अंदाज कुछ अलग है अपने जीने का।लोग रुलाना नहीं छोड़ते, हम हँसना नहीं छोड़ते
एक उदास शहर में
कुछ किताबें थी
एक छत चार दीवारें थीं
कुछ दोस्त थे चाय के कुल्हड़ थे
गलियाँ थी किनारे थे
एक उदास शहर में
जहाँ वो थी और ज़िंदगी थी..
🌺यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत:अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्🌺वसुदेव पुत्र, देवकीनन्दन, गीता के रचईंताभगवान कृष्ण को मेरा वन्दन🥰
जो अपने लक्ष्य के प्रति वफादार होते हैं, मंजिल सिर्फ उन्हीं के कदम चूमती है....
चलो अच्छा हुआ कि एक न हो पाये हम, एक हो कर भी कभी तुम कहाँ मेरे होते ~अर्चना अनिरुद्ध
भरोसे का पात्र नहीं रहता वो व्यक्ति ,जो भावनाओ के साथ खेल गया हो !!
मेरी दोस्त ने अभी कहा - ये जो लड़कियां होती है ना, इनसे आप थोड़ा दूर रहा करिए!….इनके पास रोने के सिवा कुछ नहीं होता.
✯||कहा जाऊं मेरी सादगी को लेकरयहां हर कोई सूरत का दीवाना है…||✯
खुद लड़नी पड़ती है जिंदगी की लडाई.. लोग साथ कम और ज्ञान ज्यादा देते है..!!
खामोशी से खत्म हुए रिश्ते,
मन में गहरा शोर छोड़ जाते हैं।
"यदि आप अपना विचार बदल सकते हैं,
तो आप अपना जीवन बदल सकते हैं।"
विलियम जेम्स
दुनिया का सबसे खूबसूरत पौधा विश्वास का होता है…..जो जमीं पर नहीं , दिलों में उगता है…!!
कुछ लोग ठोकर खाकर बिखर जाते हैं…कुछ लोग ठोकर खाकर इतिहास बनाते हैं…!!
कोई तो बहाना बनाओइक मुलाकात का_!!
कोई दुःख
मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं,
हारा वही जो लड़ा नहीं।
कुँवर नारायण
जो ‘तुम’ ना कह कर ‘आप’ कहेबस इतने पर तो जान लुटा जाए
तू बन जा गाली बनारस की मैं शाम तलक..
क्या उस गली में कभी तेरा जाना हुआजहाँ से ज़माने को गुज़रे ज़माना हुआमेरा समय तो वहीं पे है ठहरा हुआबताऊँ तुम्हें क्या मेरे साथ क्या-क्या हुआम्म हम्म, खामोशियाँ एक साज़ हैंतुम धुन कोई लाओ ज़रा….
तेरे इख़्तियार में क्या नहीं, मुझे इस तरह से नवाज़ दे
यूँ दुआएँ मेरी क़ुबूल हों, मेरे दिल में कोई दुआ न हो
कुछ लोग जिंदगी से ऐसे जाते हैं जैसे कभी जिंदगी का हिस्सा थे ही नही, दुख इस बात का है की अलविदा कहने तक की ज़रूरत नही समझते.