किसी का मजाक और अपना पैसा
सोच समझकर ही उड़ाना चाहिए।
रथ रावण के पास था
संसाधन रावण के पास थे
सेना रावण के पास थी
सोना रावण के पास था
भगवान राम के पास सत्य था
आशा थी. आस्था थी. प्रेम था.
परोपकार था. विनय था. धीरज था. साहस था.
सदैव नहीं रहती...
हँसता रहता हु….क्यूँकि मुझे ‘आज’
की फ़िक्र हैं, ‘कल’ की नहीं
कैसे थे और
कैसे हो गये हैं हम ?
खुद को ढूँढते ढूँढते
खुद में ही खो गये हैं हम ..
ना जाने क्या लिखा हैं
किस्मत की लकीरों में ?
धड़कनों से जिंदा हैं
पर दिल से सो गये हैं हम ..
भिन्न मत का मान रखो, गलत का नहीं
मोहब्बत आपके दिल से हो गई एकराहत थी अब खुदा की रहमत हो गई !
तेरे जानें से ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ा
जहा दिल होता था अब वहा दर्द होता हैं.
ये जादू तेरे इश्क का,
या मुझे नशा हो गया है,
तेरे सिवा हर शख्स क्यू
धुंधला सा हो गया है...!!!
सारा ज़माना जब खिलाफ था भूलो नहीमें आपके बाप के कंधे से कन्धा मिलाए खड़ा था
डिग्रिया तो आपकी पढ़ाई के खर्च की रसीदें है.. ज्ञान वही है जो आपके किरदार में झलकता है.!
नहीं मैं बिना मतलब नहीं मुस्कराती...
मैं मुस्कुराती हूं उसे याद करते हुए...
व्यवहार में सुंदरता रखिए,
हर कोई चेहरे पर नहीं मरता
लड़कियाँ खिलौना नहीं होती जनाब,पिता तो यूँ ही प्यार से गुड़िया कहते है..
ये दुनिया कांटों जंगल है
नफ़रत की आग दिलों में दहकती है
एक तू ही मेरे इश्क किताब
जहां तूं बसंती फूलों सी महकती है
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
रावण में लाख बुराई थी फिर भी उसके
राज्य में किसी स्त्री को निर्वस्त्र कर घुमाया
नहीं गया था
बात लगाव और एहसास की होती है,वरना मैसेज तो कम्पनी वाले भी करते हैं…
तू जहां तक दिखाई देता है..
उसके आगे मैं देखता ही नहीं..
पुरुष सफ़ल रहे जीवन में या असफल रहे... वो हर परिस्थिति में एक छली गई स्त्री या टूटी हुई स्त्री के जीवन को बदल सकता है उन्हें सकारात्मक कर सकता है और सहायता करने को तत्पर रहता है, परंतु स्त्री...