बालों के सफेद होने से लेकर चेहरे कि सिलवटें बनने तक,
तुम्हारा साथ चाहिए मेरी अर्थी के पास बैठकर रोने तक..!!
उसके आने की उम्मीद ही नही
तो उसकी आदत कैसी..
जब वो अपना ही नही
तो शिकायत कैसी..
उम्मीद ना कर किसी से इस दुनिया में हमदर्दी की...
बड़े प्यार से जख्म देते है शिद्दत से चाहने वाले...!!
हदों में रहोगे तो लिहाज देखोगे
पार कर ली तो फिर मिज़ाज देखोगे..
हे अर्जुन! हजारों मनुष्यों में कोई एक मुझे पाने के लिये प्रयास करता है,और उन प्रयास करने वाले योगियों भी कोई एक ही मेरे परायणहोकर मेरे तत्त्व को जानता है।
जब नाश मनुज पर छाता है
पहले विवेक मर जाता है।
दिनकर
वो वक्त और था जब दिल से मुस्कुराया करते थे..
अब चेहरे की खुशी का दिल से कोई वास्ता नहीं..!!
राजा सोता रहें तो भी ठीक
जनता आवाज भी उठाए तो गुनाह
जलती रही बस्ती नग्न होती रही स्त्रियां
जनता इसे कहें भी क़त्ल तो है सज़ा
राजेश गौरी
श्रेय मिले या ना मिले, अपना श्रेष्ठ देना कभी बंद मत करना..।
धागे बहुत कमज़ोर चुन लेते हैं हम,
और फिर सारी उम्र गाठ बांधने में गुज़र जाती है...
संस्कारों में बस इतने बने रहना,कि कोई परवरिश तक ना पहुंचे…
हमनें दुआ में मांगा जिन्हें,
उन्हीं की बद दुआ से बर्बाद हुए हैं !
शब्दों से तुम बन गए
पंक्तियों में मेरे ढल गए
स्याही में मेरे पिघल गए
रचना मेरी तुम बन गए।
हर छंद में तुम रम गए
मैं तुम पर अब क्या लिखूं?
मेरे गीत के नज़्म बन गए
जीने की वजह तुम बन गए।
स्वर लहरी तुम बन...
लाया हूं आपके लिए चांदी की बालियां ,
कानों में डाल के इन्हें सोना बनाइए ।।
एक पुरूष की सुलझी हुई दृष्टि,
एक स्त्री को सभी उलझनों से उबार देती है....
ज़रूरत बनो
ऑप्शन नहीं...
औसतन…..आदमी अपनी जिंदगी का एक वर्ष औरतों को घूरने में ही बिता देता है.
तूफ़ान तेज था
अचानक से आया
हवायें मज़बूत थी
तोड़ना मुश्किल था
मुझे अंदाज़ा था कि
आए बिना मानेगा नहीं
रास्ते बंद करती तो
तोड़फोड़ करता
फिर दो दरवाज़ों को खोल दिया
एक आने का
एक जाने का
और थोड़ा...
गुजर जाते हैं वो भी पल... जिनका गुजरना मुश्किल होता है..!!