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World's Best Cow Hospital

एक दिन मैंने खुद की तलाशी ले ली ,जो कुछ मिला वो अपना था पर अपना लगा नहीं!

चिंता से चतुराई घटे, दु:ख से घटे शरीर। पाप से लक्ष्‍मी घटे, कह गये दास कबीर।।

बेईमानी से कमाया हुआ पैसा , बीमारी में चला जाता है.....!!

इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं , हम वो सब कर सकते हैं जो हम सोच सकते हैं !

भरोसा कोई एक तोड़ता है, नफरत सबसे होने लगती है...

बात चाहे हम पूरी दुनिया से कर ले…..पर पगलू तेरी कमी कोई भी पूरी नहीं कर सकता…!!

मेरे हिस्से में भी ये दिन आए.... हथेली मेरी हो और अपने नाम की मेहंदी तू लगाए !

हिम्मती प्रेमिकाएं पत्नियां बन जाती हैबाक़ी सभी कविताएं बन जाती है ।

जो खुश नहीं होना चाहते उन्हें कोई खुश नहीं कर सकता और जो खुश रहने का हुनर जानते हैं उन्हें कोई खुश रहने से नहीं रोक सकता !!!

ना दोस्त, ना मसीहा और ना ही किस्मत ने साथ दिया था, खुली किताब सा लड़का मैं जिसे इश़्क़ ने बर्बाद किया था..!!

वृंदावन की कूंज गली मेंमही बैचने में गईनंद जी के लाल मुझे सामने मिले जबमें तो शरमा गई रेकनैया तेरी मुरली बैरन भई

हमारा चरित्र कितना ही दृढ़ हो, पर उस पर संगति का असर अवश्य होता है।" प्रेमचन्द

कविता गाकर रिझाने के लिए नहीं समझ कर खो जाने के लिए है। रामधारी सिंह दिनकर

क्यों डरें ज़िन्दगी में क्या होगाकुछ ना होगा तो तजरूबा होगा

माँ एक बोझा लकड़ी के लिए क्यों दिन भर जंगल छानती, पहाड़ लाँघती, देर शाम घर लौटती हो? माँ कहती है : जंगल छानती, पहाड़ लाँघती, दिन भर भटकती हूँ सिर्फ़ सूखी लकड़ियों के लिए। कहीं काट न दूँ कोई...

काश एक शायरी कभी,तुम्हारी कलम से ऐसी भी हो,जो मेरी हो मुझ पर हो और,बस मेरे लिए ही हो..!!

हम पूजते है तुम्हें, कृष्ण की मीरा की तरह,हर मर्द के अंदर एक औरत का दिल होता है.

ज़िंदगी किसी के तो काम आये, हमारी उमर ही आपको लग जाये !!

जद्दोजहद चार सौ पार की नही... चार सौ बीसी से पार पाने की है।

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं मेरी तरफ़ से दोनों भाड़ में जाएं


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