मन्दिर तक पहुंचना तन का विषय है,
लेकिन शिव तक पहुंचना मन का विषय है …
बुरा वक़्त भी गुज़र ही जाता हैबस रब को हमारा सबर आजमाना होता है!
जिंदा इंसान को गिराने मे औरमरे हुए इंसान को उठाने मे,ग़ज़ब की एकता दिखाते हैं लोग…
जो जितना तुम्हारा है तुम भी उसके उतने ही रहो
ज्यादा दिल की गुलामी में इज्जत की नीलामी हो जाती है
कुछ लोग भूलने के नहीं,
बल्कि दफनाने के काबिल होते हैं...
अब आग माचिस से नहींलोगों की बातों से लगती है…!!
एक बार तुम्हारे भीतर का गुलाम गायब हो जाए,
तो तुम बादशाहों के भी बादशाह बन जाओगे
हालात बिगड़ने लगे तुम बिछड़ने लगे
हम दोनों को हालातो से लड़ना था,
तुम हमसे लड़ने लगे
जीवन कि सभी यातनाओं से अब मुक्ति कि सौगात चाहिए,
सो जाऊं सुकून कि नींद तेरी गोद में ऐसी हसीन मौत चाहिए..!!
विरक्ति
मैं तुम्हारे साथ हूॅं कहने में और रहने में बहुत फर्क होता है !!
नसीब में कुछ रिश्ते अधूरे ही लिखे होते हैं..
लेकिन उनकी यादें बहुत खूबसूरत होती हैं..!!
औरत ने जनम दिया मर्दों को..
मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा मसला कुचला
जब जी चाहा घुत्कार दिया
बाते बंद होने के बाद तुम्हे जब भी देखा,
तो सिर्फ ऑनलाइन ही देखा…!!
अपना जीवन आलस्य में बिताना,
आत्महत्या करना है।
जबरदस्ती की नजदीकी से,
सुकून की दूरियां अच्छी हैं....
दर्द हल्का है साँस भारी हैजिए जाने का कैसा रस्म जारी है
फिर हमनें अपनी आंखो को सजाया है तुम्हारे लिएतुम अपना दिल कब सजाओगे मेरे लिए....!!
लड़की खूबसूरत हो, लेखिका हो, उम्र में बड़ी हो, हाईट में 'छोटी' हो, काजल लगाती हो और नोज रिंग पहनती हो, तो उससे इश़्क कैसे न हो…❤️
“ये फ़र्ज़ रहे ध्यान में,लिखा है संविधान में,अगर कोई भी बात,तेरा मन गई कचोट कर,तू वोट कर,ये प्रश्न तेरे बल का है,सवाल तेरे कल का है,समय ये फ़ैसले का फिर से,आ गया है लौट कर,तू वोट कर”
"नजरों का खेल था साहब"
"वो चुरा ना सके हम हटा ना सके"