जिंदगी रेल सी गुजर रही है,और उम्मीदें स्टेशन सी छूट रही है।
प्रेम से अनमोल भला
क्या तुम इस जग में पाओगे
ढूंढो तुम ईश्वर को
उसे बंधा प्रेम में पाओगे
काँटो को समझने के लिए बुद्धि काफी है,फूलों को समझने के लिए तो हृदय चाहिए !!!
कोई भी मां तब ज्यादा बेचैन होती है
जब बात उसके बच्चों पर होती है ।।
समझौता करो तो खुद से करो क्योंकि, अपने से फैसला लेना भी सही रास्ता होता है !!
तुम्हे केसे बताएं तुमसे क्या चाहते हैबस वफा के बदले थोड़ी वफा चाहते हैहमसे मोहब्बत की इंतहा ना पूछोहम तो सनम तुम्हे बेइंतहा चाहते हैतुझे मानते हैं तुझे पूजते हैतुझमें ही अपना खुदा चाहते हैअपने आशिक पे थोड़ा सा एहसान...
कभी-कभी कुछ लोग अपने बोले हुए अल्फाजों की वजह से,
हमेशा के लिए दिल से उतर जाते हैं।
सिर्फ एक गलती की देर है,लोग भूल जाएंगे आप पहले कितने अच्छे थे।
तहज़ीब, अदब और सलीका भी तो कुछ है,
झुका हुआ हर शख़्स बेचारा नहीं होता….
जब तक मन में खोट और दिल में पाप है !
तब तक बेकार सारे मंत्र और जाप है !
मूर्ख से तारीफ सुनने से बेहतर हैं,
बुद्धिमान की चार गालियां सुन लो...
ये कैसा नशा है मैं किस ख़ुमार में हूँ तू आके जा भी चुका है मैं इंतज़ार में हूँ
तेरी आँखें नीले आसमान को लज्जित कर देती हैं,
तेरा मुस्काना फूलों को भी फीका कर देता है।
तेरे बालों की लहरों में, समंदर भी खो जाएगा,
तेरी आवाज़ से बुलबुल की चहचहाहट फीकी पड़ जाएगी।
तू है अपनी खूबसूरती में बेमिसाल।
तुझमें सारी सुंदरता...
बेवफा लोग बड़ रहे है धीरे धीरे
एक शहर अब इनका भी होना चाहिए..!!
अपने आप में शांति पाने के लिए, तुम्हें विचारों के बंधनों से मुक्त होना होगा !
जा बिछड़ जा मगर ये ख़्याल रहेयूं ना हो कि उम्र भर मलाल रहे
नीरज से बढ़ के और धनी कौन है यहाँउस के हृदय में पीर है सारे जहान की
राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलेंरास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो !
मूर्ख दूसरों पर हसते हैं, और बुद्धिमान खुद पर...
कुछ गधो ने मिलकर कुत्ते को शेर बना दिया, अब ये गधा पूरे देश को समझाने मे लगा है की वो सचमुच का शेर है...