जद्दोजहद चार सौ पार की नही...
चार सौ बीसी से पार पाने की है।
जरूरत जिन्हें दिमाग की हो,
उन्हें दिल कभी मत देना.....
हजारों की भीड़ में भी पहचान लेते हैं,पापा कुछ कहे बिना ही सब जान लेते हैं..!!
सच बोलूं तो तुम्हें ज्यादा जान नहीं पायाहां मगर समझ लिया था,की कोई अधूरी ख्वाहिश सी हो तुम
हे अर्जुन! हजारों मनुष्यों में कोई एक मुझे पाने के लिये प्रयास करता है,और उन प्रयास करने वाले योगियों भी कोई एक ही मेरे परायणहोकर मेरे तत्त्व को जानता है।
राजनीतिक भाषा की रचना ऐसी हैं जिसमे झूठ को सच बताया जाता हैं,
और सच का बड़े सम्मान के साथ हत्या किया जाता हैं
मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ, काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ.... ~ भारत भूषण पन्त
सफल होने के लिए तुम्हें.. खुद की दुनिया में कैद होना पड़ेगा..!!
किसानों के लिए MSP की लड़ाई
युवाओं के लिए रोज़गार की लड़ाई
वंचितों के लिए हिस्सेदारी की लड़ाई
जन-जन के लिए लोकतंत्र की लड़ाई
ज्ञान का उपयोग न हो तो वह भार के ही समान है.!
~ अज्ञात
इन बारिशों से कह दो कहीं और जाकर बरसे ..... मुरशद ...
इतनी रिमझिम तो रोज हमारी आँखों में होती है।।
हज़ार चाहने वालों से,
एक निभाने वाला बेहतर होता है....
ताकत लोगों को जोड़ने से बनती है, उनको खिलाफ़ करने से नहीं....
किसी ने पूछा अच्छी लड़कियां होती है किया ???मैंने कहा लड़कियां तो अच्छी होती हैं …..मगर उन्हें देखने के लिए हवस भरी नहीं,परख भरी निगाहें जरूरी होती हैं ,,,,!!
जिंदगी के रास्ते में सफर के मज़े लो,मंजिल तुमसे खुद किसी मोड़ पर टकराएगी ।
मेरे जीवन से मिला एक तजुर्बा,
आज भी बहुत अहम् था,
प्यार, भरोसा, वफ़ा, ज़फा,
इंसान के लिये सिर्फ वहम् था..!!
आपकी सोच ही वो कलम है
जो आपका भाग्य लिखती हैं..!!
सफल होने के लिए तुम्हें,
खुद की दुनिया में कैद होना पड़ेगा...
जिससे भी मिलोगे अधूरे मिलोगे.. ,
बहुत सारे तो तुम मेरे पास रह गए हो..!