पता है मुझे ऐ ज़िन्दगी
कदम कदम पर
तू मुझे रुलायेगी
मगर याद रख
तेरे ज़ुल्मों सितम की उम्र है छोटी
मेरे होंठों की हंसी से
तू पल पल मात खायेंगी
दुनिया में कोई गलत नहीं होता, उसके लिए वो सही है हमारे लिए हम सही है !!
उम्मीदें इंसान से लगा कर शिकायत ऊपरवाले से करते हो!
कुछ लम्हे ऐसे होते हैं,जो उम्र भर की याद बन जाते हैं,वो पल, वो वक्त, वो एहसास,दिल के सबसे करीब आ जाते हैं।
बेवफ़ाओं के तो बन जाते हैं हज़ारों महबूब,
निभाने वालों का कब कौन यहाँ होता है
कहना राम जी से हालत नहीं ठीक है
हर परीक्षा का पेपर यहाँ लीक हैं
मुक्कमल करनी हो जिंदगी तो कोलाहल ना करेराहों में लगी ठोकरों का यूं मलाल ना करेअगर खुद पर यकीन है तो उसे पूरा कर कुछ कमाल करेयूं छोटी मोटी बातों पे ऊपर वाले से बेतुके सवाल ना करें
मुझे हजार चाहने वाले नही..
बस एक समझने वाला चाहिए..!!
मिल जाता है सुकून उनकी तस्वीर देख कर,कुछ शख़्स हमारी ज़िंदगी में ऐसे भी होते हैं..!!
मेरे दिल के सिस्टम को लॉक कर गई..बस बेबी ही कहा था मुझको ब्लॉक कर गई..!!
दोस्ती जब किसी से की जाए,तो दुश्मनों की भी राय ली जाए !
शुक्रिया है जिंदगी यहाँ तक लाने के लिये,
यहाँ से अब मैं अकेला ही चला जाऊंगा…!!
पहले प्यार अंधा होता था
फिर उसने अपना इलाज़ कराया,
अब वो सब देखता है
गाडी,बांग्ला,पैसा !!
मंज़िल तय करने से पहले ही घर के हालात हरा देते हैं, कभी मुफलिसी पांव रोक लेती है तो कभी रास्ते डरा देते हैं..!!
मेरी कमियों को गिनाया न करो
ये गिनाने से बढ़ भी सकती हैं
मालविका हरिओम
कोई भी इंसान इतना खूबसूरत नहीं होताजितना उसे उसका चाहने वाला बना देता है
किसी को उजाड़ कर बसें तो क्या बसें,
किसी को रुलाकर हसे तो क्या हसे।
ये कागज की डिग्रियां नही करती फैसला संस्कारों का,आपकी तरबियत बताती है खानदान कैसा है
इस भरी गर्मी में कुछ तो सुकून आ जाये..!या तो तू आ जाये या मानसून आ जाये..!!
जिसकी आंखों से आंसू की उम्मीद कर रहे थे
कमबख्त उसकी आंखों में शर्म भी नहीं दिखी।