World's Best Cow Hospital

दुनिया बड़ी भुलक्कड़ है केवल उतना ही याद रखती है, जितने से उसका स्वार्थ सधता है। हज़ारी प्रसाद द्विवेदी

दिन भर तड़पता रहा तेरी यादों के साथ…किसी ने पूछा तो कहें दिया,तबियत ठीक नहीं…!

हमें देखो हमारे पास बैठो हम से कुछ सीखो हमीं ने प्यार माँगा था हमीं ने दाग़ पाए हैं..

भरता नही ज़ख्म अगर नासूर बन जाये ॥ जिसे अपना समझो वही जब दूर हो जाये ॥

जब भी कोशिश करता हूं अपनी मौत टालने की, वो किसी ना किसी बहाने सामने आ जाती है..!!

दूर होने के फ़ैसले, काफ़ी क़रीब आ जाने के बाद लिए जाते हैं.

हालात बिगड़ने लगे तुम बिछड़ने लगे हम दोनों को हालातो से लड़ना था, तुम हमसे लड़ने लगे

सब कुछ झूठा हो सकता है लेकिन अकेले में बहाया हुआ आंसू नहीं।

ना‌ जाने इतना दर्द क्यों देती है ये दुनिया हसता हुआ इंसान भी दुआओं में मौत मागता है

मंदिर बहुत बना लिया, अब एक लंका भी बना दो, जहा सीता जैसी बहन बेटी सुरक्षित रह सके ....!

दौलत, शोहरत और ताकत मिलने पर , इंसान बदलता नहीं है बल्कि बेनकाब होता है ...

उम्मीदें रखना अच्छी बात है ,, पर हर किसी से रखना गलत बात है..!!

मेरे बग़ैर तुम्हारा गुज़ारा कैसे होगामेरे जैसा कोई तुम्हारा दोबारा कैसे होगा

खुशी आपके नजरिया पर निभर्र करती है,आपके पास क्या है उस पर नहीं.

स्त्री और पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं। आपसी सहयोग के बिना दोनों का अस्तित्व असंभव है

मैं और मेरा रेड कार्पेट अक्सर ये बातें करते हैं तू होता तो ऐसा होता तू होता तो वैसा होता तू बीच की रेत पे बिछता, तू गार्डन में फैला होता तू समंदर के तल पे लेटकर मेरी ईगो सहला...

वक्त का तकाजा देखिए महसूस कीजिए हो रहा रदोबदल कुछ अच्छे कुछ बुरे महसूस तो कीजिए दौर था सुनहरा आपस की सहभागिता एक दूजे का साथ न जातीय विभेद बदला बदला आबो हवा बढ़ गई दूरियां अलग थलग राग लिए जातीय...

मेरे गाँव का मौसम बसंत हो गया है,यानी, तुम शहर से गाँव आई हो।

तुम्हारे दिल में भी तूफ़ाँ उठा है हमें भी प्यार तुमसे हो चला है किसी अय्यार जैसे हो गए हो तुम्हारा नाम मुझको रट गया है तुम्हारी बात भी अब टालने में मुझे अब ख़ुद से लड़ना पड़ रहा है अजब सी कश्मकश है ज़िन्दगी में कि...

जमाना वो आ गया है की.. जहर एक देता है जहरीले सभी लगने लगते है..!!


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