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World's Best Cow Hospital

बेनूर हूँ, बेसब्ज हूँ, मशरूफ़ खुद में हूँ क़ाबिल नहीं मैं, मेरी अक़ीदत न कीजिये

जून कीझुलसती गर्मी के मध्य भी जो तुम आ जाओपीपल की घनीछांव के नीचेहम तुम दशहरी आम चखेंगे

किसी बद्दुआ की गिरफ्त में हूँ,मुझे मेरे हक की मोहब्बत नहीं मिलती.

चाय कड़क होती है,उनके नरम हाथों की .!!

जिंदगी में गम बहुत है,खुलासा मत होने देना, लबों से मुस्कुरा देना,मगर तमाशा मत होने देना..!!

मुजरिम हो गया इस कद्र खुद की नजरो में स्वाभिमान छोड़ प्रेम ढूंढ रहा था पत्थरों में

कोई तो जिद करे हमसे भी मिलने की , हमें भी महसूस हो हम भी आरजू है किसी की ..!!

अभी माचिस है तेरे हाथ में , तू जितने चाहे घर जला ! पर हवा के मिज़ाज से खौफ़ खा , कहीं तेरा घर भी न दे जला !!

मै सुकून लिखूं तुम गंगाघाट समझ लेना, में इश्क़ लिखु तुम चाय समझ लेना।

जीवन जीते जी एक संग्राम है, पहले कुछ करके दिखाना, फिर अहंकार की मिट्टी में उसे दबने से बचाना…

उम्र बढ़ती, प्यार बढ़ता, अरमां जवां और दुनिया हसीन हो जाती, तुम झरोखे से कुबूल कर लेती मुझको, तो जन्नत अधीन हो जाती !

अपने संघर्ष को अपना जुनून बना लो,जब तक वो तुम्हारी कहानी ना लिख दे…

औसतन…..आदमी अपनी जिंदगी का एक वर्ष औरतों को घूरने में ही बिता देता है.

कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर कबीरदास

थोड़ी सी आवारगी भी जरूरी है जिंदगी में , कैद में रह कर परिंदे अक्सर उड़ना भूल जाते है ..!!

छत पर वॉक करने वाला मौसम है, और छत से छलांग लगाने वाले हालात.

जिद और जूनून चाहिये जीतने के लिये.. हारने के लिये तो आपका डर ही काफी है..!!

ख़्वाब ख़्वाहिश ख़ैरियत है ज़िंदगीहक़ीक़त उल्फ़त कैफ़ियत है ज़िंदगी एक उम्र के सौदे में बंधी हुईइनायत इबादत तबियत है ज़िंदगी..!

लाचार है बीमार है सही से चल नहीं सकता,एक गरीब बिना मेहनत किये पल नहीं सकता,और जो खुद कांटे हैं उन्हें तक़दीर सुख भेजती है,वहीं मुफलिसी उम्मीद लिए सड़कों पर फूल बेचती है..!!

जीभ कभी फिसलती नहीं है, जो दिमाग़ में चल रहा है, वो जीभ पर आ जाता है !!!


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