महीनों बाद आज फिर देखा उसे,एक बार तो दिल धड़का मगर फिर संभल गया !!
बाद में अफसोस करने से अच्छा है,मुझसे अभी ईश्क कर लो.!
अचानक आ जाती है मृत्यु की ख़बरअचानक डूब जाता है शहरअचानक ढह जाती हैं इमारतेंअचानक चुभ जाता है कांटाअचानक फैल जाती है आग जंगल में
सारी त्रासदियां अचानक आती हैंनहीं आता कभी कोई सुख अचानकजैसे तुम कभी नहीं आयी।
~गौरव गुप्ता
वक़्त बदल गया है अब बेटियाँ नहीं, बेरोजगार लड़के माँ-बाप के कंधों पर बोझ होते हैं।
जैकी यादव
छोड़ न देना हमें राह-ए-मोहब्बत में.... ज़माना बड़ा तलबगार है, हमें तन्हा देखने के लिए..!!
आधुनिक युग मे मनुष्य अब सम्मान से
ज्यादा "सामान" पाने की चाह में रहता है.
मृदुल눈
दिल से दिल का फासला कुछ यूं हो जाए…
इधर मैं याद करू और उधर तुम्हे याद आए …
कौन रखेगा मेरे होठों पे उंगली अपनी..कौन बोलेगा "नहीं, ऐसा नहीं कहते"..
ना देवरानी जेठानी कि कोई लड़ाई ना कोई गृह कलेश था,
एक ही चूल्हे में बनता था खाना, ऐसा भारतीय परिवेश था..!!
हिचकियां आती है तो पानी पी लेता हुअब वो वहम छोड़ दिया की कोई याद करता है
बिजली विभाग तो यूंही बदनाम है
काटना तो कोई तुमसे सीखे...
सबसे बड़ी ख़ुशी उसी काम को करने में है ,जिसे लोग कहते हैं कि ये तुम्हारे बस का नहीं है …
किसी की गलती माफ़ की जा सकती है,
मगर भुलाई कभी नहीं जा सकती है....
एक रोज़ कोई आएगा सारी फुरसत लेकर, एक रोज़ हम कहेंगे जरूरत नहीं रही अब
दो चार मिस यूनिवर्स तो उस पर यूँ ही कुर्बान कर दूँ,
आपने देखी कहा है साड़ी मे तस्वीरें मेरी जान की ..
तेरे जानें से ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ा
जहा दिल होता था अब वहा दर्द होता हैं.
जहाँ मेहनत की ऊँचाई ज्यादा होती है..
वहाँ किस्मत को भी झुकना पड़ता है..!!
नाराजगी चाहे कितनी भी क्यों ना हो,पर तुझे छोड़ देने का ख्याल हम आज भी नहीं रखते
सबसे बेज़ार हो गया हूं मैं ज़ेहनी बीमार हो गया हूं मैं…!!!
कोई अच्छी ख़बर नहीं मुझमें यानी अख़बार हो गया हूं मैं…!!!