World's Best Cow Hospital English जो निशुल्क है वही सबसे ज़्यादा कीमती है,नींद शांति हवा और हमारी सांसें…. पहले ख़ुद पर ध्यान दो…बाद में दूसरों को ज्ञान दो … !!! वृंदावन की कूंज गली मेंमही बैचने में गईनंद जी के लाल मुझे सामने मिले जबमें तो शरमा गई रेकनैया तेरी मुरली बैरन भई नर हो न निराश करो मन को कुछ काम करो कुछ काम करो। मैथिलीशरण गुप्त सारे ही काम जरूरी थे जिंदगी में और होते भी गए एक खुदा तेरी इबादत ही थी जो हर बार टालती गयी जिन पेड़ो ने पतझड़ सहे हैं, बसंत भी उन्हीं पेड़ो पर आता है.... तुमने मेरी आंख में शाय़द झांक कर नहीं देखातुम मेरे करीब से इतना बचकर निकल गये कैसे करूं खुद को तेरे काबिल ए - जिंदगी, मैं जब आदतें बदलता तू सर्ते बदल देती हैं।। हर रिश्ता इसी कागज़ का गुलाम हैं..जिसे हम पैसा कहते हैं... सबकी परेशानियां सुनते हैं, खुद की बताने का मन नहीं करता.... शिक्षा कहीं से भी प्राप्त कर सकते हैं , लेकिन संस्कार हमेशा घर से मिलते हैं !! चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही !रवैये अजनबी हो जाये तो बडा दर्द होता है कभी बदन दर्द, सिर दर्द तो कभी उनकी सांस फूल जाती है, बेटा अगर प्यार से गले लगा ले, तो मां हर दुख भूल जाती है.. वक्त अच्छा हो तो लोग हाथ पकड़ते हैं ,और वक्त खराब हो तो गलतियाँ पकड़ते हैं ... हसीनों की गलियों से आँखें बंद कर गुज़रना लड़ गयीं जो उनसे आँखें, गड्ढे में जा गिरोगे। न मैं गिरा और न मेरे हौसलों के मीनार गिरे। पर, लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे... अब तो हर गली का पत्थर हमें पहचानताहैं उम्र गुजरी हैं तेरे शहर में आते जाते !!! खामखां क्यों किसी को दोष दे रहे हो, तुम्हारी हर तकलीफ़ के तुम स्वयं जिम्मेदार हो....!! 1 जिन्हें महसूस इंसानों के रंंजो-गम नहींहोते…वो इंसान भी पत्थरों से कम नहीं होते…!!! चाँद पाने की तलब करते हैं आप भी यार गज़ब करते हैं Prev1…262728…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.