अपनी उम्मीद हमेशा ख़ुदा से रखो,इंसान कब बदल जाए कोई भरोसा नही ॥
ज़हर की ज़रूरत ही ना पड़ी ...
उसके हर पल बदलते बर्ताव ने ही हमें मा^र डाला
मर्द की जेब में जब छेद हो जाता है ,
तो सिक्को से पहले रिश्ते गिर जाते है ...
कुछ बादलों की सी
है फितरत उनकी
छाते है मेरी छत पर
बरस कहीं और जाते है
बांट कर वक्त अपना
महफिल में गैरों की
बहानों भरे कुछ पल
हमको थमा देते है
रहूं हर पल उनके साथ
इस हसरत से वो
दिल में मेरी तस्वीर
बना कर रखते है
जानते...
सब झूठे हैं यहां,
बस यही एक सच है..!
दिल करता है करेले की सब्जी खिला दूंउन लोगों को जो मुंह में मिठास और दिल में जहर लिए घूमते हैं
मुंह पर बोलूं तो खटकता हूं लोगो को,
चुप रहू तो अन्दर की बगावत मार देती है।
"जान दे सकती हो तुम मेरे लिए"ये मुझे स्टांप पे लिक्खा चाहिए.
रावण में लाख बुराई थी फिर भी उसके
राज्य में किसी स्त्री को निर्वस्त्र कर घुमाया
नहीं गया था
एक दिन मैंने खुद की तलाशी ले ली ,जो कुछ मिला वो अपना था पर अपना लगा नहीं!
जिंदगी में हजारों लोग आवाज देंगे,
मगर वही बैठना जहां अपनेपन का एहसास हो...
क्या ही करूंगा मैं दुनिया जीत करजब आख़िर में तुझे ही हारना है….!!
वो आईने में कैसे बर्दाश्त करता होगा खुद को
उसे तो धोकेबाज़ लोगो से सख्त नफरत थी..।।
बच्चों को जहां चूमती है वो
ठीक उसी जगह चूमती थी वो
शुद्धता यदि मन में हो तो भक्ति भी तृष्णा है,ज़िन्दगी संवर जाती है यदि हृदय में कृष्णा है..!!
कोई दुःख
मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं,
हारा वही जो लड़ा नहीं।
कुँवर नारायण
बेवफाओं से हार कर
वफादारो से बदला लेते है लोग।
आज मैं उधर से निकला था जहाँ हम मिलते थे,
किसी ने वहाँ दीवार खड़ी कर दी.
सफलता के दरवाज़े उनके लिए ही खुलते हैं,
जो उनको खटकाने की हिम्मत करते हैं...