एक दिन ऐसे भी जीना हैं ..
जी भर के पीना हैं ,सारे दुखों को भुला देना हैं ,जब तक होश ना खो दूँ,हाँ ! मुझे भी शराब पीना हैं ..
चांद के टेढ़े स्वरुप ने भी हमेशा प्रेमियों को सीधा प्रेम मार्ग दिखाया है।
राजेश गौरी
बांधकर "विरह" की बेड़ियों से मुझे "आईना" दिखाया था,
मैं "गधा" हूं "इंसान" नहीं ये बात उसने मुझे सिखाया था..!!
विरक्ति
अब बारिश से भीगी मिट्टी कि सौंधी खुशबू नहीं आती,वो अठखेलियां मचाती बचपन वाली बरसात नहीं आती..!!
हजारों किताबों को पढ़ो तुम्हारे शब्द नदी की तरह बहेंगे
लोग हत्या होते देख लेते हैं प्रेम होते नहीं देख पाते....!!
रो भी नहीं सकते खुलकर, ये मर्द होना भी क्या मुसीबत है....
ऐ जिंदगी जा ढुंढ कोई खो गया मुझसे ,
अगर वो न मिले तो तु भी लौट के मत आना ..!!
ठहरूँ न गली में तेरी वहशत ने कहा थामैं हद से गुज़र जाऊँ मुहब्बत ने कहा था
सुकून मे इसलिए भी हु क्युकी,,,
धोखा सिर्फ खाया है दिया नहीं,,,
तीर्थंकर महावीर ने कहा-सोचो.शंका करो क्योकि सत्य केअनेक कोण होते हैप्रश्न करो.तब सत्य को पहचानोजरूरी नही कि वही शाश्वत सत्य है जो कभी किसी ने लिख दिया थामगर साथ ही हर बात में ‘शायद’ का ध्यान अवश्य रखना यही 'स्यादवाद...
रात को जब अकेला होता हूॅं
खुद को सवालों के कठघरे में पाता हूं
अगर पैसा और संबंध दोनों में से एक को महत्व देना पड़े तो, संबंध को बचाना पैसा तो आता जाता रहेगा..!!
चिंता से चतुराई घटे, दु:ख से घटे शरीर।
पाप से लक्ष्मी घटे, कह गये दास कबीर।।
आपके पास दोस्त कितने सारे है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता,
वक़्त पर काम कितने आए वो महत्वपूर्ण है ...
चलो हकीक़त से थोड़ी मुलाक़ात करते हैं ,जितनी औकात बस उतनी ही बात करते हैं !!
पहले ख़ुद पर ध्यान दो…बाद में दूसरों को ज्ञान दो … !!!
शुरू-शुरू में सब यही चाहते हैंकि सब कुछ शुरू से शुरू होलेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते हिम्मत हार जाते हैंहमें कोई दिलचस्पी नहीं रहतीकि वह सब कैसे समाप्त होता हैजो इतनी धूमधाम से शुरू हुआ थाहमारे चाहने पर।
~ कुँवर नारायण
कभी कभी दिल यूं भारी होता,
जैसे सीने पे पहाड़ रख दिया हो किसी ने