अगर स्त्री के प्रेम में जिद्द न होती ,
तो मंदिर में कृष्ण के बाजू में राधा ना होती !!
तुम छाये रहना मुझपर बसंत की बहार बनकर
मैं खिला रहूँगा तुझमें फूल 'पलाश' का बनकर
इक्का चाहे कितना भी उछलें..
हुकुमत तो बादशाह ही करता है..!!
तमाम इश्क के शहर मालिक अब आग में जलते हैंमज़हब के पैरों से लोग आशिकों के सर कुचलते है
हम दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम है..
जिधर भी चलेंगे ,
रास्ता अपने आप बनता रहेगा....!!
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
ज़्यादा प्रशंसा करने वालों से खुश नहीं ,
सावधान रहने की ज़रूरत है ...
याद रखना रिश्ते तोड़ने के लिए लोग ,गलत इलजाम भी लगा देते हैं ..!!
समझौता करो तो खुद से करो क्योंकि, अपने से फैसला लेना भी सही रास्ता होता है !!
बुद्धि तो सबके पास होती है लेकिन चालाकी, करनी है या ईमानदारी ये तो संस्कार पर निर्भर करता है ..!!
मैं तुम्हारे साथ हूॅं कहने में और रहने में बहुत फर्क होता है !!
दोस्ती बड़े लोगो से नहीं ,मुसीबत में साथ देने वाले लोगो से होनी चाहिए…
यूँ तो अमरोहा से मेरा कोई नाता ना था
फिर कमबख्त नामुराद मोहब्बत हुई
और उसपर सितम तुझ बेवफा से हुई
और हम खुद बे खुद
जॉन ऐलिया के मुरीद हो गए
ता उम्र के लिएं हाथ थामना होता है,ए पल दो पल का खेल नहीं होता...
नशा दौलत का नहीं कामयाबी का रखो ,ज़िद मोहब्बत की नहीं मंजिल की रखो ।
विरह कि आग में जल रही, अपनी ज़िन्दगी को खींच रहा हूं,
बंद हो चुकी अपनी प्रेमग्रंथ के, जज्बातों को सींच रहा हूं..!!
विरक्ति
वक्त का तकाजा देखिए
महसूस कीजिए
हो रहा रदोबदल
कुछ अच्छे कुछ बुरे
महसूस तो कीजिए
दौर था सुनहरा
आपस की सहभागिता
एक दूजे का साथ
न जातीय विभेद
बदला बदला आबो हवा
बढ़ गई दूरियां
अलग थलग राग लिए
जातीय...
✯||तुम्हे साढ़ी बिंदी में देख मेरा मुंह उतर जानाठीक वैसा हैं जैसे किसी महंगे ख्याव का टूटकरबिखर जाना…||✯
लड़की सिर्फ अपने पसंदीदा लड़के को ही, छोटी छोटी बातो पे ताना मरती हैं ..
शुरुवात तो सभी अच्छी करते हैं,
मसला तो सारा आखिर तक,
अच्छे बने रहने का हैं..!!