World's Best Cow Hospital English गिर कर उठना आसान है कोशिश कर के तो देखो तुम बिखर गया है जो कुछ भी एक बार तो उसको समेटो तुम हम को बचपन ही से इक शौक़ था बर्बादी से नाम लिख लिख के मिटाते थे ज़मीं पर अपना! रहिमन ओछे नरन सो, बैर भली ना प्रीत। काटे चाटे स्वान के, दोउ भाँति विपरीत॥ जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है रामधारी सिंह दिनकर वास्तव में वह व्यक्ति बुद्धिमान है..जो क्रोध में भी गलत बात नहीं बोलता हैं.!! भूत पहले ही बीत चुका है, भविष्य अभी तक आया नहीं है। तुम्हारे लिए जीने के लिए बस एक ही क्षण है।~ गौतम बुद्ध न मैं गिरा और न मेरे हौसलों के मीनार गिरे। पर, लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे... प्यास बुझने के बाद खाली बोतल भी बोझ लगने लगती है इश्क़ के तो साथ मसअला है ये जान वफ़ादारों की ही लेता है पहले ख़ुद पर ध्यान दो…बाद में दूसरों को ज्ञान दो … !!! वफ़ा करेंगे निबाहेंगे बात मानेंगेतुम्हें याद है कुछ ये शब्द किस के थे.! बल से तो दुसमन न जीते, छल से दोगले जीते भी तो क्या जीते...... डरता है ज़माना मुझसे..... जब मैं उसके पीछे और वो मेरे आगे चलता है..!! सिलवटें उतर गई थी चेहरे कि, खुशियों के इंतज़ार में, मगर मुफलिसी अपनी ऐंठ में, दस्तक लगाए बैठी रही..!! भर जाएंगे जब ज़ख्म तो आऊंगा दोबारा मैं हार गया जंग मगर दिल नहीं हारा सपेरों ने सांपो को ये कहकर बंद कर दिया, इंसान ही काफ़ी है इंसान को डसने के लिए। जीवन में अंधकार आँखें खोलने ही आता है। लोकतंत्र ज़िंदाबाद..!संविधान ज़िंदाबाद..!हिन्दुस्तान ज़िंदाबाद..! कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो दुष्यंत कुमार जिसके भाग्य में कुछ नहीं होता, उसके हाथ में सब कुछ होता है। नीलोत्पल मृणाल Prev1…697071…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.