गहराई ढूंढते है मेरे शब्दों में अब तुम..मैने दरिया में उतरना ही छोड़ दिया…
हर उम्र में अलग अलगखिलौने का शौक़ होता है...
जुबान में कड़वाहट जरूर है...
मगर किरदार में मिलावट नहीं...!!
बुद्धि और परिश्रम के शिवाय
दुनियाँ में कोई चमत्कार नही है तरक़्क़ी और सुख- शांति का ?
सही लोगों की रक्षा करें और बुरे लोगों का नाश !
प्रसन्न रहना बहुत सरल है, लेकिन सरल होना बहुत कठिन है।- रवींद्रनाथ टैगोर
तुम जहां रहो खुश रहना बेटा मैं अपना काम चला लूंगा…
कोई पूछेगा तो व्यस्त है बच्चा कह के इज्जत बचा लूंगा…
हाथ पांव चलते रहेंगे तो बस कुछ साल और निभा लूंगा…
पैसा जरूरी है भविष्य के लिए मैं सब को यह...
जब हक़ीक़त से रूबरू हुआ
तब मालूम हुआ कि
बातों से ही अपने थे “अपने” !!
किसानों के लिए MSP की लड़ाई
युवाओं के लिए रोज़गार की लड़ाई
वंचितों के लिए हिस्सेदारी की लड़ाई
जन-जन के लिए लोकतंत्र की लड़ाई
लहजे ही बस रसीले हैं,अंदर से सब ज़हरीले नाग हैं…
बड़ा नौकर बनने से अच्छा हैं,
एक छोटा सा मालिक बना...
वैसा ही खराब शख्स हुँ मैं भी, जैसा कोई छोड़ कर गया था....!!
किसी की परवरिश पर उंगली उठाने से पहले स्वयं के संस्कारों का भी आंकलन कर लेना चाहिए...
सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाऊँगा मैं इस बात को, कि बहुत गौर से देखा था तुमने मेरी चाय को ...
दिल अगर काला हो तो..🖤
गोरे रंग पर इतराना वेबकूफी है"
भूत पहले ही बीत चुका है, भविष्य अभी तक आया नहीं है। तुम्हारे लिए जीने के लिए बस एक ही क्षण है।~ गौतम बुद्ध
चाय को तीसरी बार गर्म करके पिओगे
तो जहर बन सकती है
यहां दरिया पे पाबंदी नहीं है,मगर पहरे लबों पे लग रहे है !
इस समाज में जो आदमी बुरा नहीं है,
वो बेवकूफ समझा जाता है...
कई बार हम लोगों को इसलिए भी खो देते है..
क्यूंकि हम उनके लिए जरूरत से ज्यादा मौजूद रहते है..