स्त्री का सम्मान ही पुरुष की मर्दानगी हैं,और पुरुष के सम्मान में ही स्त्री की सुंदरता हैं…
अच्छे संस्कार किसी मॉल या बाजार में नहीं,
परिवार के माहौल से मिलते हैं...
मत कर मायूस खुद को बुलन्दी से गिरने के बाद ,
राहे नई भी खुलती है तूफानो के गुजरने के बाद ..!!
चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं,
रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं.
कई बार हम लोगों को इसलिए भी खो देते है..
क्यूंकि हम उनके लिए जरूरत से ज्यादा मौजूद रहते है..
रंगों में रंगों को मिलने तो दो
फूलों से दिल को खिलाने तो दो
आई है फिर से रंग भरी होली
है ये रंग गौरी नहीं बन्दूक की गोली
तो आओ रे.....
खेलों तुम सब होली रे
भर लो ये तुम आज प्रेम रंग...
बारिश है ,चाय है ,संग तेरी यादें भी
बस तुम्हारी जगह किताबें आ बैठी हैं..!
मनीषा शर्मा
अदब की बात है वरना मुनीर सोचो तो
जो शख़्स सुनता है वो बोल भी तो सकता है
मुनीर नियाज़ी
हालातों ने खो दी इस चेहरे से मुस्कान..वरना जहाँ बैठते थे रौनक ला दिया करते थे…
सबसे बड़ी ख़ुशी उसी काम को करने में है ,जिसे लोग कहते हैं कि ये तुम्हारे बस का नहीं है …
तपिश भूख की जानवरों कि भी इंसानों जितनी है,
देखना ये है पेट भरने लायक तुममें इंसानियत कितनी है..!!
विरक्ति
तू रहे मेरी हँसी में,
मैं रहूँ तेरी ख़ुशी में..
♥️♥️
परवाह करने वाले ढूंढ़िये ,
इस्तेमाल करने वाले तो खुद
आपको ढूंढ लेंगे।
भेदभाव देखें तो चुप न रहें।
चुप रहना बढ़ावा देना है।
हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी
कुछ हमारी ख़बर नहीं आती ।
लोकतंत्र का यही आधार
उपयोग किया मताधिकार
राजा सोता रहें तो भी ठीक
जनता आवाज भी उठाए तो गुनाह
जलती रही बस्ती नग्न होती रही स्त्रियां
जनता इसे कहें भी क़त्ल तो है सज़ा
राजेश गौरी
बुरी आदतें समय पर ना बदली जायें , तो वही बुरी आदतें समय बदल देती हैं ...
समय हर समय को बदल देता है...
बस समय को थोड़ा समय चाहिए..!!
इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं ,
हम वो सब कर सकते हैं जो हम सोच सकते हैं !