उनका मुझे नज़रंदाज़ करने का ये तरीका भी नायाब रहा,
मैं बैठा रहा पलकें बिछाएं और वो सामने रहकर भी ख्वाब रहा..!!
आरंभ से प्रारंभ तक
प्रारंभ से अंत तक
अंत से अनंत तक सब शिव हैं
उस इंसान का मंजिल से भटक जाना तय है,
जिसकी संगत में नकारात्मक लोग रहते हैं..!
मुझसे नफ़रत करनी है तो होंश से करना , ज़रा भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी ..!!
मैं किसी शख़्स से बेज़ार नहीं हो सकता
एक ज़र्रा भी तो बेकार नहीं हो सकता ।
जो होने वाला है अब उस की फ़िक्र क्या कीजे
जो हो चुका है उसी पर यक़ीं नहीं आता!
उसने हमसे रुसवा होकर..
हमारी जिंदगी का तमाशा बना दिया..!!
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहिं।
सब अँधियारा मिटि गया, जब दीपक देख्या माँहि॥
हालात बिगड़ने लगे तुम बिछड़ने लगे
हम दोनों को हालातो से लड़ना था,
तुम हमसे लड़ने लगे
वक़्त अपने उसूलों पे है हमेशा से कायम
इम्तिहान जिसका भी लेता है रियायत नहीं
दुनिया की सबसे खतरनाक नदी हैं,भावना जिसमें सारे बह जाते हैं…
संभोग करना आसान हैं,
और शादी करना मुश्किल हो गया हैं...
कभी कभी ऐसा क्यों लगता है तू मेरा होकर भी जुदा सा क्यों लगता है ?माना तेरी भी कुछ मजबूरिया है पर ये तों बता ये जो तेरी हर आहट का इंतजार करता है ये शक्श आखिर तेरा क्या लगता...
काश हमारे प्यार की नैया भी कबूतर पार लगाता,
तुम्हारा पैगाम अपने पैरो से मुझ तक पहुंचाता,
ख्वाब सात जन्मो के हम भी देख लेते तुम्हारे साथ,
अगर मुकद्दर को होता मंजूर तो तुमसे मिलवाता,
और हम भी महका देते कमरे को गुलाब के...
ना वो मुझे मिली, ना मैं किसी और से मिल पाया...
ऊंची मीनारों पर बैठ जाने से, कबूतर कभी बाज नहीं बनते...
इंसान अंदर से मर जाता है.
जब उसका सबसे मनपसंद शख्स बदल जाता है...
गालों पर उंगलियों की छाप
पीठ पर लात जूतों की बरसात
होंठों पर दाँतों के निशान
मुख की कोरों से बहता रक्त
कानों में गूँजती
रिश्तों को शर्मशार करती
हुईं गालियाँ
'उन दिनों'.
उसकी टाँगों के नीचे
आने से मैंने मना क्या कर दिया
बस..
उसने एक चुटकी...
आदमी की सबसे अच्छी नस्लयुद्धों में नष्ट हो गई,देश का सबसे अच्छा स्वास्थ्यविद्यालयों मेंसंक्रामक रोगों से ग्रस्त है
~ धूमिल
तारो को गिनने की चाहत में चाँद खो देते है लोग,
बेटे पाने की चाहत में बेटियों को खो देते है लोग !