World's Best Cow Hospital English जंगल में जानवर मांस नोचकर खाते हैं, जबकि इंसानी बस्तियों के दो पैरों वाले भेड़िये, देह के साथ आत्मा भी नोचकर खा जाते हैं । राजेश गौरी राजा की जान तोते में है और तोते को हमने घेर लिया है दौलत तो विरासत में मिल सकती है,लेकिन पहचान अपने दम पर बनानी पड़ती है ! दुख की शाम हो या सुख का सवेरा…सब कुछ कबूल है अगर…"साथ हो तेरा"…!! कैसे करूँ मैं खुद को तेरे काबिल ऐ जिन्दगी , हम आदतें बदलते हैं, तो तू शर्तें बदल लेती है ..!! पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है, पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले पागल घोषित किए जाने से। खिड़कियां मत खोलो अजनबियों के वास्ते कितने ही खास हो जाएं पर ये वफादार नही होते तू ज़ाहिर है लफ़्ज़ों में मेरे मैं गुमनाम हूँ खामोशियों में तेरी… कुछ लोग ठोकर खाकर बिखर जाते हैं…कुछ लोग ठोकर खाकर इतिहास बनाते हैं…!! तेरे ना होने से बात कुछ यूँ बिगड़ गयी,आँखें सुखी ही नहीं और रातें गुजर गई। घर कैसा भी हो, मां के बिना अधूरा ही लगता है... पिता बिना न हस्ती तेरी, न कोई तेरा ठिकाना है पिता के नाम से आना जग में पिता के नाम से जाना है !! दोस्त कठिन है यहाँ किसी को भी अपनी पीड़ा समझाना दर्द उठे तो, सूने पथ पर पाँव बढ़ाना, चलते जाना सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जिस काम से आपका घर चलता हो,उस काम को करने से कभी शर्म मत करो। जो दिल मै होते है अक्सर... वो नसीब मै नहीं होते।। ज़लील होने से अच्छा,बद'तमीज़ बनकर जवाब देना.. प्रेम , प्यास, प्रयास की अपनी जिद होती हैंऔर अपने ही रास्ते संस्कार ही ऐसे मिले है जनाब दिल से उतरे लोंगो से भी तमीज़ से बात करते है... चाहता था मैं, वफा का सिला..🦋मगर वो भी जख्मों में ही मिला कितना तुम कमाल करते हो ,,होठों से ही चूमते हो होठों से ही कौसते हो ।। Prev1…646566…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.