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World's Best Cow Hospital

हर स्त्री कुछ हद तक शिव के जैसी होती है, क़तरा-क़तरा विष जीवनभर पिया करती है…

मशहूर तुम आज भी हो मेरे नाम सेपहचान तुम्हारा आज भी है मेरे नाम सेवेवफाइ का चादर ओढ़ तुम आए थे मेरे पासले कर चली गई सारी खुशियांखुदा ने जो रखा था मेरे नाम से…..

रहीसियत कि "रकम" से जाहिलों को "सरताज" बनते देखा है, मैंने आज "हुनर" को नंगे पांव "तांत" पर उछलते देखा है..!!

मेरे ख्वाबो का कोई आशियाना नहीं हैं , अपने दर्दों को मुझे मिटाना नहीं हैं , मेरी मजबूरियों का फ़साना भी क्या अजीब हैं , मुझे रोना हैं पर किसी को बताना नहीं हैं ..

कितना बचा के रखते हैं हम समाज में अपनी छवि को, जबकि बचाना हमें हमारे विचारों और कर्मों को चाहिए अर्चना अनिरुद्ध

मजाक का सहारा लेकर लोग दिल की बातें बोल जाते हैं...!!

आज फिर से ओढ़ ली उसनेख़ामोशी की चादरज़बान उसकी मगर चीखना चाहती थी

मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँमाँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ

मेरे दोस्त गिरगिट की नस्ल के थे एक एक करके सबने रंग दिखाए

मेरा ही फायदा लेकर मुझपर ही कुल्हाड़ी चलाते हो, कितने बेदर्द हो ए मानव तुम जख़्म देते ही रहते हो !!

सब दिल रखने की बाते हैं, असली रूप सब छुपाते हैं !!

बस लिबास ही महंगा हुआ है... लोग अभी भी दो कौड़ी के हैं...!

अपनी उदासी मुझे दे दे , मेरे हिस्से का तु मुस्कुराया कर।

औकात से बड़े दिखावे इंसान को, अक्सर कर्ज़ में डुबो देते हैं...

✯||कुछ बाते बेहद सुकून देती हैं,जैसे तुम्हारी मुस्कुराहट...||✯ᵈ ✯ᵈ᭄•समंदर...༈

क्यूं सोचें, के चार लोग क्या कहेंगे? समाज में महज़ चार लोग थोड़ी है।

"सफलता छोटे-छोटे प्रयासों का योग है - जिसे दिन-प्रतिदिन दोहराया जाता है।'' ~ रॉबर्ट कोलियर

पल कितने है नहीं जानती हु पर जितने है अच्छे है ये जानती हु बहुत से लोग मिले कुछ सबक सिखा के गए कुछ से सबक सीख लिए गए ।।

इक रोज़ इक नदी के किनारे मिलेंगे हम, इक दूसरे से अपना पता पूछते हुए.

सीने में मेरे दिल है, पर अब उसमें तू नहींयानी तिजोरी तो है, मगर धन नहीं बचा..!


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