उदास चेहरों को लूट लेती है दुनिया ,
जरूरी है हर हाल में मुस्कुराते रहना ..!!
वक्त बेवक्त छोटी छोटी खुशियों के संग,कुछ आधी अधूरी ख्वाहिशें भी ज़रूरी हैं ।इन आधी - अधूरी हसरतों से ही तोहमारी जिंदगी की खुशियां होती पूरी है ||
इच्छाओं और उम्मीदों के इस सफ़र मेंसिर्फ़ एक दिन और रात की दूरी...
जो मिला है वो आम हैजो ख़ास है वो काश में है….!!
आज फिर से ओढ़ ली उसनेख़ामोशी की चादरज़बान उसकी मगर चीखना चाहती थी
खुद लड़नी पड़ती है जिंदगी की लडाई.. लोग साथ कम और ज्ञान ज्यादा देते है..!!
कुछ दिन खामोश रह कर देखो,
लोग सच में भूल जाते है ......!!
बाप गरीब जरूर है लेकिन इस बेटी के लिए ,
एक राजा की तरह सभी ख्वाइशें पूरी करता है ।।
ये तेरी झुकी हुई पलकें, ये कमसिन अदाएं,
आशिक तो तुझे देख कर ही घायल हो जाए..!!
विरक्ति
बातों की उम्र घट सी गई है,,
कभी तुम नहीं मिलते,,
कभी मैं खो जाती हूं,,
मैं नत्मस्तक तक हो गया था जिसके प्यार में,वो मगरूर मेरी बेबसी पर मूकदर्शक बनी रही..!!
यह जादू तो है मेरे पास
कि मैं तकलीफ़ को कविता में बदल
देता हूँ, और सौभाग्य
को ख़ाक में।
देवी प्रसाद मिश्र
दुख उत्पन्न करने वाली चीजों से दूर रहो !
ऐ बारिश जरा थम के बरस
जब मेरा यार आ जायें तो जम के बरस🌧️
पहले ना बरस कि वो आ ना सके
फिर इतना बरस की वो जा ना सके 🌧️
मुसाफिर
उसे सिर्फ़ बातें करनी थीं...!!
और मैं मोहब्बत कर बैठा...!!!
क्यूँ हर दफ़ा ख़ुशियों की क़ीमत आंसुओं से चुकानी पड़ती है..?
वो रूठी ही रहेगी, उसे खबर भी नहीं होगीमुझे कब? कहाॅं? किस लम्हें दफ़नाया गया
मोहब्बत जुदाई बर्दाश्त कर सकती है , मगर बेइज्जती नहीं ...
मोमबत्ती को आखिर में ही पता चलता है कि
उसे उस धागे ने ही खत्म किया,
जिसको वो सीने में छुपाए रखती थी...
मज़लूम होते हुए फ़तेह हासिल करना, यह मैंने इमाम हुसैन से सीखा
महात्मा गांधी
पानी से पानी मिले, मिले कीच से कीच।
ज्ञानी से ज्ञानी मिले, मिले नीच से नीच।