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World's Best Cow Hospital

इंसान की अकड़ वाजिब है जनाब, पैसा होने पर तो बटुआ भी फूल जाता है !!

औकात जो नाप रहे हो ज़ुबान की धार से , ज़रा ख़ुद में झाँक लो ज़मीर के दीदार से...

कहानी शुरू हुई है तो खत्म भी होगी किरदार काबिल हुए तो याद रखे जाएंगे!

गालों पर उंगलियों की छाप पीठ पर लात जूतों की बरसात होंठों पर दाँतों के निशान मुख की कोरों से बहता रक्त कानों में गूँजती रिश्तों को शर्मशार करती हुईं गालियाँ 'उन दिनों'. उसकी टाँगों के नीचे आने से मैंने मना क्या कर दिया बस.. उसने एक चुटकी...

हिचकी यादों की नागरिकता है।

प्रेमिका को बाइक पर पीछे बिठा करब्रेक मारने का सपना, सपना ही रह जाएगा लगता है !

किस्तों में बिखरीं हँसी देखी है हमनें ज़िंदा रह कर ख़ुदकुशी देखी है....!!

एक दिन जियूंगा अपने लिए भी , ये सोच कर पिता ने सारी उम्र गुज़ार दी ।।

अजीब अदा है लोगों की ... नजरें भी हम पर और नाराजगी भी हमीं से...!

अगर आपको पक्षियों की आवाज़ पसंद है तो पिंजरे मत बनाइए, पेड़ लगाइए। ~ अज्ञात

मुकेश को याद करते हुए...१०० साल {1923-2023}

साधू भूखा भाव का, धन का भूखा नाहिं, धन का भूखा जी फिरै, सो तो साधू नाहिं। कबीरदास

दिलों के दरवाज़े नहीं होते, बस सरहदें होती हैं।

कभी कभी सिर्फ नोट ही नहीं खम्भे जैसे इंसान भी जाली होते हैं..!

पहले पड़ोसी भी परिवार हुआ करते थे, अब परिवार भी पड़ोसी हो गए हैं...

मोह माया सब मृगतृष्णा है ...

आँखों से निकले हर आँसू कोतलाश होती है अपनी एक मुस्कान की … -मधुलिका

हर रात तुम्हें भूल जानें की ख्वाहिश से सोती हूं,हर सुबह फिर एक बार तेरे हो जानें के ख़्वाब लिए उठती हूं!

नियत सच्ची होनी चाहिए, चेहरे तो अक्सर झूठ बोलते हैं...

तजुर्बा उम्र नहीं मुर्शदतजुर्बा हालात सिखाते हैं


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