मुझे उम्र के उस पड़ाव तक तेरा साथ चाहिए,आखिरी निवाला हो मेरा हांथ तेरा चाहिए..!!
चुनना होंगे नए लोग नई यात्रा के लिए देना होंगे पैर उन्हें चलने के वास्तेपर नहीं होगा आसान छीन पाना उनसे थाम रखी हैं जो रंगीन बैसाखियों
आज नही तो कल किया है... स्त्री ने मर्द के साथ हमेशा छल किया है...
हमने चाय की तुम्हें आज़ दावत दी है.
इलायची वाली चाय बना के रखी है ...
डियर क्रश ❤️टाइटैनिक का मलबा
देखना चाहतें है आप के साथ..
सितम ये,के तेरा साथ नहीं कमाल ये,के जी रहे हैं …...!!
जमाने मे और भी दर्द है , सहने को साहब,
हर उतरे हुए चेहरे का मसला , इश्क नही होता..!!
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं,
मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बे-ख़बर नहीं.
आलोक श्रीवास्तव
वक़्त का करम है हम पर ,
जो तुमसे वक़्त रहते दूर हो गए!!
अपनी बेटी को ज्ञान देकर अच्छे और बुरे का,
उसे इस गंदे समाज का आईना दिखाता है,
एक पिता ही है जो मजबूती से हांथ पकड़कर,
उसे कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाता है..
अच्छे निर्णय लेना अनुभव से आता है,
और अनुभव बुरे निर्णय लेने से आता है।
मेरी ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग भी आए जो साथ बैठ कर हंसते थे...और मेरे पीठ पीछे मुझे ही डसते थे..!!
और तो कौन है जो मुझको तसल्ली देताहाथ रख देती हैं दिल पर तेरी बातें अक्सर..!!
वो जो है ही नहीं हक़ीक़त में
उससे कैसे कहें के घर आए
आसमां पे उसे निहारेंगे
जिसको मिट्टी में दफन कर आए
शर्ट के टूटे बटन से लेकर, टूटे हुए आत्मविश्वास तक को जोड़ने का हुनर सिर्फ़ माँ में ही होता है।
~ अनूप पांडेय
प्रेमपाप यदि हैइस धरा पर पवित्र फिर क्या होगाजल नहीं थल नहींवायु नहीं गगन नहीं अग्न नहीं
फिर बोलों तुमक्या शिव हृदय पत्थर होगानहीं नहींहोगा करुणा भरा ईश्वरतभी तोशुद्ध हृदय प्रतिबिम्ब उसका प्रेम होगा।
राजेश गौरी
दोस्त कठिन है यहाँ किसी को भी
अपनी पीड़ा समझाना
दर्द उठे तो, सूने पथ पर
पाँव बढ़ाना, चलते जाना
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
बच्चों की सी फितरत है मेरी हसरतों की... ज़िद करना , मचल जाना , फिर..... खुद ही संभल जाना..!!
मनुष्य कितना भी बड़ा क्यो न बन जाए,
उसे हमेशा अपना अतीत याद करते रहना चाहिए।
ईश्वरचन्द्र विद्यासागर