कह न पाऊं तुझे
क्या खता होगी
दर्द सीने में कही
जिक्र शाम होगी .!!
#नजरो_की_नजाकत
अदावत खूब होगी
लौट आ हमसफर
तेरी रजा होगी ..!!
हिज्र आंखो से पूछ
आंखे खुमार होगी
तेरे पहलू में खो जाऊं
आंखे ए मदहोश होगी ..!!
हम अकेले रहने वाले लोग
किसी को साथ देख कर क्यूं जलेंगे..
जब तक मनचाहा परिणाम ना मिले , प्रयास करना ना छोड़ें, क्योंकि सब्र करना अफ़सोस करने से बेहतर है ...
शुरुवात तो सभी अच्छी करते हैं,
मसला तो सारा आखिर तक,
अच्छे बने रहने का हैं..!!
तारो को गिनने की चाहत में चाँद खो देते है लोग,
बेटे पाने की चाहत में बेटियों को खो देते है लोग !
पुरानी शाख से पूछो कि जीना कितना मुश्किल है..,
नए पत्ते तो बस अपनी अदाकारी में रहते हैं...!!!
"मां नहीं है"पीहर के Gate पर पहुंचते हीमां, मां, मांका शोर करते हुए अंदर घुसनाअब थम सा गया हैक्योंकि मां नहीं हैकुछ अपनी कुछ पराई बातें होती थींकुछ जुबान से तो कुछ आंखों ही आंखों मेंसमझ जाती थीअब कहने को...
नफ़रत तो इंसान का बनाया हुआ
जाति मसला है...🖤🖤
वरना कुद़रत तो हमेशा
मोहब्ब़त का दर्श़ देती है...❣️❣️
जो चले गए बड़े सकूं से होंगेजो जी रहे उनके दिल से पूछो ..!!
वक्त बहुत ही कीमती चीज होता है जनाबकभी इसको फालतू कार्यों में बर्बाद ना करें..
खामोश रहना हमें वहीं सिखाते है
जिनसे हम बात करना चाहते हैं ..!!
सिर्फ सपनों का पीछा करने से नहीं मिलती मंजिलें, रफ्तार समय से मेल भी खानी चाहिए !
लोग जिस हाल में मरने की दुआ करते हैं,
मैं ने उस हाल में जीने की क़सम खाई है!!
पत्थर दिल बनना मेरी मज़बूरी हैअगर मैं बिखर गया तो कोई समेट नहीं पायेगा।।
कोई नहीं करता प्यार मुझसे,नफ़रतों का बन गया चेला हूं मैं,न साथी न हमदर्द, न कोई रहबर,दुनिया में बहुत अकेला हूं मैं.
रात तो सब की एक ही है ,
बस अंधेरा हर किसी का अपना अपना है ..!!
'आज का प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति प्रेम का भूखा है।'
~ मुक्तिबोध
ज़िंदगी में एक बार मोहब्बत ज़रूर करनी चाहिए
ताक़ि ये पता चल जाए मोहब्बत क्यों नहीं करनी चाहिए
औरत, आवाज़ उठाने भर से बेग़ैरत हो जाती है और आदमी बार बार हाथ उठाकर भीथोड़ा और ज़्यादा मर्द ही होता रहा…!
आज कल हम अकेले ही रहते हैं,
खुद की सारी बातें खुद से ही कहते हैं.....