इलाज़ ना ढूंढ तू इश्क़ का, वो होगा ही नहीं, इलाज़ मर्ज़ का होता है इबादत का नहीं..!!
छीन लेते हैं रंगत चेहरे की,
बेटियों को जो बोझ समझते हैं,पहले छीन लेते हैं खुशियां उनकी,
फिर हंसने को कहते हैं..!!
उड़ा दो उस पंछी को जो आपके दिल में रह कर,,किसी और के साथ उड़ने का शौक रखता हो...!!
पद और पैसे से कितने भी अपराध छुपा लो साहब,
किसी गरीब की बद्दुआ तुम्हे सुकून से जीने नहीं देगी...
कि इस दिल पर किसी चोट का असर नहीं होता,
दर्द इतना सह लिया हैं कि अब दर्द नहीं होता ...
मसरूफ हो बोहोत तुम ... कहो खुश तो हो ना तुम ...
होंगे दक्षिण, होंगे वामजनता को रोटी से काम
ऐसा नहीं के हम बुरे हैं बोहत
इक प्यारी सी नज़र, की है बस कमी
दुनिया में कोई गलत नहीं होता, उसके लिए वो सही है हमारे लिए हम सही है !!
हिम्मती प्रेमिकाएं पत्नियां बन जाती हैबाक़ी सभी कविताएं बन जाती है ।
आपका गिरना एक हादसा हो सकता है...
मगर वहीँ पड़े रहना आपकी मर्ज़ी है ..
तू रूह में शामिल है मेरी आती जाती साँसों की तरहजिस पल भूलूँगी तुझेवो लम्हा मेरा आखिरी होगा
पत्थर में भगवान है, लेकिन इंसान में इंसान नहीं !
तुझे अल्फाजों में लिखते-लिखते
यूँ ही ज़िंदगी की शाम हो जाये,
बस रहे तू ही आबाद मेरे लफ्ज़ो में,
चाहे ये जिंदगी नीलाम हो जाये...!!
अच्छा इंसान जब बुरा बनता है,
तब बहुत बुरा बन जाता है....
आदमी की सबसे अच्छी नस्लयुद्धों में नष्ट हो गई,देश का सबसे अच्छा स्वास्थ्यविद्यालयों मेंसंक्रामक रोगों से ग्रस्त है
~ धूमिल
सुकून चाहतें हो तो, कुछ बातें, कुछ यादें,कुछ सवाल, कुछ ख्याल दिल से आजाद कर दो...
वे धर्म का डर देंगे
वे जाति का डर देंगे
वे ईश्वर का डर देंगे
वे संस्कृति का डर देंगे
तुम्हें वो सबकुछ देंगे जिनसे तुम डर सको
तुम जितना डरोगे,
वे उतने ही आततायी होते चले जायेंगे
एक जमाना हो गया
अपने दिल की बात किसी से कहे हुए
अब तो आईना भी शक्ल
देखकर पूछता है तुम कौन हो.....??...
तोहार पाँच किलो राशन मुँह पे फेंक देवे के..!साहेब आवे द इलेक्शन तोहके देख लेवे के..!