सफेद सलवार पे पीली कुर्तीमत पहना करो 😍
मम्मी देखकर बोलती है देख तेरीकढ़ी चावल आ रही.!! 🤓😁
यादें दस्तक देती हैं
आँखें नम हो जाती हैं
होठ खामोश रह जाते हैं
दिल की धड़कनें
शोर बहुत मचाती हैं
मधुलिका
बस एक ख्वाहिश है की एक ऐसी डेट हो...जिसमे ☕चाय के साथ तुमसे भेट हो....
परवाह करने वाले ढूंढ़िये ,
इस्तेमाल करने वाले तो खुद
आपको ढूंढ लेंगे।
आधुनिक युग मे मनुष्य अब सम्मान से
ज्यादा "सामान" पाने की चाह में रहता है.
मृदुल눈
हमसे दिखावा नहीं होता,
हम आईना है हमसे ये फरेब नहीं होता।
खामोशी को चुना है मैंने
क्योंकि बहुत कुछ सुना है मैंने...!!!
"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है…और "किस्मत" महलों में राज करती है..!!
अभी माचिस है तेरे हाथ में ,
तू जितने चाहे घर जला !
पर हवा के मिज़ाज से खौफ़ खा ,
कहीं तेरा घर भी न दे जला !!
अब तेरी आँख में आँसू किस लिए !पागल जब छोड़ ही दिया था तो भुला भी दिया होता !
बात चाहे हम पूरी दुनिया से कर ले…..पर पगलू तेरी कमी कोई भी पूरी नहीं कर सकता…!!
कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है।
ना जाने यह ज़िंदगी कैसे-कैसे इम्तिहान लेती है
फूलों के गुलदस्ते में छुपाकर खंजर जान लेती है
घबराया साहेब बात बात पर डरता है,जब डगमग होवे कुर्सी तब धर्म को आगे करता है।पटर पटर बोले है ये सौ में नब्बे झूठ,राम नाम का लगा मुखौटा लेगा सब को लूट।चीन बढ़ाता अपना नक्शा उससे छिपता फिरता है,घबराया साहेब...
इक़ अरसे बाद मिलना हुआ
उसने बस इतना ही पूछा था
आपका मिजाज कैसा है...!
बोल नहीं फूटे बस..आंखे भर आईं
ये तो बस हम ही जानते हैं उम्र कैसे गुज़ारी है,बगैर तेरे गुज़रता लम्हा आख़िर कितना भारी है
किरदार बह गया पानी में...
हम तैरते ही रह गए कहानी में..!!
जिसके पास जीने का मकसद है वो कुछ भी सहन कर सकता है।
खामोशियां बे वजह नहीं होती ,कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं…
हम दोनों जानते हैं
वह दिन बुरा था सबसे बुरा
जिस दिन हम आखिरी बार मिले थे
लेकिन
आज मैं दावे से कह सकता हूं
वह दिन
इतना भी बुरा नहीं था
कम से कम
उस दिन हम दोनों आखरी बार...