समझ नही पा रहा हूं की आखिर क्या गलत,चल रहा में मेरा स्वभाव या फिर मेरा वक्त..!!
आइने से डर जाएंगे लोग यहां...
कभी किरदार नज़र आया जो चेहरे की जगह..!
मोहब्बत क्या है,हाथों में चूड़ामांग में सिंदूरगले मे मंगलसूत्रऔरमहबूब की वफादारी।
हर बार मेरे सब्र को तुम कुछ इस तरह आंकती हो,
मचल के रह जाता है दिल जब तुम दहलीज़ से झांकती हो..!!
विरक्ति
कुछ पन्ने क्या फटे जिंदगी की किताब के,
जमाने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया...
जिनके पास मुलाकात का
कोई रास्ता नहीं
वे आँख बंद करके
एहसास कर लिया करते हैं...
ज़िंदगी उस रेल के सफ़र की तरह है बाबू मोशाय,
जिसमें "लोअर बर्थ" माया और "उपर बर्थ" मोक्ष है..
जरूरत जिन्हें दिमाग की हो,
उन्हें दिल कभी मत देना.....
बारिश की बूंदों ने शब ए फुरकत का रंज कुछ यूं आसान कर दियामेरे अश्क़ छुप गए और मैं तन्हा रह गया….!
रविवार का दिन भीचिप्स के पैकेट की तरह होता है,खुलते ही आधा ख़तम !!
कृष्ण जिसे नहीं मिले,
युगों युगों से आजतक उसी के हैं,
और जिसे मिले उसे मिले ही नहीं।
तभी कहते है, कृष्ण को
पाने का प्रयास मत कीजिये,
पाने का प्रयास करोगे
तो कभी नहीं मिलेंगे।
बस प्रेम कर के छोड़ दीजिए,
फिर जीवन भर साथ...
अपनी आग को ज़िंदा रखना कितना मुश्किल है, पत्थर बीच आईना रखना कितना मुश्किल है...
किसी को अधूरा पाने से बेहतर है
उसे मुकम्मल खो दिया जाए ..!!
वो पत्थर कहाँ मिलता है बताना जरा ऐ दोस्त,
जिसे लोग दिल पर रखकर एक दुसरे को भूल जाते है..
बदलना है तो अब हालात बदलो
ऐसे नाम बदलने से क्या होता है?
देना है तो युवाओं को रोजगार दो
सबको बेरोजगार करके क्या होता है?
दिल को थोड़ा बड़ा करके देखो
लोगों को मारने से क्या होता है?
कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी...
जो कल थे,वे आज नहीं हैं।
जो आज हैं,वे कल नहीं होंगे।
होने न होने का क्रम,
इसी तरह चलता रहेगा,
हम हैं,हम रहेंगे, ये भ्रम भी,
सदा पलता रहेगा।।
अटल बिहारी वाजपेई
प्रतीक्षा मे प्रेम अमर हो जाता हैं,और रूह हमेशा के लिए उम्र-कैद !!
शत-शत दीप इकट्ठे होंगे
अपनी-अपनी चमक लिए,
अपने-अपने त्याग, तपस्या,
श्रम, संयम की दमक लिए।
कुछ लोग दूर से बहुत अच्छे लगते है
फोल्लोविंग मैं आने के बाद घटिया लगते है
लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होतीबस एक माँ है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती