World's Best Cow Hospital English फ़िज़ा भी है जवां जवां हवा, भी है रावण रावण फिर आखरी बार भी नहीं मिला मुझसे, जो मिलने वाला था "उम्र भर के लिए" रातों को जागो, दिनों को निचोड़ो सपने होंगे पूरे, देखना न छोड़ो इच्छाएं स्वार्थी बना देती हैं, वर्ना जरूरतें तो स्वाभिमान में रहकर भी पूरी हो जाती हैं। महान व्यक्ति हमेशा योजना बनाकर कार्य करता है चढ़ते सूरज के पुजारी तो लाखों हैं 'फ़राज़'डूबते वक्त हमने सूरज को भी तन्हा देखा ~ अहमद फ़राज़ किस जगह रहिये कहां दिन काटिये क्या कीजिएगावों मे कीचड बहुत है शहर में कम है हवा मिट्टी के हम चराग़ हैं यूं मत बुझा हमें , नादान -- तेरे ताक की रौनक हमीं से है सफल रिश्तों के यही उसूल हैं,बातें भूलिए, जो फिजूल हैं… कुछ लोग लफ्जों से वजूद नापते हैं,साहिल पर खड़े होकर समुंद्र ताकते हैं. || शायरों से ताल्लुक रखो तबियत ठीक रहेगी ये वो हकीम हैं जो अल्फ़ाजों से ईलाज करते हैं || ज़िंदगी में एक बार मोहब्बत ज़रूर करनी चाहिए ताक़ि ये पता चल जाए मोहब्बत क्यों नहीं करनी चाहिए कार्यों को प्रारंभ न करना बुद्धि का पहला लक्षण है और प्रारंभ किए हुए कार्य को पूरा करना दूसरा। जिस दिन सादग़ी श्रृंगार हो जायेगी... यक़ीन मानिये, उस दिन आईने की हार हो जायेगी आदतें अलग है हमारी ज़माने से...रिश्ते कम ही सही लेकिन दिल से रखते हैं..!! कपड़े "सफेद" पहन कर जब तुम मुस्कुराती हो, कुछ देर के लिए "सूरज" को भी लजाती हो..!! शहर में आ कर पढ़ने वाले भूल गए किस की माँ ने कितना ज़ेवर बेचा था हर पल हर लम्हा खुशी ढूंढो, जिंदगी बहुत छोटी है जीने की वजह ढूंढो। कठिनाइयां मनुष्य को जितना सीखा सकती हैं.. दस गुरु मिलकर भी उतना नहीं सीखा सकते.!! अभी मत दीजियो ज़वाब के मैं झूम तो लूँ सवाल पर अपने हज़रत जौन एलिया Prev1…636465…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.