World's Best Cow Hospital

बेड़ियां बंधी हैं जिस्म पर, परिंदें नोच खा रहे हैं, देख तेरे विरह में ये कैसे कैसे ख्वाब आ रहे हैं..!! विरक्ति

पसंद उसे करो जो परिवर्तन लाए, प्रभावित तो मदारी भी कर लेते हैं....

किसी काकिरदार सजानेखुद को गलत लिखना पड़तावरनाखुद की कहानी मेंअपने आप कोखराब कोन लिखता…

ज़ख़्म छुपाना भी एक कला है वरना हर मुट्ठी में नमक है !!!

मनुष्य के आगे कुछ बड़ा नहीं, हारा वही जो लड़ा नहीं....

बारिश__ आसमाँ का दर्दसींचती है धरतीपनपता है प्रेम

असली गर्मी खून में नहीं, जून में होता है, भीगा कपड़ा सूख जाता है पहन लो तो भीग जाता है

साँच बराबरि तप नहीं, झूठ बराबर पाप। जाके हिरदै साँच है ताकै हृदय आप॥ कबीर दास

गौरव गान फिर से ऊंचा होगा । चाँद पर भी एक तिरंगा होगा ।

अगर तुमअपनी सांसों को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अगर तुमअपनी धड़कनों को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अगर तुमअपने छूटते प्राण को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अन्यथाजाने दो जिसे जाना है, मत करो विलाप किसी के जाने का ~ अम्बष्ठ

हर मर्ज का इलाज नहीं दवाखाने में... सब दर्द चले जाते है मुझे बियर पिलाने से...

मुझसे नफ़रत करनी है तो होंश से करना , ज़रा भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी ..!!

अगर इतिहास को कहानियों के रूप में पढ़ाया जाता तो इसे कभी नहीं भुलाया जाता।

बिजली विभाग तो यूंही बदनाम है काटना तो कोई तुमसे सीखे...

सोचती हूँ मेहनत की कलम से.... ज़िंदगी की कहानी फिर से लिखूं...!!

जम्हूरियत पर कस रहा फंदा ख़ुद को ख़ुदा समझ रहा बंदा बहलाया-फुसलाया, डराया भी बॉन्ड से भी जुटा लिया चंदा चुनाव की बिसात धर्म का दांव नफ़रत का तूफ़ान कभी पड़े न मंदा किसी को जेल इनके लिए खेल इन पर भी चलेगा वक़्त का...

जिस प्रकार अग्नि स्वर्ण को परखती है, उसी प्रकार संकट वीर पुरुषों को।

औरत के लिए कोई व्रत नहीं रखता, फिर भी लंबी उम्र जी लेती है!! प्रेम करती हैं राधा की तरह, मीरा की तरह विष पी लेती है!!

कागा सब तन खाइयो।चुन चुन खाइयो माँस।।दो नैना मत खाइयो।मोहे अच्छे दिन की आस।।

कारवाँ गुज़र गया, मेघा छाये आधी रात को खिलते हैं गुल यहाँ फूलों के रंग से.. गोपाल दास ‘नीरज’


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