बहते हुए पानी ने
पत्थरों पर निशान छोड़े हैं
अजीब बात है
पत्थरों ने पानी पर
कोई निशान नहीं छोड़ा।
वक़्त बदल गया है अब बेटियाँ नहीं, बेरोजगार लड़के माँ-बाप के कंधों पर बोझ होते हैं।
जैकी यादव
लिबास की कमी गरीब के तन पर अजीब लगती है,मगर अमीर बाप की अर्धनग्न बेटियां तो शरीफ लगती है...
वो आईने में कैसे बर्दाश्त करता होगा खुद को
उसे तो धोकेबाज़ लोगो से सख्त नफरत थी..।।
पेट का कोई धर्म नहीं होता,राजनीति तो भरे पेट वाले ही करते हैं…
धीरे-धीरे
हर चीज बेवकूफ लगेगी...
जन्म, प्रेम, जिंदगी
और
आखिरी बेवकूफ़ी मृत्यु।
सुसिल ग़ाफ़िल
सर्दी है कि बढ़ती जा रही है ,
और मुझे तुम्हारी कमी खलती जा रही है ...
अगर कभी वक़्त में उनसे मुलाक़ात होगीसिर्फ़ रस्म निभाने की शायद वो क़वायद होगीहँसी आती है मुझको अब दरमियाँ आयेवजहों पर ,के अब एक अजनबी बन कर पहचान होगी…
रोज़ अच्छे नही लगते आँसू खास मौको पे मज़ा देते है..!!
हाय वो जिम्हें देखा भी नही याद आये तो रुला देते है..!!
आग अपने ही लगाते हैगैर तो सिर्फ हवा देते है…!!
सुकून मे इसलिए भी हु क्युकी,,,
धोखा सिर्फ खाया है दिया नहीं,,,
मैं क्यों मान लूं तुम नहीं हो मेरे हाथ की लकीरों में, किस्मते तो उनकी भी होती है ना जिनके हाथ नहीं होते
अहंकार स्वाभाविक हैविनय सीखना पड़ता है
~ अज्ञेय
मत कीजिए मुझ पर यकीन,
मैं तो खुद को भी धोके में रखता हूं...!!!
हिचकी यादों की नागरिकता है।
दोनों भाई बहनों को ऊंट भी चाहिए और राजस्थान भी नहीं जाना चाहते..शास्त्रों में इसे ही कूटनीति कहा गया है…
बेहिसाब झूठ कहा तो खुदा मान बैठे,
जरा सा सच बोल दिया बुरा मान बैठे!
पल कितने है नहीं जानती हु
पर जितने है अच्छे है ये जानती हु
बहुत से लोग मिले
कुछ सबक सिखा के गए
कुछ से सबक सीख लिए गए ।।
रिश्तों का गलत इस्तेमाल कभी मत करना.. अच्छे लोग जिंदगी में बार बार नही आते..!!
किसी भी मौसम में खरीद लीजिए जनाब
मोहब्बत के ज़ख्म तरो - ताज़ा ही मिलेंगे
अगर इतिहास को कहानियों के रूप में पढ़ाया जाता तो इसे कभी नहीं भुलाया जाता।