World's Best Cow Hospital English यूँ तो न हुईं मेरी राहें रौशन, मैंने बाप को जलते हुए देखा है -- अम्बष्ठ विद्वत्ता अच्छे दिनों में आभूषण, विपत्ति में सहायक, और बुढ़ापे में संचित धन है। दिमाग सबके पास है चालाकी करनी है या……...ईमानदारी वे संस्कारों पर निर्भर करता है…..!! सबका दिल जितने में क्या फ़ायदा, मजा तो बस एक के दिल पर कब्जा करने में है.. छोड़े थे तेरी खातिर कितने हसीन लोग उनमें से एक के बराबर भी नहीं हैं तू अंधेरे से नहीं अंधेरे में रखने वालों से बचिए !!! किसी ग़लतफ़हमी में मत रहना, तुम्हारी कमी किसी को उदास, रखेगी ये सोच कर वक़्त.. जायज़ मत करना !!! वेदना मेरे हृदय में नासूर कर रही है, ये खामोशियां मेरी चीखें रोक रहीं हैं..!! विरक्ति घाव के ठीक हो जाने से,हादसे भूले नहीं जाते... यहाँ खुशबू है वादियों में,यहाँ खुशबू है लोगों के किरदारों में ! ज़िंदगी शायद इसी का नाम है..दूरियाँ मजबूरियाँ तन्हाइयाँ….!! मुसीबत के वक्त ही परखे जातें हैं रिश्ते, वर्ना बातें तो सब वफादारी की ही करते हैं...!! बिखरा वजूद…टूटे ख़्वाब…सुलगती तन्हाइयाँ….उफ़्फ़कितने हसीन…तोहफ़े दे जाती है,ये अधूरी मोहब्बत…. जिंदगी ने यूँ उधेड़ा बुन न पाये,चाह थी क्या, क्या मिला हम चुन न पाये. इश्क से नशीला कोई नशा नहीं है, घूंट–घूंट पीते है और कतरा कतरा मरते है... कोई घूंघट कोई मुखौटा तो कोई नकाब में हैसच कहे तो यहां कांटे भी हर गुलाब में हैं अचेतन मन में कोई न कोई ऐसी ग्रन्थि होती है, जो चैन से कहीं भी बैठने नहीं देती... एक दौर के बाद सब कुछ बदल जाता हैं वक्त, हालात, लोग और शायद हम भी..!! औरत बड़ी प्यारी चीज़ है रो लेगी, मगर अपनी गलती कभी नहीं मानेगी... क्या मनाउ होली.. कैसे मनाउ जश्न... जब फिलिस्तीन के.. बच्चो के जिस्म पर है.. खुन निकलता जख्म Prev1…596061…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.