आधुनिकता के नाम पर नंगे हो रहे हैं तन
इसका मतलब जानवर कहीं हमसे आगे है
हर समस्या का समाधान होता है…तो अब इस समस्या का समाधान क्या है ?
ना बाप का साया,
ना रिश्तेदार और ना ही कोई रहबर है,
सर पर कई जिम्मेदारियां ऊपर से मुफलिसी का कहर है..!!
यह जो काया की माया हैइसी में संसार समाया है।
~प्रियदर्शन
अब जा के ये खुला कि हर इक शख़्स दोस्तोहर शख़्स को लिबास से पहचानता रहा…
अगर वजह ना पूछो तो एक बात कहूं ,बिन तेरे अब हमसे जिया नहीं जाता !!
जबरदस्ती की नजदीकियों से ,सुकून की दूरी अच्छी ।
खुशियां हर तरफ हैं....
इंसान है की बस देखता एक तरफ है..!!
हम इंसान हैं ,
मैं चाहता हूं कि इस वाक्य की सच्चाई बनी रहे..!!
लाइलाज मेरे जख्म का अगर सनम तुझे पता नहीं, आंखों से दे ज़हर इश्क की इससे अच्छी दवा नहीं
उन्हें याद करें! विक्रम साराभाई, नेहरू, अब्दुल कलाम
रिश्ते को बचाने के लिए कभी अंधा,
कभी गूंगा तो कभी बहरा बनना पड़ता है..!!
श्री कृष्ण
अंधेरे से नहीं अंधेरे में रखने वालों से बचिए !!!
तौक़ीर अँधेरों की बढ़ा दी गई शायद...
इक शम्अ जो रौशन थी बुझा दी गई शायद...
नफरत नहीं करूंगा तुमसे
माफ करके शर्मिंदा करुंगा।
तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ। यह महान दृश्य है, चल रहा मनुष्य है, अश्रु श्वेत रक्त से, लथपथ लथपथ लथपथ, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
पता नहीं था चाहत ऐसी भी हो जाएगी
तुम मिलोगे और आदत तुम्हारी हो जाएगी...
राय पहले से बना ली तू ने
दिल में अब हम तेरे घर क्या करते
किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल,कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।
इस दुनिया में सब कुछ कीमती है, एक पाने से पहले और दूसरा खोने के बाद । ~ गुलज़ार