जिंदगी के सफर में उठे
मेरे कदम एक दूजे से बात करते हैं
साघते है ज़िन्दगी का सुर मीठा
और बहते आवारा हवा से तुम्हें याद करते है
राजेश गौरी
कइयों को देख गुज़रा हूँतुझको को देख ठहर गया…..!!
वह झूठ बोल रहा था बड़े सलिके से ,,मैं ऐतबार न करता तो क्या करता..!!
माफी के हकदार गलती करने वाले होते हैं
चालाकी करने वाले नही !
'समय दुख काउपचार नहीं करताकेवल उस परपर्दे डाल देता है
जितने दिनबीतते जाते हैंउतने पर्देपड़ते जाते हैं'
~ पंकज चतुर्वेदी
शब्द नहीं हूँ.. जो तू पढ़ सकेएहसास हूँ.. बस महसूस कर..
मन करे कभी कुछ अच्छा करने का,
तो हांथ किसी विधवा का थाम लेना,
किसी बेसहारा अभागी स्त्री कि,
मांग फिर से तुम संवार देना,
और ये कैसा समाज है जो बेटे को,
दूसरे विवाह के लिए हां कहता है,
वहीं दिखाकर डर घर कि इज्ज़त,...
आ मत जाना अब हम संभल गये हैं ,
यूँ बिखरने का हौंसला बार-बार नहीं होता...
ज़िद है तो ज़िद ही सही,
आत्म सम्मान से बड़ा कुछ भी नहीं..
जाती है सबकी नज़र तुम्हारी ही तरफ,
सब्जी़ मंडी में टमाटर जैसी हो तुम ।।
हज़ारो ठोकरें खाकर भी नाबाद बैठी हूँ
मैं जहाँ कल थी, वही पर आज बैठी हूँ
अँधेरों से नहीं शिकवा, नहीं क़िस्मत से नाराजगी कोई
किस्मत को भी सँभाल लूँगी मैं, अब ये ठान बैठी हूँ
छोड़ा हैं कई गैरो ने,...
दिल चाहता हैं कि फिर अजनबी बनकर देखेतुम तमन्ना बन जाओ हम उम्मीद बनकर देखे
खुद लड़नी पड़ती है जिंदगी की लडाई.. लोग साथ कम और ज्ञान ज्यादा देते है..!!
मेरी पिढी की महानतम खोज यह है की ,
आप अपना attitude बदलकर ,
अपना जीवन बदल सकते हैं...!
जेम्स विल्यम्स
इंतज़ार मत करो
जो कहना हो कह डालो
क्योंकि हो सकता है
फिर कहने का कोई
अर्थ न रह जाए।
केदारनाथ सिंह
अपनी ज़िंदगी की तारीफ तब भी करो..
जब वो तुम्हे कुछ ना भी दे रही हो...!!
कभी कभी सोचता हूं इन ऊंची ऊंची,
इमारतों में कितने गिरे हुए लोग रहते हैं...
आज वो मेरे कफ़न का पूरा इंतज़ाम कर के आयी हैं, सुना है मेहंदी पर किसी और का नाम लिखा कर आयी हैं..!!
गुलामी के दावत से बेहतर हैं,
आज़ादी की सुखी रोटी...