World's Best Cow Hospital

ज़िन्दगी के कुछ लम्हें और हादसे भुलाये नहीं जाते,हालांकि भुला देने में भलायी होती है.लेकिन अफसोस हमसे ये हो नहीं पाता.

सुलझा हुआ मनुष्य वह है जो अपने निर्णय स्वयं करता है, और उन निर्णयो के परिणाम के लिए किसी दूसरे को दोष नही देता !!!

समझो जग को न निरा सपना पथ आप प्रशस्त करो अपना मैथिलीशरण गुप्त

तू मेरा दुःख समझतीअगर तेरा भी इश्क में हारा हुआ एक भाई होता..

कंपटीशन इतना बढ़ गया है कि अगर हम किसी को अपना दुःख बताते हैं तो वो हमसे ज्यादा बताने लगता है।।

ज़िन्दगी में एक बात हमेशा याद रखना... हर कोई आपको समझ नहीं सकता और... हर किसी को आप समझा नहीं सकते..!!

औरतें आंसूओं की झीलों से हरी रहती हैं , दूध और खून तो औलाद में बट जाता है

ग़ुरूर में बन्दा खुद को हर इक से जुदा समझता है अधूरा आदमी ख़ुद को ख़ुदा समझता है अभी ख़मोश हूं तो ताअल्लुक़ की ज़िंदगी के लिए ख़बर नहीं वो मेरी चुप्पी को क्या समझता है।

प्रतिभा सब में है,पर लक्ष्य तक केवल वही पहुंचेंगें,जो आकर्षणों से बचे रहेंगे।

जिंदगी में सिर्फ पहली बार, इतना ही कहा है मैंने बहुत मजबूत रिश्ते थे, बहुत कमजोर लोगों से...!

राय पहले से बना ली तू ने दिल में अब हम तेरे घर क्या करते

जिस्मो की चाहत नेमोहब्बत के भाव गिरा दिए..!!

कभी कभी ऐसा क्यों लगता है तू मेरा होकर भी जुदा सा क्यों लगता है ?माना तेरी भी कुछ मजबूरिया है पर ये तों बता ये जो तेरी हर आहट का इंतजार करता है ये शक्श आखिर तेरा क्या लगता...

वो हाल है अंदर से कि, बाहर है बयाँ से

शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है

व्यर्थ का तक़ल्लुफ़ क्यों किसी से निभाना..जहाँ दिल न मिले वहाँ हाथ क्यों मिलना..!!

सुनो साहिब, तुम्हारे प्रेम के रंगों से रंगीन हुआ मेरा बेरंग उदास सूना जीवन। जी नहीं सकती अब कभी भी तुमसे दूर रह मर जाऊंगी तुम्हारे बिन। ख्वाहिश नहीं मुझे ज्यादा चीजों की सिर्फ़ चूड़ियां कभी अपनी पसंद की पहना देना, पायल तो नहीं पहनूंगी तुमसे कदमों में अपने कभी तुम्हें नहीं झुकाना।

स्वार्थ मनुष्य के व्यवहार में शामिल होता है , बारिश रुक जाने के बाद छाता भी उसे बोझ लगने लगता है …

मुफ्त में मिलती साँसें नहीं , मौत का भी यार दाम चुकाना पड़ता हैं ..

चाहा यही की एक ही शक्स समझे मुझे,भीड़ से रहा हमेशा परहेज मुझे


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