World's Best Cow Hospital English लग चुकी है मनजिल कि तलब खुद को आग में झोंक देंगे,,मुश्किलें कहता है मारा जाएगा, हौंसले कहते हैं देख लेंगे..!! कितना ख़ास बनाया था हमें ईश्वर ने हम कितने आम बन गए हैं मशीनों से ग़ुलामी कराते कराते मशीनों के ग़ुलाम बन गए हैं अगर जिंदगी में सुकून चाहते हो तो , फोकस अपने काम पर करो लोगों की बातों पर नहीं ... महरुमीयों की अपनी कोई इंतेहा नहीं ,कभी चेहरा नही, तो कभी आईना नही ।तुम जिस से कर रहे हो मेरे हक में बद्दुआ ,मेरा भी है खुदा, वो फकत तुम्हारा नही । चाय में अपना भी एक हुनर हैजो पास नही होता उसको भीखींच लाती है यादों मेंअपने साथ हर शाम आंधी ने तोड़ दी है दरख्तों की टहनियां कैसे कटेगी रात परिंदे उदास हैं! किसी में कमी दिखाई दे, उसको समझाइये..! सभी में कमी दिखाई दे, खुद को समझाइये..! इश्क से नशीला कोई नशा नहीं है, घूंट–घूंट पीते है और कतरा कतरा मरते है... फीते से क़िरदार को क्या नापे कोई , हकीकत इंसान की हरक़त बता देती है। धैर्य बनाकर रखें और मेहनत करते रहें,आपका किस्सा नहीं एक दिन कहानी बनेगी..!! जब किसान के बेटे को गोबर में बदबू आने लग जाए तो समझ लो कि देश मे अकाल पड़ने वाला है। ~ प्रेमचंद अपने राज दिल में रखा करो,यहां दोस्तों के भी दोस्त होते हैं..!! आजादी का सबसे बड़ा दुश्मन, संतुष्ट गुलाम है। शुरुआत तो सब अच्छा ही करते हैंमसला तो आखिर तक चलने का है मुक़द्दर की लिखावट का एक ऐसा भी काएदा हो.... देर से किस्मत खुलने वालों का दुगुना फायेदा हो...!!! रूह की बाते करने वाले अक्सरमिलते ही जिस्मों पर हमला करते हैं…!! ज़िंदगी के सफ़र को एक नया मोड़ दो.. जो तुमको भूल जाए, तुम उसको छोड़ दो..!! जिंदगी के सफर में उठे मेरे कदम एक दूजे से बात करते हैं साघते है ज़िन्दगी का सुर मीठा और बहते आवारा हवा से तुम्हें याद करते है राजेश गौरी औरत ने जनम दिया मर्दों को.. मर्दों ने उसे बाज़ार दिया जब जी चाहा मसला कुचला जब जी चाहा घुत्कार दिया अपनी किस्मत और लोगों कि गंदी नियत ताकने में, एक बिटिया की उम्र गुज़र जाती है दरीचा झांकने में..!! Prev1…777879…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.