मज़ा तो तब है के तुम हार के भी हँसते रहो,हमेशा जीत ही जाना कमाल थोड़ी है
गैरों की बातें सुनके,
अपनो से उलझा नहीं करते...
फासला इसलिए रखा मैंनेक्योंकि तुम करीब थे हर किसी के…..!!
जज्बात में बहुत ताकत है ,
निर्माण की भी और विध्वंस की भी।
जो लोग हमें कामयाबी की दुआ दिया करते थे,आज वो ही हमसे जलने लगे है !
आत्मबल को भेदती इस तीक्ष्ण गर्मी में, मानसूनी बारिश की पहली फुहार हो तुम...
समझदारो की भीड़ में खड़ा मुझे वो बावला पसंद है,
हम शौकीन है चाय के, हमे लड़का सावला पसंद हैं..!
मसला हल हुआ?
हुआ कि नही?
हमसा कोई मिला?
मिला कि नही?
छोड़िये हमको हम तो बे-दिल है।
आपका दिल लगा?
लगा कि नही?
“हम मिलेंगे कब ?
उसने पूछा
एक साल और एक जंग के बाद,
मैंने बताया
जंग कब ख़त्म होगी ?
उसने पूछा
अपनी ताकत का परिचय तब दीजिए,
जब सामने वाला आपको कमजोर समझने लगे।
लाया हूं आपके लिए चांदी की बालियां ,
कानों में डाल के इन्हें सोना बनाइए ।।
दुर्घटना तो जन्म है
मृत्यु तो घटना का अंत है
दवा की बोतलाे में प्यार भर के बेचो यार,
लोग बीमारी से नहीं तन्हाई से मारे जा रहे हैं...
घर में पड़ी दरार जब भरती नहींदीवार बन कर उठ खड़ी होती है।
लग गई आग उन मकानों में जिन मकानों में कभी रहते थे,
आपसे और क्या कहें साहिब कल भी रोते थे अब भी रोते हैं।
बिछी थीं हर तरफ़ आँखें ही आँखें
कोई आँसू गिरा था याद होगा
अचानक आ जाती है मृत्यु की ख़बरअचानक डूब जाता है शहरअचानक ढह जाती हैं इमारतेंअचानक चुभ जाता है कांटाअचानक फैल जाती है आग जंगल में
सारी त्रासदियां अचानक आती हैंनहीं आता कभी कोई सुख अचानकजैसे तुम कभी नहीं आयी।
~गौरव गुप्ता
खुद पर यक़ीन होना चाहिए क्यूकी , सहारे ही इंसान को बेसहारा करते हैं ...
हुक़ूमत से सिफारिश की तमन्ना हम नही ऱखते..!!!हमे मालूम है हमारी हिफाज़त कौन करता है??
तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ है तुमकोमेरी बात और है मैंने तो मुहब्बत की है
~साहिर लुधियानवी