एक दिन मैंने खुद की तलाशी ले ली ,जो कुछ मिला वो अपना था पर अपना लगा नहीं!
जरा सा भी नही पिघलता दिल तेरा ,
इतना क़ीमती पत्थर कहाँ से ख़रीदा!!
किसी को भुलने के लिए मेरे करीब आया था वो शख़्स....
अब मुझे भूलने को किसी और को ढूंढ रहा है वो शख्स....!!
अपने लिए तो सभी जीते हैं,
दूसरों के लिए जीना ही असली जिंदगी है।।
थोड़ी सी आवारगी भी जरूरी है जिंदगी में ,
कैद में रह कर परिंदे अक्सर उड़ना भूल जाते है ..!!
किसी रात कभी ऐसा भी हो,हम म'र जाएं, उसे खबर न हो.
बर्फ़ से रिश्तों का मौसम गुनगुना हो जाएगा
मिल के आपस में रहें तो ख़ुशनुमा हो जाएगा
बीच की दीवार पहले तुम गिराओ तो सही
देखना आँगन वही फिर दो-गुना हो जाएगा
राघवेंद्र द्विवेदी
कोई ग़म तेरी मोहब्बत में पराया ही नहींवो भी आए हैं जिन्हें मैंने बुलाया नहीं !!
मां हमारी पहली गुरू जो दुनिया का सारा तजुर्बा दिया है
इसलिए मां का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना जाता है...
कब कौन समेटता है यहाँ,खुद तोड़ कर पूछते है महफूज तो हो तुम…
जिसकी सबसे दोस्ती होती है,
अक्सर वो किसी के नहीं होते...
नए गुन्हा किए तुम ने पुराने छुपाने के लिएतुम ने इश्क़ फिर कर लिया हमे भुलाने के लिए…!!
अब तेरी आँख में आँसू किस लिए !पागल जब छोड़ ही दिया था तो भुला भी दिया होता !
कैसे करूँ मैं खुद को तेरे काबिल ऐ जिन्दगी ,
हम आदतें बदलते हैं, तो तू शर्तें बदल लेती है ..!!
ये तुम्हारी यादें भी चैन नहीं लेते देतींदेखो सुबह से मज़दूरी पर लगा रखा है..!
जंगलों में आज भी मुझे लगता नहीं है डर
है शुक्र कि अब तक जानवर इंसां नहीं बने
अम्बष्ठ
अगर दूसरों की मदद करते समय दिल में,खुशी हो तो वही सेवा है बाकी सब दिखावा है…
श्रेय मिले या ना मिले, अपना श्रेष्ठ देना कभी बंद मत करना..।
दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि अगर तुम किसी एक ही नजरिए का दामन थामे रहोगे,
तो आगे नहीं बढ़ सकते।
जीवन को बहुत क़रीब से
देखने के बाद
अब मैं हमेशा तैयार रहता हूँ,
जो छूटना है छूटे,
जो टूटना है टूटे,
मैं अपने दोनों हाथों को
हमेशा खुला रखता हूँ,
जिसका जब तक मन करे
अपना हाथ इन हाथों पर धरे
या...