मैं किसी शख़्स से बेज़ार नहीं हो सकता
एक ज़र्रा भी तो बेकार नहीं हो सकता ।
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,कौसल्या हितकारी ।हरषित महतारी, मुनि मन हारी,अद्भुत रूप बिचारी ॥लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा,निज आयुध भुजचारी ।भूषन बनमाला, नयन बिसाला,सोभासिंधु खरारी ॥कह दुइ कर जोरी, अस्तुति तोरी,केहि बिधि करूं अनंता ।माया गुन ग्यानातीत अमाना,वेद पुरान भनंता ॥
ना धन चाहिए तुझसे ना दौलत चाहिए,
मेरी मां मुझको बस मन कि शुद्धि चाहिए,
और बिन मांगे बहुत कुछ मिल चुका है तुझसे,
बस नियत संभाल सकूं, इतनी बुद्धि चाहिए..!!
मेरी किताबों कि सबसे अच्छी कविता हो तुम…🍁
वे भगवान हैं जिनको हमनें माँ के रूप में पाया है
उनकी गोद स्वर्ग है तो आँचल आख़िरी छाया है
राजा सोता रहें तो भी ठीक
जनता आवाज भी उठाए तो गुनाह
जलती रही बस्ती नग्न होती रही स्त्रियां
जनता इसे कहें भी क़त्ल तो है सज़ा
राजेश गौरी
जली को आग कहते हैं,बुझी को राख कहते हैं।और जो अंधभक्तों के पास नहीं हैउसे दिमाग कहते हैं
बड़ी कस केबांधे रक्खी है मुझेयादें तेरीबिछड़ना मुझे भी नहीइन से…..
मेरा circle छोटा है क्योंकि, मैं Quantity में नहीं Quality में विश्वास करता हूं।
है सब कुछ भी ,मगर है कुछ भी नहीं….तू ही तू है मेरे अंदर ,मुझमें मैं कुछ भी नहीं…!!
तोहार पाँच किलो राशन मुँह पे फेंक देवे के..!साहेब आवे द इलेक्शन तोहके देख लेवे के..!
हमेशा दूसरों को हँसाओ दुसरो को मनाओ, कभी कभार खुद को भी पूछ लेना चाहिए कि तुम्हारा हाल कैसा है...
समाज की नज़र में दारू पीने वालेअमीर आदमी हैं तो ड्रिंक करता हैमिडिल क्लास हैं तो शराब पीता हैगरीब आदमी है तो वो बेवड़ा है
मन का झुकना भी बहुत जरूरी है,
सिर्फ तन झुकाने से भगवान नहीं मिलते.....
ज़िन्दगी ने दिए हैं बहुत से धोखे,
बट कोई बात नहीं...इट्स ओके.
मर्द बेईमानी करे तो मास्टरमाइंडऔर औरत करे तो धोखा
अगर मैं सबके जैसा होता,
तो यकीन करो इतना परेशान ना होता...
कभी-कभी कुछ लोग अपने बोले हुए अल्फाजों की वजह से,
हमेशा के लिए दिल से उतर जाते हैं।
रामचंद्र कह गये सिया से ऐसा कलयुग आएगा,देश में होगी भुखमरी, बेरोज़गारी वो उसे ही विकास बतलायेगा
रिश्ते में रहते हुए तो है ही,
रिश्ते से अलग होते हुए भी डिग्निटी बहुत ज़रूरी है.