World's Best Cow Hospital

तुम्हारे दिल में भी तूफ़ाँ उठा है हमें भी प्यार तुमसे हो चला है किसी अय्यार जैसे हो गए हो तुम्हारा नाम मुझको रट गया है तुम्हारी बात भी अब टालने में मुझे अब ख़ुद से लड़ना पड़ रहा है अजब सी कश्मकश है ज़िन्दगी में कि...

मुझसे ना मिल सकेगा किसी का मिजाज़ , मुझको तो अब गुलाब भी काले पसन्द हैं…..🖤

हम सब एक दिन या तो धुंआया तो मिट्टी हो जाएंगे🖤

ये कैसा भार हैं जब मैं मुझमें ही रिक्त हूं..!!

मंजिल पर सिर्फ तस्वीरें ली जाती हैं, यादें तो सफर में बनती है.....!!

अजीब है.. औरत खुल कर हंस नहीं सकती बद किरदार कहते हैं, मर्द खुल कर रो नहीं सकता कायर कहते हैं..

माना सबकुछ नहीं मिला है ज़िन्दगी में, पर क्या घर में माँ का होना काफ़ी नहीं है।

ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को बदलते वक़्त पे कुछ अपना इख़्तियार भी रख निदा फ़ाज़ली

दर्पण देख सँवर गए कितने अपने पर ही मर गए कितने ख़्वाबों की खेती को सच के कीट-पतंगे चर गए कितने प्यार वफ़ा ईमान की बातें करके लोग मुकर गए कितने फ़ाइलें सब्ज़ योजनाओं की चूहे रोज़ कुतर गए कितने...

यूँ तो अमरोहा से मेरा कोई नाता ना था फिर कमबख्त नामुराद मोहब्बत हुई और उसपर सितम तुझ बेवफा से हुई और हम खुद बे खुद जॉन ऐलिया के मुरीद हो गए

कुछ हालातों में ये रास्ते ज़िंदगी केबिल्कुल भी आसान नहीं होते!चलना तो होता है अंगारों परऔर हाथ थके रहते हैं–बर्फ ढोते-ढोते!

संभलना था हमें,, साथ फिसलते चले गए,, ना चाहा फिर भी,, उसकी चाहत में संवरते चले गए,, अंज़ाम मालूम था,, फिर भी आगे बढ़ते चले गए,, तिनका तिनका जोड़ा था ख़ुद को,, दूरियों में बिखरते चले गए,, अब तकलीफ़ ये...

लैलाओं को महलों का दुःख होता है,चौराहों पर मजनू पत्थर खाते हैं.

सफलता के दरवाज़े उनके लिए ही खुलते हैं, जो उनको खटकाने की हिम्मत करते हैं...

मज़ा तो तब है के तुम हार के भी हँसते रहो,हमेशा जीत ही जाना कमाल थोड़ी है

इस दुनिया में ऐसे भी शैतान है, जो धर्म के नाम से सरकार बनाते है. !!

मुझे मालुम नही, ईद कैसे मनाया जाय,मैं गैर मुस्लिम हूं, बधाई कबुल करना ...

आती है जब याद तेरी तोतेरी यादों में हम खो जाते हैंआजकल तुझे सोचते-सोचते ही,हम सो जाते हैं।

रास्ते खूबसूरत होते हैं ,, यक़ीननपर उन यादों से ज़्यादा नहीं ,, जो सफऱ करती रहती हैं ,, ताज़िन्दगी हमारे साथ ….

अगर कोई हमेशा आपको व्यस्तहोने का दिखावा करता है तो वहव्यस्त नही किसी और के साथ मस्तरहता है, कितना भी याद कर लोकितना भी जता लो एक दिन खुदको ही लगेगा कि अब अपना रास्ताअलग ही सही है सूचना जनहित...


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