मेरी ज़िन्दगी में तेरा साथ मैं उम्र भर चाहता हूं, तेरी मांग पर अपनी सफलता का ताज चाहता हूं..!!
मुक्कमल करनी हो जिंदगी तो कोलाहल ना करेराहों में लगी ठोकरों का यूं मलाल ना करेअगर खुद पर यकीन है तो उसे पूरा कर कुछ कमाल करेयूं छोटी मोटी बातों पे ऊपर वाले से बेतुके सवाल ना करें
शाखें तराशने से ना बनेगी कोई बात,
नफ़रत के सारे पेड़ जड़ों से उखाड़ दो.
भूत पहले ही बीत चुका है, भविष्य अभी तक आया नहीं है। तुम्हारे लिए जीने के लिए बस एक ही क्षण है।~ गौतम बुद्ध
छुप छुप कर क्यूँ पढ़ते हो अलफाजों को मेरे,सीधे दिल ही पढ़ लो सांसों तक तुम ही हो..!!
हम ईश्क में भी मरजिया चलाएंगे,मेरे साथ रहना है तो अपनी मनमानियां अपनी नादानियां अपने घर छोड़ कर आना..!!
अम्बर हिले धरा डोले , पर हम अपना पथ न छोडें सागर सीमा भूले , पर हम अपना ध्येय न छोडें ||
मुक़द्दर की लिखावट का एक ऐसा भी काएदा हो....
देर से किस्मत खुलने वालों का दुगुना फायेदा हो...!!!
हर लड़का जिस्म नहीं मांगता, हर लड़की पैसे पर नहीं मरती, कुछ रिश्ते लोगों की सोच से ज्यादा पवित्र होते हैं
….ख्वाहिशों का काफिला भी बड़ा अजीब है
अक्सर गुजरता वहां से है जहां रास्ते नही होते..!!
सफल होने के लिए तुम्हें.. खुद की दुनिया में कैद होना पड़ेगा..!!
ना तो कोई किसी का मित्र है ना ही शत्रु है. व्यवहार से ही मित्र या शत्रु बनते हैं
सपने में बिछड़े हुए लोगों का मिलना ,
डेटिंग का सबसे दर्दनाक रूप है...!!!
पता नहीं नसीब खराब है या मैं खराब हूं
हर उसने दिल दुखाया हैं जिसपे मुझे नाज था !!
ज़िम्मेदारी क्या उठा ली मैंने ,
लोग मुझे मेरी उम्र से बड़ा समझ बैठे ...
चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी हैमैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
वतन के जाँ-निसार हैं वतन के काम आएँगे,
हम इस ज़मीं को एक रोज़ आसमाँ बनाएँगे!
सारे फरिश्ते मुझे ही मिले हैं ज़िंदगी में,
कोई गलती करता ही नहीं, मेरे सिवाय...
कुछ हालातों में ये रास्ते ज़िंदगी केबिल्कुल भी आसान नहीं होते!चलना तो होता है अंगारों परऔर हाथ थके रहते हैं–बर्फ ढोते-ढोते!
तमाम इश्क के शहर मालिक अब आग में जलते हैंमज़हब के पैरों से लोग आशिकों के सर कुचलते है