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World's Best Cow Hospital

ज़िम्मेदारी क्या उठा ली मैंने , लोग मुझे मेरी उम्र से बड़ा समझ बैठे ...

तारीफ का तो पता नहीं, पर उंगलियां आपकी तरफ जरूर उठेंगी।

कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन,  फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर  - निदा फ़ाज़ली

इत्र,परफ्यूम से सिर्फ़, लिबास मेहकता है, क़िरदार नहीं।

अच्छा सुनो तुम इश्क की बातें न किया करो मासूम हैं हम, तेरी बातों से बहक जाते हैं..

सता लें ए जिंदगी चाहें जितना सताना है मुझे कौन सा इस दुनिया में दुबारा आना है

बिना किताबों की जो पढ़ाई, सीखी जाती है उसे जिंदगी कहते हैं..!!

हजारों बातें दिल में दफन करके , अब खामोश रहना पसंद है मुझे ..!!

कोशिश करा करो सच बोलने की,झूठे रिश्ते ही टूटेंगे, इंसानियत का धर्म नही…

सब प्रभु की माया है,हम तो खाली उनके बिछाएं मोहरे है …

अब कोई मरहम काम नहीं करता उन ज़ख्मों पर, जो मुझे मेरी वफ़ा के बदले उससे इनाम में मिले थे..!!

तुम अपने अंदर बस इतनी इंसानियत रखो की दूसरे के दुःख को छोटा न मानो.!

कैसे करूं खुद को तेरे काबिल ए - जिंदगी, मैं जब आदतें बदलता तू सर्ते बदल देती हैं।।

सुनो कृष्ण!!मौसम हरे रखनाऔर मन गीला

आदमी दुख में काम आना चाहिए, ख़ुशी में तों हिजड़े भी नाचने आ जाते हैं...

खुदा ने कहा भुला क्यों नहीं देते उसे... मेने कहा इतनी फ़िक्र है तो, मिला क्यों नहीं देते उसे।।

बदनाम तो बस हमारे वहां के लोग हैंवरना माल फूंक के तो सारे काम करते हैं

जिसे कोई नहीं सुधार पता,उसे वक्त सुधार देता है…

चाहे शरीर साथ ना दे या बीमार रहे, फिर भी मजदूरी करता है, एक पिता घर कि ज़िम्मेदारी, अपनी सांस बेचकर पूरी करता है.

दरिया हो या पहाड़ हो टकराना चाहिए जब तक न साँस टूटे जिए जाना चाहिए


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