अपने आप में शांति पाने के लिए, तुम्हें विचारों के बंधनों से मुक्त होना होगा !
क्या फायदा इतनी बड़ी दुनिया का
जब कोई घुमाने नही ले जा रहा है...
घर की जिम्मेदारियों से जब दब जाओगे,
क्या असर करती है चाय समझ जाओगे।
दिन भर तड़पता रहा तेरी यादों के साथ…किसी ने पूछा तो कहें दिया,तबियत ठीक नहीं…!
लफ़्ज़ जो भी हैं वही दिल को दुखाने वाले
सब हुनर सीख लिए तू ने ज़माने वाले 💔
जिएं इतना कि
ज़िन्दगी कम पड़ जाए
हंसे इतना कि
रोना मुश्किल हो जाए
किसी भी चीज़ को पाना
नसीब की बात है
मगर कोशिश इतनी करें कि
उपरवाला देने पर मजबूर हो जाए..
डूबी है मेरी उंगलियां मेरे ही खून मैं,ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सजा है !!
इरादे अगर मजबूत हो तो नियति खुद ब खुद रास्ता बना देती हैं
बढ़ रहा है ज़िंदगी का कैनवस हर दिन मगर
रंग गहरा अब नहीं दिखता किसी तस्वीर में
राघवेंद्र द्विवेदी
भावनाओ का कहा कोई द्वार होता है..!जहा हरि मिल जाएं वही हरिद्वार होता है..!
कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम,
ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।
किसी को उजाड़ कर बसें तो क्या बसें,
किसी को रुलाकर हसे तो क्या हसे।
सारे फरिश्ते मुझे ही मिले हैं ज़िंदगी में,
कोई गलती करता ही नहीं, मेरे सिवाय...
पढ़ना ही है तो इंसान को पढ़ने का हुनर सीखो..
हर एक चेहरे पर लिखा है किताबों से ज्यादा..!!
अहतियात बहुत जरूरी हैं,
चाहे सड़कें पार कर रहे हो या हदे ..!!
ख़ामोशी किसी की यूं ही बेहिसाब नहीं होती,
दर्द उनकी आवाज़ छीन लेते हैं
Perfect नहीं Permanent होना चाहिए
चाहे वो Relationship हो या Friendship....!!
मैं जा रही हूँ – उसने कहाजाओ – मैंने उत्तर दियायह जानते हुए कि जानाहिंदी की सबसे खौफनाक क्रिया है।
~ केदारनाथ सिंह
हम तर्क से पराजित होने वाले नहीं है।
हाँ, यदि कोई चाहे तो प्यार,
त्याग और चरित्र से हमें जीत सकता है।
-रामधारी सिंह 'दिनकर'