शत-शत दीप इकट्ठे होंगे
अपनी-अपनी चमक लिए,
अपने-अपने त्याग, तपस्या,
श्रम, संयम की दमक लिए।
दुनिया का सबसे खूबसूरत पौधा विश्वास का होता है…..जो जमीं पर नहीं , दिलों में उगता है…!!
गहरे दु:ख हमेशा
नि:शब्द और मौन होते हैं !
मनुष्य कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए,
उसे हमेशा अपना अतीत याद करते रहना चाहिए।
हमें अपने जीवन से जुड़े अहम फैसले खुद लेने चाहिए,ताकी बाद में हमें उसका अफ़सोस ना हो।
छोटी सी लिस्ट है मेरी ख्वाहिस की,,,,,पहली भी तुम आख़री भी तुम,,,,,,
चलो एक कप #चाय बनाते हैं ... तुम चीनी बन कर घुल जाना, हम पत्ती बन कर रँग जमाते हैं ...
तमाम उम्र रूटने मनाने
में गुजार दी,,,,
हमदर्द कहते है
जनाब गर जिंदगी में
लुफ्त चाहिए तों
इश्क कीजिये
कहता है, वो महफूज रहे वो घर के बंद दीवारों में, बता...द्रौपदी कहा लूटी थी, घर मे या बाजारों में...!!
भर जाएंगे जब ज़ख्म तो आऊंगा दोबारा
मैं हार गया जंग मगर दिल नहीं हारा
"हम उस युग में जन्मेजहाँ युद्ध लड़े गएदेवालय बचाने कोस्त्रियों की देह बचाने को नहीं"
लाचार है बीमार है सही से चल नहीं सकता,एक गरीब बिना मेहनत किये पल नहीं सकता,और जो खुद कांटे हैं उन्हें तक़दीर सुख भेजती है,वहीं मुफलिसी उम्मीद लिए सड़कों पर फूल बेचती है..!!
सूरज सितारे चाँद मेरे साथ में रहे,जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे..
समुद्र जब लहरे लेना छोड़ दे तो, समझ लेना चाहिए कि अब सुनामी आएगी..!!
दर्द
अपमान
ठोकर
और धोखा इंसान को पूरी तरह बदल देते हैं !
हर एक हर्फ का अन्दाज बदल रक्खा हैआज से हमने तेरा नाम ग़ज़ल रक्खा हैमैंने शाहों की मोहब्बत का भरम तोड़ दियामेरे कमरे में भी एक ताजमहल रक्खा है।
साथ ठहरना आना चाहिए "साहेब"...
चलने को तो सब तैयार हैं...!!
इलाज़ ना ढूंढ तू इश्क़ का, वो होगा ही नहीं, इलाज़ मर्ज़ का होता है इबादत का नहीं..!!