आज ये दिल बेवजह ही खुश हैं
लगता है एक नया दर्द मेरे इंतजार में हैं
वह लड़कर भी सो जाए तो उसका माथा चूमूं मैं उससे मुहब्बत एक तरफ है उससे झगड़ा एक तरफ।
घर वाले जब भी कहते हैं कि भाड़ में जाओ तो मैं चुपचाप आकर फेसबुक पर बैठ जाता हूँ.
लोग पराए की तलाश में,
अपने खो देते हैं...
"जिस दिन आपने ये सीख लिया की सीखते कैसे है, फिर आप कुछ भी जीत सकते है II"
हम ही हमको काट रहे हैं,हम ही हमको बाँट रहे हैं।
हम ही हैं जो पाटें खाई,हम ही हैं जो करें खुदाई।
काश तू चाॅंद , और मैं सितारा होता ,आसमान में , आशियां हमारा होता..!!
लोग तुम्हें दूर से देखते ,पास से देखने का हक , सिर्फ हमारा होता..!!
आपका गिरना एक हादसा हो सकता है...
मगर वहीँ पड़े रहना आपकी मर्ज़ी है ..
न मुझे किसी को हराना है न ही मुझे किसी से जीतना, मुझे अपनी एक राह बनाना है और उस पर चलते जाना है!
रोज़ी-रोटी, हक की बातें जो भी मुँह पर लाएगा,
कोई भी हो, निश्चय ही वह कम्युनिस्ट कहलाएगा !
कभी-कभी शब्दों को पढ़ते व शब्दों को गढ़ने से क़िताब तो पूर्ण हो जाती है,किंतु कहानी अधूरी ही रह जाती है।।
कमाल की थी तेरी वो मुस्कुराहट जिसके हम कायल थे,
आज तो तेरा लहजा मेरे मौन को भी घायल किये हुए है..!!
विरक्ति
बदल गए हैं मायने अब रिश्तों के..
अब हर रिश्ते का मतलब,
सिर्फ़ "मतलब" है..
अपने आपको बदलो, तब तक दुनिया नहीं बदलेगी !
शिक्षा का अर्थ केवल शिक्षित होना या नौकरी पाना नही होता; शिक्षा का अर्थ होता है अपना ‛उज्ज्वल चरित्र’ बनाना होता है। शिक्षा से हमें अहंकार नही सदाचार प्राप्त होता है और आचरण शुद्ध होता है। शिक्षा से ही स्वयं...
संघर्ष के समय कोई नजदीक नहीं आता
सफलता के समय
किसी को आमंत्रित नहीं करना पड़ता!
बिछड़ने वाले तुझे देख-देख सोचता हूँ
तू फिर मिलेगा तो कितना बदल चुका होगा...
उसे पता ही नही इंतज़ार का दुःख
मैं उसके पास कभी "देर" से गया ही नही..
तुझमें उलझ गईं हूं मैंये उलझनों के धागे कभी सुलझे ना
हाल ए दिल क्या बया करेंबीन तेरे मुझे कुछ गँवारा नहीं..!!
हर किसी से बिखर जाऊँ।।
इतनी हल्की हमारी हस्ती नहीं।।