World's Best Cow Hospital

बेवजह खुश रहो... वजह महंगी है.....!!

हम किसी के दुख का कारण बन जाएं,इससे ज़्यादा दुख की बात क्या होगी भला.

घर का बटवारा मंजूर मुझे दिलों का #बंटवारा कभी ना हो...!!धन दौलत सब बाट लो लेकिन रिश्तो में इंसानियत की कमी ना हो..!!दूरी हो चाहे कितनी लेकिन दिल की दूरी ना कभी ना हो..!!दुख दर्द देख कर दूजे का ऐसा...

मंजिलों की परवाह ना कीजिए, जिंदगी सफर है आप चाय पीजिए...

चार दिन आंखों में नमी होगी, मैं मर भी जाऊं तो क्या कमी होगी ?

में मिट्टी जैसे मैला, वो साफ़ जैसे रेत मैं चाय जैसा साँवला, वो दुध जैसी सफेद !

"मां नहीं है"पीहर के Gate पर पहुंचते हीमां, मां, मांका शोर करते हुए अंदर घुसनाअब थम सा गया हैक्योंकि मां नहीं हैकुछ अपनी कुछ पराई बातें होती थींकुछ जुबान से तो कुछ आंखों ही आंखों मेंसमझ जाती थीअब कहने को...

मैं मरना पसंद करूंगा मगर गूंगा बहरा बन कर रहना नहीं

भूल गए है कुछ लोग हमे इस तरह.. यकीन मानो यकीन ही नही आता !

नहीं पढ़ीं जातीं सम्पूर्ण कविता अब उनसे'दो' पंक्तियाँ दो उन्हें, किताबें वापस ले लो।

बड़ा नौकर बनने से अच्छा हैं, एक छोटा सा मालिक बना...

तू जहां तक दिखाई देता है.. उसके आगे मैं देखता ही नहीं..

मत पूछ तेरे लिये हम कितना तड़पते थे, आंसू छिपाकर अपने अंदर से बिलखते थे..!!

मजबूत बनो बेटा मां बाप रहम खा लेते है... ये दुनिया रहम नहीं खाती...!!!

सुबह की चाय और बड़ो की रायसमय समय पर लेते रहना चाहिए।

यादें ही तो जिंदगी का असली खजाना है. बाकी तो सबको खाली हाथ ही जाना हैं..!!

चरित्र कि कसौटी पर स्त्री के जज़्बात निचोड़े जाते हैं,पवित्रता कि परीक्षा में हर बार उसके कपड़े उतारे जाते हैं,हर पीड़ा सहकर भी खामोश रहती है वो,उसके ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशां छोड़े जाते हैं..!!

फूल जैसी होती है , वफ़ा की तासीरख़त्म होते ही , मिट्टी में अपनी खुशबू छोड़ जाती है …

वफ़ा की उम्मीद एक बेवफ़ा से लगाई है, मैने अपनी अर्थी अपने ही हाथों से सजाई है

जिस तट पर प्यास बुझाने से अपमान प्यार का होता हो‚उस तट पर प्यास बुझाने से प्यासा मर जाना बेहतर है।


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