करेगा वो भी एक दिन मेरीजब अकेलापन उसे भी खायेगा..!!
कुछ किताबे ताउम्र धूल फाँकती रह जाएगी,
एक रुपया ही सही किसी का तुम पर उधर रह जाएगा,
कुछ कपड़े बिन पहने ही अलमारी मे दबे रह जाएँगे,
किसी अपने से मुलाकात अधूरी रह जाएगी,
किसी खास से दिल की बात कभी कह नहीं...
एक घुटन सी हो रही थी मुझे संपूर्ण रात्रि ,घबराहट सी हो रही थी अपने ही अंधेरे कमरे में....भोर की सुनहरी रौशनी आई एक हल्की दस्तक लिए ,उदासी तमाम मेरे कमरे के दरवाज़े से फ़ौरन ही विदा हो कर नई...
क्या ही करूंगा मैं दुनिया जीत करजब आख़िर में तुझे ही हारना है….!!
है जो हाल मेरा उसका भी हाल है
इश्क़ कर के अब दोनों को मलाल है
मालिक करने वजूद ए ख़ाक चला है दोस्तजिस्म की जिंदा कल जिसकी हम रूह थे।
धर्म से बड़ा देश होता है। मातृभूमि होती है। सिख धर्म में बाल कटवाना वर्जित है, लेकिन अपने देश के लिये मैं बाल तो क्या गर्दन भी कटवा सकता हूँ। ~ शहीद भगत सिंह
दिल अगर काला हो तो..🖤
गोरे रंग पर इतराना वेबकूफी है"
राजा की जान तोते में है
और तोते को हमने घेर लिया है
जानवर इंसान नहीं बन पाते,
इंसान जानवर कैसे बन जाते हैं....
एक फूल हैं…जो बिना शोर मचाए और भी खूबसूरत तरीके से खिलता हैं…
ग़ैरों की बात छोड़िए, ग़ैरों से क्या गिलाअपनों ने क्या दिया हमें, अपनों से क्या मिला।
~ कैफ़ी आज़मी
इस भीड़ में कही खोनें वाले नहीं हैं हम ,
देख तेरे सिवा किसी और के होंने वाले नही हैं हम ..!!
जो भीड़ से अलग हो,,
ज़रूरी नहीं वो हमेशा गलत हो,,
कीर्ति चन्द्रा
एक उम्र जी है मैंने तकलीफों में,
अब जो तकलीफ ना हो तो तकलीफ होती है…!!
जैसा आप करेंगे,वैसा ही काम आपके बच्चे भी करेंगे।
जाती है सबकी नज़र तुम्हारी ही तरफ,
सब्जी़ मंडी में टमाटर जैसी हो तुम ।।
मुसीबत में भी रास्ता निकाल लेते हैं..
वक्त कैसा भी हो मां बाप संभाल लेते हैं..!!
सब बीत जाता है
पल हो
दिन हो
महीना हो
या फिर हो साल
जो नहीं बीतता वो है सिर्फ़
तेरा ख़्याल
किसी के हाथों की कठपुतली बनने से अच्छा है..
कि छोटा ही सही अपना किरदार खुद बनाओ..!!