World's Best Cow Hospital

लोग देखते ही रहे कि हमें टूटा हुआ देखें,और हम थे कि दर्द सहते-सहते पत्थर के हो गए।

सबसे बड़ी ख़ुशी उसी काम को करने में है ,जिसे लोग कहते हैं कि ये तुम्हारे बस का नहीं है …

किसी के चेहरे की हँसी से उसके दर्द को भी महसूस करो , सुना है लोग हंस - हंस के खुद को सज़ा भी देते हैं ..!!

लग चुकी है मनजिल कि तलब खुद को आग में झोंक देंगे,,मुश्किलें कहता है मारा जाएगा, हौंसले कहते हैं देख लेंगे..!!

कुछ कश्तियाँ डूबी है, अपने सूराखों की वजह से भी, यूँ हर बार इल्ज़ाम,, तूफानों पर न लगाया करो।। सेजल

हों रहें हैं हादसे रोज़ मर रहा हैं इंसान कमाल की बात ये हैं सांसे फिर भी चल रही हैं..!!

उस इंसान का मंजिल से भटक जाना तय है, जिसकी संगत में नकारात्मक लोग रहते हैं..!

यूॅं बार-बार मुझसे पूछकर मेरा इश्क़-ए-बयां , तुम "सज़दों" को शब्दों में तौला न करो..!!

मांगने से प्रेम नहीं मिलता, सिर्फ सहानुभूति मिलती है।

मेरी तड़प ना समझी मेरे जज़्बात समझती,गर प्यार ना दे सकी तो नफ़रत भी ना करती,और हर पल बिलखने के लिए छोड़ दिया मुझको,मुकम्मल मौत दे देती यूं अधमरा ना छोड़ती..!!

गहने, झुमके, कंगन के बिना भी मैं तुम्हें सजा सकता हूं मैं शायर हूं, अपने लफ़्ज़ों से ही तुम्हें दुल्हन बना सकता हूं

जिंदगी एक खेल है और ये आप पर निर्भर करता है , खिलाड़ी बनना है या खिलौना......!!

हम मान ही नहीं सकते की पुरूषों की भीड़ ने दो स्त्रियों को निवस्त्र कर दिया, काश!..वहाँ एक भी पुरुष होता.

लगाव कैसा भी हो,,आखिर मेंदुख का कारण हीं बनता है...!!

हमारी शक्ति हमारे निर्णय करने की क्षमता में निहित है।

घास बड़ी होती हैतो आपस में दोस्त हो जाती है पेड़ बड़े होते हैं तो अकेले हो जाते हैं….. ~ लीलाधर जगूड़ी

थोड़ा रंग बचा के रखना, देर से ही सही मगर हम आएंगे जरूर..

मेरा बुरा वक्त क्या आ गया आज अंधों को भी मेरे में कमियां दिखने लगी!!

मैं तुम्हारे मिज़ाज के मुताबिक नहीं हूँ, हाँ कड़वा ज़रूर हूँ मगर मुनाफिक नहीं हूँ..

आत्मबल को भेदती इस तीक्ष्ण गर्मी में, मानसूनी बारिश की पहली फुहार हो तुम...


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »