मन से जुड़कर तुझे तौलती हूं ,मैं हम से जुड़कर हमसे महकती हूं .. !!
खुद मे झाकने के लिए ज़िगरा चाहिए,,,दुसरो की शीनाखत् मे हर शख्स माहिर है,,,
शब्दों का भी तापमान होता है साहब ,
ये सुकून देते हैं तो जला भी सकते हैं।।
ख़ुद से बेहतर नहीं है कोई भी हमसफ़रअकेले रहना इस्तेमाल होने से बेहतर है !
तुझे नहीं आएंगी मुफ़लिसी की
मुश्किलात समझ,
मैं छोटे से घर
का बड़ा हूँ .......
मेरी बात समझ !!
मोहब्बत कहीं न कहीं अपनी हम-ख़्याल पसंदीदा रूह के साथ सारी उम्र , बिना उकताये हम-कलाम होते रहने का नाम है .!!
तुम तो सूरज से आंख मिलाते नहीं थकते
थोड़ा और ऊपर उठो आसमान बहुत हैं
मुकेश को याद करते हुए...१०० साल {1923-2023}
आज खुद को खुश रखना ही
दुनिया का सबसे बड़ा संघर्ष बन गया है।।
आपको लेकर मेरा खयाल नहीं बदलेगा,
साल बदलेगा मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा।
ज़रूरतें तो फिर भी मान जातीं हैं
भूख के पास मगर होता नहीं दिमाग़
सिर्फ़ जीना मायने नहीं रखता,
सही तरीके से जीना मायने रखता है।
रोज़ अच्छे नही लगते आँसू खास मौको पे मज़ा देते है..!!
हाय वो जिम्हें देखा भी नही याद आये तो रुला देते है..!!
आग अपने ही लगाते हैगैर तो सिर्फ हवा देते है…!!
प्रेमिका को बाइक पर पीछे बिठा करब्रेक मारने का सपना, सपना ही रह जाएगा लगता है !
खुद की कीमत गिर जाती है...
किसी और को कीमती बनाते बनाते..!!
कोई ये कैसे बताए कि वो तन्हा क्यूँ हैवो जो अपना था वही और किसी का क्यूँ हैयही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यूँ हैयही होता है तो आख़िर यही होता क्यूँ है
-कैफ़ी आज़मी
अहंकार करने पर इंसान की प्रतिष्ठा,
वंश,वैभव, तीनों ही समाप्त हो जाते हैं॥
शब्द सरिता बहती रहे, कलम अनवरत चलती रहे, बस यही आशीर्वाद मिलता रहे ! !
ना जाने यह ज़िंदगी कैसे-कैसे इम्तिहान लेती है
फूलों के गुलदस्ते में छुपाकर खंजर जान लेती है
दस्तक और आवाज तो कानों के लिए है जो रूह तक सुनाई दे उसे खामोशी कहते है