फर्ज़ बनता है "छोटो" का! कि उन्हें, समझाया जाएबड़े, बड़े हैं! मतलब ये नहीं कि गलत नहीं हो सकते
लोगों की सुनोगे तो बिखर जाओगे,भगवान या अल्लाह की सुनोगे तो संवर जाओगे..!!
जब वजूद में 'माँ' मिलती हैतो सारी पीड़ाएँ नष्ट हो जाती हैंऔर मुझमें 'माँ' शेष रह जाती है।
-नेहा यादव
दाग़ जब चरित्र पर हो तोफिल्टर लगाने से साफ नहीं होते…..!!
वेशक प्यार तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ परवाह की थीवेशक मोहब्बत तुमने की थी हमने तो सिर्फ़ मन्नत की थीवेशक इश्क तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ इबादत की थीवेशक ख्वाब तुमने दिखाया था हमने तो सिर्फ़ कोशिश की...
मेरे जीवन से मिला एक तजुर्बा,
आज भी बहुत अहम् था,
प्यार, भरोसा, वफ़ा, ज़फा,
इंसान के लिये सिर्फ वहम् था..!!
रोने वालों से कहो उनका भी रोना रोएं ,
जिनको मजबूर हालात ने रोने ना दिया ।।
जो अभिमान छोड़ देता है, वही सबसे बड़ा अभिमान होता है !
समझने वाले ख़ामोशी भी समझ लेते हैं
और न समझने वाले
जज़्बात का भी मज़ाक बना देते हैं।
तबाह होकर भी तबाही दिखती नहीं...
ये इश्क है हुजूर..इसकी दवाई बिकती नही..!!
जद्दोजहद चार सौ पार की नही...
चार सौ बीसी से पार पाने की है।
हर बात पर शुक्र करना ये भी अल्लाह पाक की
नेमत है, कयोंकि अल्लाह पाक शुक्र करने की
तौफीक उन्हीं को देता है, जिससे वो राजी होता है
कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता
एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो
दुष्यंत कुमार
मुझे अपने रिश्तेदारों से
उतना ही डर लगता है,
जितना किसी शादीशुदा को
अपने बीबी से
फूलों के दिन मेंपौधों को प्यार सभी जन करते हैं,मैं तो तब जानूँगी जबपतझर में भी तुम प्यार करो !! ❤️
कितना कठिन प्रश्न है यह "कैसी लगी लड़की…..?"कितना बड़ा कलेजा होगा लड़की के पिता का...
हम खुद अकेले रह गये ,सबका साथ देते देते।
धूप तो धूप है इसकी शिकायत कैसीअबकी बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब ~ निदा फ़ाज़ली
आप का क़द नहीं आप की विनम्रता आपकों बड़ा बनाती है
चढ़ते सूरज के पुजारी तो लाखों हैं 'फ़राज़'डूबते वक्त हमने सूरज को भी तन्हा देखा
~ अहमद फ़राज़