सियासत को लहू पीने की लत है ,
वरना हमारे मुल्क में सब खैरियत है ।।
जो भ्रष्ट होते हैं,
वो स्पष्ट नहीं होते हैं....
भीगा भीगा सूरज हैभीगी भीगी सी रातख्वाबों को जा के कह दोखलेल न पहुँचाएँआज है उनसे मुलाकात…चांदनीहवा पहन करखुश्बू लूंटाने लालायित है,सूरज की साक्षी मेंखूबसूरत शब काहो रहा है #आगाज़आज आजहै उनसे मुलाकात ..श्रुंगार भैरवी काहो रहा #आगाज़आज आज..
तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा करसरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
~अमीर मीनाई
किरदार कितना भी साफ क्यों ना हो,
लोग वही सोचेंगे जो उनके मन में होगा…
जो लोग ये समझ नही पाते कि औरत क्या चीज है ,
उन्हें पहले ये समझने की जरूरत है कि औरत चीज नही है..
रोज इक ताजा शेर कहाँ तक लिखूं तेरे लिए,
तुझमें तो रोज ही एक नई बात हुआ करती है !!
विरह की वेदनाओं को मुस्कान तले दबाने वाले पुरुषसमाज में जिम्मेदार और प्रेम में बेहद लाचार होते हैं !
जिन्हें आप पसन्द करते हैं,
उनका बूँद भर भी आपको सागर नज़र आता है ;
जो आपको पसन्द करते हैं,
उनका सागर भी आपको बूँद बराबर लगता है।
खुश और शांत नजर आने वाला इंसान,
अक्सर तूफानों से घिरा होता है....!!
सभ्यता का युग तब आएगा,
जब औरत की म़र्जी के बिना कोई,
औरत के जिस्म को हाथ नहीं लगाएगा।
~ अमृता प्रीतम
"जिंदगी में इतना काबिल बनो" कि भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करें !
मन को मना लेना ही ठीक हैक्योंकि हर ज़िद खुशी नही देती ..
भरोसा बहुत कीमती हैजिंदगी कम पड़ जाती है इसे कमाने में
आज वो मेरे कफ़न का पूरा इंतज़ाम कर के आयी हैं, सुना है मेहंदी पर किसी और का नाम लिखा कर आयी हैं..!!
आजादी का सबसे बड़ा दुश्मन,
संतुष्ट गुलाम है।
तुम्हारे जाने के बादज़िंदगी के अलग अलग पड़ाव में..हर जगह…हर एक शख़्स के अंदर…ढूंढा मैंने तुम्हें,
फ़िर एहसास हुआ किछोड़ गये हो तुम…सब जगह थोड़ा थोड़ा ख़ुद को
ढूंढा तुम्हें…पर दोबारा कभी तुम मुझे पूरे ना मिले।
चुपके से भेजा था गुलाब उसे...खुशबु ने पूरे मोहल्ले मे शोर मचा दिया...
उदासियों के लिए तो एकांत ही चाहिएँ
ख़ाली छतों पे चांद तारों का सिलसिला रखना..!!
सोच रहा हूँ बंद करदु ये शाएरी का सफर
बस तेरी लाल लिपिस्टिक पर पूरी ग़ज़ल लिखदूँ...