भरोसा बहुत कीमती हैजिंदगी कम पड़ जाती है इसे कमाने में
कोई हलचल नहीं है दुनिया में ,
शायद उसने पायल निकाल रखी है
याद रखना, ढलते वक्त में हाथ छोड़ा है,
हिसाब तो जरूर किया जाएगा ।
बेचारगी पे मेरी उसे प्यार आ गया, शायद मेरे तड़पने का अंदाज़ उसे भा गया
ऐ जाने वाले जल्दी जामुझे हंसने का मौक़ा दे
सत्य की गाड़ी में बैठेंगे तो कष्ट के स्टेशन तो आएंगे !!!
मिट्टी भी जमा की और खिलौने भी बना कर देखें ,
जिंदगी कभी ना मुस्कुराई फिर बचपन की तरह ।।
बिन बताये उसने क्यों ये दूरी कर दी, बिछड़कर उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी ! मेरे मुकद्दर में गम आये तो क्या हुआ , खुदा ने उसकी खुवाईश तो पूरी कर दी !
जज्बातों का भी बाजार थाये जरा तब समझ आया ,एक रोज हम वहां चले गए ,जहां ये शामें लगा करती थी।।
लग गई आग उन मकानों में जिन मकानों में कभी रहते थे,
आपसे और क्या कहें साहिब कल भी रोते थे अब भी रोते हैं।
सबसे ख़तरनाक होता है
मुर्दा शांति से भर जाना
न होना तड़प का सब सहन कर जाना
घर से निकलना काम पर
और काम से लौटकर घर जाना
सबसे ख़तरनाक होता है
हमारे सपनों का मर जाना
सबसे ख़तरनाक वह घड़ी होती है
आपकी कलाई पर चलती हुई...
तौक़ीर अँधेरों की बढ़ा दी गई शायद...
इक शम्अ जो रौशन थी बुझा दी गई शायद...
उसे खोना… मतलब खुद को खोना….इसलिए मैं उसे पाकर… मैं आबाद होना चाहती हूं…
चराग-ए-इश्क कभी दिल से जलाया न करो , जलाओ तो जलाकर नफरत से बुझाया न करो, ............ गम ये नहीं के भूल गए तुम हमको... बात ये है के , इस कदर याद तुम आया न करो...!!
चिंतन से ही परिणाम को बदल सकते हैं…
चिंता से नहीं !!!
ग़लतियाँ उसकी क्या गिनाऊँ मैं
इक कसर छोड़ी नइँ सताने में
काम पड़ सकता है,
आधे रिश्ते तो लोग इसी लिए निभा रहे हैं...
सुनोतस्वीर मेंतुम्हें देखनातुम्हें याद करनातुम्हें महसूस करनाऔर हर पल यह सोचनाकि तुम होती तो ऐसा होताग़र जो तुम होती तो वैसा होताहाय! सब कुछ कितना प्यारा होताकितना, कितना, कितना ही सुन्दर होता…
" ऐब " भी बहुत है मुझमे , और " खूबियां " भी ,
ढूँढने वाले तू सोंच , तुझे क्या चाहिये मुझमे ..!!
मुझे ये रूह से मिलने का ढोंग नईं करनामेरे बदन को तेरे स्पर्श की ज़रूरत है