जिस दिन धरती से छिपकली, कॉकरोच और चूहे खत्म हो जाएंगे,उस दिन धरती पर स्त्रियों का पूर्ण शासन होगा.
जिंदगी का खेल भी कुछ कबड्डी के खेल जैसा ही है ,सफलता की लाइन टच करते ही लोग आपके पैर खींचने लग जाते हैं ...
बारिश की बूंदों ने शब ए फुरकत का रंज कुछ यूं आसान कर दियामेरे अश्क़ छुप गए और मैं तन्हा रह गया….!
जो युद्ध नहीं कर सके..
उन्होंने आत्महत्या कर ली ॥
खुशियां छीनी चैन छीना,Z
मेरी रंगीन ज़िन्दगी को बेरंग किया था,
जिसके लिये मैं रक्षा कवच बना,
उसने ही मौत से जंग दिया था!
इतनी शिद्दत से पाला कि वफादार हो गया
आहिस्ता आहिस्ता जख्म भी यार हो गया।
अंधेरे से नहीं अंधेरे में रखने वालों से बचिए !!!
आज शाम सजेगी वो दुल्हन सी,
उसका साजन आज फिर से छत पर आएगा....
अपने हाथों से पिलाकर पानी,
वो आज फिर मेरी मोहब्बत को गले लगाएगा..!!
सुनो दोस्तों पैसा इतना कमाओ की,
चार लोग तुम्हे अपना दामाद बनाना चाहे...
रिश्ते में रहते हुए तो है ही,
रिश्ते से अलग होते हुए भी डिग्निटी बहुत ज़रूरी है.
जिंदगी एक खूबसूरत जाल है,
जितना...
सकारात्मक रहोगे उतनी सुलझती जाएगी..!!
तकलीफ देता है, इस कदर सच्चा होना
अब अच्छा नहीं लगता! यूं अच्छा होना
आज ये दिल बेवजह ही खुश हैं
लगता है एक नया दर्द मेरे इंतजार में हैं
जो भी जितना साथ दे वो एहसान है, लंबा साथ तो सिर्फ़ ख़ुदा का होता है। लोग इतना ही निभा सकते हैं जितना उसका ज़र्फ़ था सो उतना निभा दिया उसने…
दो पल सुकून में खोके आते है
फुरसत हो तो चलो "बनारस" होके आते है।
मुझसे जो तुम मेरा हाल पूछते हो,
बहुत मुश्किल सवाल पूछते हो....
इंसान की वैलिडिटी भले ही कम हो,पर उसकी इंसानियत कभी कम नहीं होनी चाहिए..
आगे सिर्फ अंधेरा है,इसलिए इस बार अपना वोट सोच समझ कर दें !
भगवान को जो लिखना था लिख चुके क़िस्मत में,
अब बारी मेरी हैं अपनी किस्मत बनाने की,
कुछ तो लिखा ही होगा,
इन हाथो की लकीरों में बस उसी पे जिंदगी बितानी हैं...
शीशे में डूब कर पीते रहे उस जाम को, कोशिशें की बहुत मगर" भुला ना पाए तेरे एक नाम को !!