अंत सभी का समान है,
हम जीते जी क्या करते हैं,
बस वही हमें अलग बनाता है
बीतने को पूरी रात पड़ी है और जीतने को कितने स्वप्न!
~ बाबुषा कोहली
आप का क़द नहीं आप की विनम्रता आपकों बड़ा बनाती है
सबने कहा अच्छे से जाना
सिर्फ मां ने कहा बेटा घर जल्दी आना
मन में रखते हीन भावना, पेशे से शुद्ध चाटुकार हैं,
बनते कद्दावर नेता हैं, लेकिन फितरत से गद्दार हैं..!!
खुद की कीमत गिर जाती है...
किसी और को कीमती बनाते बनाते..!!
सुनो साहिब,
तुम्हारे प्रेम के रंगों से
रंगीन हुआ मेरा बेरंग
उदास सूना जीवन।
जी नहीं सकती अब
कभी भी तुमसे दूर रह
मर जाऊंगी तुम्हारे बिन।
ख्वाहिश नहीं मुझे
ज्यादा चीजों की
सिर्फ़ चूड़ियां कभी
अपनी पसंद की
पहना देना,
पायल तो नहीं
पहनूंगी तुमसे
कदमों में अपने कभी
तुम्हें नहीं झुकाना।
रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था
जेब खाली होने पर टूट जाता है हर वो रिश्ता जो खास होता है ,
हाल पूछता है हर कोई जब पैसा आपके पास होता है...!!
जिस देश में नेता का बच्चा नेता बन जाता हो,
उस देश में ग़रीब का बच्चा ग़रीब बनना तय है।
शिक्षा सबसे अच्छा दोस्त है।
एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मानित होता है।
शिक्षा सौंदर्य और युवाओं की धड़कन है"
- चाणक्य
अंदाज कुछ अलग है अपने जीने का।लोग रुलाना नहीं छोड़ते, हम हँसना नहीं छोड़ते
आज फिर समय, मुकद्दर मेरी खुशियों से जीत गया है,
मेरी ज़िन्दगी का एक और साल तेरे बिना बीत गया है..!!
ना दोस्त, ना मसीहा और ना ही किस्मत ने साथ दिया था,
खुली किताब सा लड़का मैं जिसे इश़्क़ ने बर्बाद किया था..!!
दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो,जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाए…
अंधेरे से नहीं अंधेरे में रखने वालों से बचिए !!!
शहर जाकर बस गया हर शख्स पैसे के लिए ,
ख्वाहिशों ने मेरा पूरा गाँव खाली कर दिया ..!!
बढ़ रहा है ज़िंदगी का कैनवस हर दिन मगर
रंग गहरा अब नहीं दिखता किसी तस्वीर में
राघवेंद्र द्विवेदी
दुनिया तुली थी हमको बनाने पे देवता ,
पर हम किसी भी हाल में पत्थर नहीं हुए
तपिश भूख की जानवरों कि भी इंसानों जितनी है,
देखना ये है पेट भरने लायक तुममें इंसानियत कितनी है..!!
विरक्ति