किसी के लिए जरूरी होना,और फिर गैर जरूरी होनाहाँ , यही तो जिंदगी है…
जो जवाब वक्त पर नहीं मिलते,
अक्सर वो अपने मायने खो देते हैं।
मन से जुड़कर तुझे तौलती हूं ,मैं हम से जुड़कर हमसे महकती हूं .. !!
अपमान से भरी गुलामी की जिंदगी से तो मौत हजार गुना अच्छी है ।
भगत सिंह
प्यादो से बस्ती जलवाकर राजा मातम मनाते हैं,राजनीतिक लोग इसी चक्रव्यूह में शासन चलाते हैं।
देखता हूं तुझे बड़ी गौर से ऐ इंसान
सुना है तू दिन भर में कई रंग बदलता है
जरा अदब से जनाब
हम शांत हैं ' संत नहीं।
शाम को तेरा हस के मिलना..दिन भर की तनख्वाह है मेरी...!!
किसी ने पूछा अच्छी लड़कियां होती है किया ???मैंने कहा लड़कियां तो अच्छी होती हैं …..मगर उन्हें देखने के लिए हवस भरी नहीं,परख भरी निगाहें जरूरी होती हैं ,,,,!!
प्यार ऐसा करो कि,
दुबारा करने की हिम्मत ही ना बचे!
अंत का भी एक अंत होता हैं,
कुछ भी कहाँ अनंत होता हैं...
जीवन में अंधकार आँखें खोलने ही आता है।
ना शाखों ने जगह दी न हवाओं ने बख्शा
वो पत्ता आवारा न बनता तो और क्या करता!
मनुष्य कितना भी बड़ा क्यो न बन जाए,
उसे हमेशा अपना अतीत याद करते रहना चाहिए।
ईश्वरचन्द्र विद्यासागर
न मुझे किसी को हराना है न ही मुझे किसी से जीतना, मुझे अपनी एक राह बनाना है और उस पर चलते जाना है!
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा….
ऐ खुदा, मेहनत कि दो रोटियों पर ये तेरी कैसी खुदाई है,
जिम्मेदारियों को बीच में छोड़ एक गरीब ने जान गंवाई है..!!
अजीब सी मोहब्बत
मेरे हिस्से आयी है ,,,,
ना दुवा है
ना सलाम है
पता नही
महबूबा मेरी
किस से लड़
कर आई है,,,,,
यूँ तो सबसे करती है
हंस हंस कर गल्ला
बस मुझसे ही
अकड़ कर
मुह को फुलाई है
बहुत गुरूर है दरिया को अपने होने परजो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ !
कि मरने के बाद भी मेरी आंख खुली रही,आदत जो पड गई थीं तेरे इंतज़ार की...