sj_coat_512x512_web

World's Best Cow Hospital

तेरे जानें से ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ा जहा दिल होता था अब वहा दर्द होता हैं.

मैं कियूं करूं तुम्हारी बातों पर गुस्सा, जब मुझे पता हैं की तुम्हारे पास दिमाग नही हैं...||

शुरुआत हो चुकी हैं अब बादशाह के साथ बेगम भी नाचेंगी..!

खुशियां खत्म हो चुकी मेरे जीवन से, मैं अवसादों का रहगुजर हूं, और जिसे कोई नहीं तराश सकता, मैं वो मानव निर्मित पत्थर हूं..

समय से भी ज्यादा महंगी भावनाएं होती हैं , जो समझे उसी पर खर्च करो

बड़े बड़े युद्ध अक्सर शांत कमरों में अकेले लड़े जाते हैं !

बाज के हौसले में फर्क है,वरना उड़ान कौवे भी भरते हैं।

नफ़रत के खेल में बस ख़ून है, मुहब्बत करो, इसमें सुकून है।

उफ्फ ये रात ये आवारगी ये नींद का बोझ, अगर हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते...

अंत का भी एक अंत होता हैं, कुछ भी कहाँ अनंत होता हैं...

विश्वास का पौधा लगाने से पहले जमीन को परख लेना क्यों कि हर मिट्टी वफादार नहीं होती..

सूरत नहीं देखी जाती, सीरत देख लोजिस्म का क्या करना जब रूह एक हो

एक अरसे से हमारी बोलचाल बन्द हैफिर भी क्या यादों की आवाजाही बन्द है

ज़िद्दी हूँ बहुत ज़्यादा गुस्सैल भी हूँबत्तमीज़ भी हूँ बेपरवाह भी हूँलेकिन मैंने कभी किसी से भीमतलब के लिए रिश्ते नहीं रखे...

सत्य के बाद मनुष्य निर्भय हो जाता है, और झूठ के बाद कायर। जया अंजनी

मुस्कुराना इतना भी मुश्किल नहीं हैंबस तुम्हारे बारे में सोचना ही तो है !!

नाम लेती हो मेरा , बदतमीज ,तुम मुझे आप क्यूं नही कहती ।।

ऐ खुदा लोग बनाने थे पत्थर के अगर,तो मेरे एहसास को शीशे सा न बनाया होता।

रिश्तों में बातें ज़रूरी होती हैं।

आज फिर समय, मुकद्दर मेरी खुशियों से जीत गया है, मेरी ज़िन्दगी का एक और साल तेरे बिना बीत गया है..!!


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »