शब्दों से तुम बन गए
पंक्तियों में मेरे ढल गए
स्याही में मेरे पिघल गए
रचना मेरी तुम बन गए।
हर छंद में तुम रम गए
मैं तुम पर अब क्या लिखूं?
मेरे गीत के नज़्म बन गए
जीने की वजह तुम बन गए।
स्वर लहरी तुम बन...
उम्र कुछ नही कहती..
कारनामे हैसियत बता देते है..!!
वो करता है जब भी तारीफ़ मेरी... हाय,चेहरा मैं उसके सीने में छुपाती हूं..!!
समझ के बाहर भी
एक दुनियाँ होती है,
जो दुनियाँ की समझ के
बाहर होती है l
ख़्वाहिशों पर पाबंदी ख़्वाबों पे पहरा है ,
कौन समझेगा दर्द मेरा कितना गहरा है।।
मरना यहाँ
बहुत है आसान
ज़िन्दगी जीना है
हिम्मत का काम
हथियार रख
मैदान छोड़ना है आसान
संघर्ष पथ पर चलना है
हिम्मत का काम
रोते रोते बिखरना और
टूट जाना है आसान
मुस्कुराते हुये गिरना और संभलना है
हिम्मत का काम
मरना यहाँ
बहुत है...
सुविधाएं अगर हमारी आजादी को गिरवी रख लें,
तो उन सुविधाओं का सुख सहूलियत मात्र नहीं होता,
गुलामी में बदल जाता है।
चित्रा मुग्दल
रूठे हुओ को मनानाऔर गैरो को हसाना हमे पसंद नही...
ज़रूरतें तो फिर भी मान जातीं हैं
भूख के पास मगर होता नहीं दिमाग़
मैं किसी शख़्स से बेज़ार नहीं हो सकता
एक ज़र्रा भी तो बेकार नहीं हो सकता ।
खामोश रहना हमें वहीं सिखाते है
जिनसे हम बात करना चाहते हैं ..!!
जो जवाब वक्त पर नहीं मिलते,
अक्सर वो अपने मायने खो देते हैं।
आज खुद को खुश रखना,इस दुनियां का सबसे बड़ा संघर्ष हैं…
नहीं आती नींद अब इन आंखों में,तेरे इश्क़ ने मेरी रातें खराब की हैं..!!
कुछ गुमनाम सा इश्क है ये मेराअधूरा था अधूरा है और अधूरा ही रहेगा..🥀
मैं कोई रिश्ता नहीं हूं जो तुम निभाओगे मुझे ,
मैं मोहब्बत हूं बस मोहब्बत से ही पाओगे मुझे ..!!
सच्ची मोहब्बत हो जाए तोफिर जिस्म की बात नहीं होती….!!
ईश्वर जिन्हें खून के रिश्ते में बांधना भूल जाता है... उन्हें दोस्त बना देता है.
यकीन है "भगवान" पर, यमदूत के रूप में हमारे "पर" आएंगे,
तब इस बेदर्द "जमाने" को, हम भी "उड़" कर कर दिखाएंगे..!!
विरक्ति
फल हमेशा बीज से बड़ा होता है,
ठीक वैसे ही परिणाम भी कर्मों से बड़ा होता है !!!