कबीर और प्रीति वाला प्यार नही हमें तो ,तुमसे राधा कृष्ण वाला प्यार हुआ है…!!
थक गया हूं मेहमान की तरह घर जाते जाते,
बेघर हो गए हम चंद रुपए कमाते कमाते..!
टूटते पुल, धंसती सड़कें,टपकती छतें, बेपटरी ट्रेनें, बंद नाले, डूबते बेसमेंटझकझोर रहे हैं सबअब तो जागो कम से कमजनता हो तुम जागीर नहींकिसी रजवाड़े कीवोट जो देते रहोगेभ्रष्ट, निर्लज्ज, अक्षम प्रतिनिधियों कोधर्म और जाति के नाम परमरते रहोगे यूंही सब...
हिंसा और अज्ञानता के
मकड़जाल को शिक्षा
की छड़ी से
साफ़ किया जा सकता है।
कैलाश सत्यार्थी
खुद में झांकने के लिए जिगर चाहिएदूसरों की बुराई करने में हर शख्स माहिर होता है!
घाट का एक पत्थर हूं मैं
मैंने नदी के हजार रूप देखे हैं!
कभी-कभी हमें उन लोगों से शिक्षा मिलती है,
जिन्हें हम अभिमान वश अज्ञानी समझते हैं।
पहले पड़ोसी भी परिवार हुआ करते थे,
अब परिवार भी पड़ोसी हो गए हैं...
रोशनी का एक कतरा भी,
अंधेरे को अपने वजूद का अहसास करा देता है...
लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे , आखिर हमारा पीना ही आज हमारे काम आया
.किसी की मुस्कुराहट की वजह बनना सीखोदर्द की वजह तो हर कोई बन जाता है..!!
समुद्र जब लहरे लेना छोड़ दे तो, समझ लेना चाहिए कि अब सुनामी आएगी..!!
मेरे कानों का वो झुमका हमारे इश्क़ की छन छन पेइतराता हैतेरे हाथों की छुअन सेजाने क्यूँ अब भी शर्माता है
एकांत स्वयं को जानने का एक जरिया है।
फ्रैंज काफ्का
घमंड तेरा भी एक ना एक दिन ख़ाक हो जाएगा,
जिस दिन मिट्टी से बना ये शरीर राख हो जाएगा..!!
तू बन जा गाली बनारस की मैं शाम तलक..
मोहब्बत में ऐसे दीवाने हो जाओ कि 4 लोग बोले , एक ही शख्श था क्या इस सारे जहां में...
मुझे पसंद है अपने आप से खुश होना , मुझे डर लगता है तारीफ करने वालों से ..!!
अगर तुम कहो तो मैं खुद को भुला दूं,तुम्हे भूल जाने की ताकत नही है.
वो इंसान दुनिया में सबसे धनवान है,जो कम से कम में भी संतुष्ट है,क्योंकि संतुष्टि ही प्रकृति की दौलत है !