फूलों की दुकानें खोलो खुशबू का व्यापार करो,इश्क खता है तो ये खता एक बार नहीं सौ बार करो !
मैं भाल-भाल पर कुंकुम बन लग जाऊंगा lमैं तलवारों से मेघ-मल्हार गवाऊंगा ll
रोने वालों से कहो उनका भी रोना रोएं ,
जिनको मजबूर हालात ने रोने ना दिया ।।
तेरे होते हुए, मेरी हार,नामुमकिन हैं मेरे पालनहार !! ❤️
वो रूठी ही रहेगी, उसे खबर भी नहीं होगीमुझे कब? कहाॅं? किस लम्हें दफ़नाया गया
आवाज लगाने पर तो जमाना सुन लेता है... जो ख़ामोशी सुने उसे मोहब्बत कहते हैं...!!
जिसे रास नहीं सच्चाई से पिरोई भौतिक लेखनी,
वही मेरे दिली जज्बातों को नजरंदाज करेगा,
और जो महसूस कर सकेगा दर्द मेरे लफ़्ज़ों का,
वो "मोहब्बत" से "नफरत" बेहिसाब करेगा..!!
विरक्ति
पुरुष चाहे जितनी बेहतरीन पोस्ट कर दे,वह एक महिला की "Hi" का मुकाबला नहीं कर सकता !
जिंदगी की किताब में….सुकून के पन्ने गायब है!!!
वो जो उतरा है नज़र से इस बार,
हमने उसकी नज़रें भी उतारी थी कभी !
सेलो टेप हो या संबंध...
कभी ऐसे ना छोड़ा करो,
कि वापिस ढ़ूंढ़ने के लिए खरोंचना पड़े..
यूं तो दिखावे के लिए लोग बहुत ही दिल से मिलते हैं पर जो दिल से मिलते हैं वो बड़ी मुश्किल से मिलते हैं !!!
हसरत थी किसी के दिल में ज़िंदा रहने की
अफ़सोस हम ख़ुद के अंदर ही मर गए…
सजा जो भी चाहो ,आप मुकर्रर कर दो,
जब खता ही नहीं कई तो मुआफी कैसी।
धूप तो धूप है इसकी शिकायत कैसीअबकी बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब ~ निदा फ़ाज़ली
हमारे बिन अधूरी रहेगी कहानी तुम्हारी, तुम्हारी कहानी का पूर्ण विराम हूं "मैं.
प्रेरणा के लिए पिता का संघर्ष,
देखना ही पर्याप्त होता है.....
जब जिंदगी समुद्र में गिराती है,
तो वक्त तैरना भी सिखा देता है।
वेदना छिपाकर अपनी मैं गीत खुशियों के गुनगुना रहा हूं,
समझ ना ले कोई मुर्दा इसलिए असल किरदार छिपा रहा हूं..!!
विरक्ति
दोनों भाई बहनों को ऊंट भी चाहिए और राजस्थान भी नहीं जाना चाहते..शास्त्रों में इसे ही कूटनीति कहा गया है…