हवस की भूख एक ऐसी भूख है जो पेट भरने,
और दिमाग़ ख़ाली होने के बाद लगती है..!!
अनवर चतुर्वेदी
बहुत अच्छे होकर भी आप हर किसी के लिए अच्छे नहीं हो सकते , कहीं बुरे बना दिए जाते हैं तो कहीं बुरे साबित कर दिए जाते हैं …
शुभचिंतक = शुभ होते ही चिंता करने लगा🤣
अगर दिशा दिखाने वाला सही हो तो,
दीपक का प्रकाश भी सूर्य का कार्य करता है...
समझदार इंसान वही है जिसे पता है
कब और कहाँ कितना
बेवक़ूफ़,
मासूम और असहाय दिखना है
अगरबत्ती की तरह तुम्हें खुशबू ही देंगे,
तुम शौक से चाहे जितना भी जला लो हमे।
आज खुद को खुश रखना,इस दुनियां का सबसे बड़ा संघर्ष हैं…
उड़ा दो उस पंछी को जो आपके दिल में रह कर,,किसी और के साथ उड़ने का शौक रखता हो...!!
यह जो काया की माया हैइसी में संसार समाया है।
~प्रियदर्शन
मुजरिम हो गया इस कद्र खुद की नजरो में
स्वाभिमान छोड़ प्रेम ढूंढ रहा था पत्थरों में
कितने आसान हो गए हैं रिश्ते...
जब मन करे बनाओ, रखो, डिलीट कर दो...
ये मेरा इश्क औरों जैसा नहीं…अकेले रहेगें पर तेरे ही रहेगें…!!
मै खुद में अल्प हूं..
पर मुझे विकल्प मत समझना..!!
जरा अदब से जनाब
हम शांत हैं ' संत नहीं।
कृष्ण में लीन मीरा
कृष्ण-प्रेम में मग्न है रहती
सुधबुध है खोई अपनी
बावरी कृष्ण-भजन में डूबी रहती
दरस की अभिलाषी मीरा
विष को भी अमृत मान है पी लेती
मोह कहाँ है उसे इस जग से
हर साँस वो गिरधारी को समर्पित करती
ऐसी है दर्श दिवानी...
रूठी हुई ख़ामोशी से बोलती हुई शिकायतें अच्छी होती हैं
जो अपने लक्ष्य के प्रति वफादार होते हैं, मंजिल सिर्फ उन्हीं के कदम चूमती है....
आपका गिरना एक हादसा हो सकता है...
मगर वहीँ पड़े रहना आपकी मर्ज़ी है ..
ग़मज़दा हैं वो तो बेशक गुफ़्तगू भी न करें ..पर करम इतना तो हो कि सामने बैठा करें … !!