हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है,
हम उमीद पर नहीं अपनी जिद पर जीते हैं
जब तक मनचाहा परिणाम ना मिले , प्रयास करना ना छोड़ें, क्योंकि सब्र करना अफ़सोस करने से बेहतर है ...
ना दोस्त है कोई मेरा ना ही अब कोई रहबर है,
मेरी ज़िन्दगी में मोहब्बत का होना ही ज़हर है..!!
विरक्ति
आपके पास दोस्त कितने सारे है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता,
वक़्त पर काम कितने आए वो महत्वपूर्ण है ...
नहीं पढ़ीं जातीं सम्पूर्ण कविता अब उनसे'दो' पंक्तियाँ दो उन्हें, किताबें वापस ले लो।
माँ
वो बगीचा है;
जिसकी छाँव में ना जाने
कितने ही फूल
फलते-फूलते हैं।
कहीं चाँदी की है चम्मच
और रेशम के खिलौने हैं
कहीं काँटों का है बिस्तर
और बस सपन सलोने हैं
सुधीर...
ये चार दिन की जिन्दगी, किस किस से कतरा के चलूं, खाक हूँ मैं…खाक पर…क्या खाक इतरा के चलूं...
आंधियों को आख़िर ज़िद छोड़ना पड़ादम उनका निकाल दिया इक चराग़ ने
दुख उत्पन्न करने वाली चीजों से दूर रहो !
जीवन में दुःख और आनंद दोनों आते रहते हैं, इन्हें स्वीकार करो और आगे बढ़ो
शौक उड़ान की रखते हो तो बाज बनो,वरना यूं तो कोए भी आसमान में उड़ते बहुत देखे हैं।।
इश्क बेहद किया है हमने..इसलिए बस हदें ना लांघ सके..🍁
समझदार को मूर्ख कहना उतना ख़तरनाक नहीं
जितना मूर्ख को मूर्ख कहना।
उसके साथ रहो जिनकी तबीयत खराब हो, लेकिन उनके साथ कभी न रहो जिनकी नियत खराब हो..!!
मैं हूं कि जनवरी से आस लगाए बैठा हूं
तुम हों की जून में भी नहीं पिघल रही हों
कलियुग है करेला बनो..मिठाई बनोगे तो मिट जाओगे..!!
मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला
घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे
बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला
ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने
बस एक शख़्स को माँगा...
घाव के ठीक हो जाने से,हादसे भूले नहीं जाते...
यह जो काया की माया हैइसी में संसार समाया है।
~प्रियदर्शन