मर्द की जेब में जब छेद हो जाता है ,
तो सिक्को से पहले रिश्ते गिर जाते है ...
आपकी सोच ही वो कलम है
जो आपका भाग्य लिखती हैं..!!
मुझे खुद को बचाने की कभी कोई इच्छा नहीं रही और मैंने कभी भी इसके बारे में गंभीरता से नहीं सोचा
~अमर शहीद भगत सिंह❣️ #जयहिंद 🇮🇳
तू नहीं तो कोई और सही,
कोई और नहीं तो कोई और सही,
बहुत लंबी हैं जमीं, मिलेंगे लाख हंसी,
इस जमाने मे सनम तू अकेली तो नहीं.
अव्वल अल्लाह नूर उपाया कुदरत के सब बंदे
एक नूर ते सब जग उपजा कौन भले कौन मंदे
तू बन जा गाली बनारस की मैं शाम तलक..
आँखों से जो बह रहा कहो न इसको नीरपलकों से ही छलक गयी हृदय कलश की पीर …!!
ईमानदारी से काम करने वालों के शौक़,
भले ही पूरे ना हों पर नींद ज़रूर पूरी होती है !!!
इलज़ाम आखिर हमारे सर ही आया ,
हम चुप रहकर भी बदनाम हो गए ..!!
ख़ुशी हमदम अगर होती मुझे रोने को क्या होता ?
उसे अगर पा लिया होता तो फिर खोने को क्या होता ?
हर ख्वाहिश,
हर ख्वाब,
हर अरमान,,
पूरे कहाँ होते हैं ??
जो हमारे लिए ज़रूरी हैं....
हम उनके लिए ज़रूरी कहाँ होते है ??..
पहले कच्चे घरों में स्वर्ग की अनुभूति हुआ करती थी अब शीश महल में अपनेपन का स्पर्श नहीं मिल पाता
क्या उस गली में कभी तेरा जाना हुआजहाँ से ज़माने को गुज़रे ज़माना हुआमेरा समय तो वहीं पे है ठहरा हुआबताऊँ तुम्हें क्या मेरे साथ क्या-क्या हुआम्म हम्म, खामोशियाँ एक साज़ हैंतुम धुन कोई लाओ ज़रा….
जितना आपके लहज़े में सब्र होगा
उतना ही आपकी दुआओं में असर होगा...!
भावनाओं का कोई पार्थिव शरीर नहीं,
होता उनका बस अंतिम संस्कार होता है....
सनकी
लोकतंत्र का यही आधार
उपयोग किया मताधिकार
माँ की आँखों से अक्सर छलक जाते हैं आँसू ,
अगर बाप की आँखों से छलके तो बात गहरी है ...
नहीं कोई तुमसे शिकायत बस इतनी सी इल्तिजा है, जो हाल कर गये हो कभी देखने मत आना
सोच रहा हूं कुछ दिनों के लिए गाजा पट्टी चला जाऊं
उधर माहौल अच्छा है ...।
यहां तो डर का माहौल है।
सिर्फ छू कर बहक जाने को नही...
उतर कर रूह में,
महक जाने को प्यार कहते है...