उनकी भी क्या इज्ज़त करना,
जिनकी हरकते कुत्तों जैसी हो।....
कोई ये कैसे बताए कि वो तन्हा क्यूँ हैवो जो अपना था वही और किसी का क्यूँ हैयही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यूँ हैयही होता है तो आख़िर यही होता क्यूँ है
-कैफ़ी आज़मी
किसी ग़लतफ़हमी में मत रहना,
तुम्हारी कमी किसी को उदास,
रखेगी ये सोच कर वक़्त..
जायज़ मत करना !!!
अश्लीलता क्या हैं,नजरिया या कपड़े.?
कुछ गुमनाम सा इश्क है ये मेराअधूरा था अधूरा है और अधूरा ही रहेगा..🥀
हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी
कुछ हमारी ख़बर नहीं आती
एक घुटन सी हो रही थी मुझे संपूर्ण रात्रि ,घबराहट सी हो रही थी अपने ही अंधेरे कमरे में....भोर की सुनहरी रौशनी आई एक हल्की दस्तक लिए ,उदासी तमाम मेरे कमरे के दरवाज़े से फ़ौरन ही विदा हो कर नई...
की गैर तो गैर है गैरों से गिला क्या..
अपने तो अपने हैं अपनों से मिला क्या..!!
मैं रास्ते भूलता हूँ
और इसीलिए
नए रास्ते मिलते हैं
तेरी यादों ने रखा है हर वक्त बेचैन मुझे ,
ये दिसंबर भी कट रहा है तुझे याद करते करते ...
नत हूं मैं सबके समक्ष, बार-बार मैं विनीत स्वरऋण - स्वीकारी हूं - विनत हूंमैं मरूंगा सुखीमैंने जीवन की धज्जियां उड़ाई हैं।
~ अज्ञेय
रास्ते कभी बंद नहीं होते,
अक्सर लोग हिम्मत हार जाते हैं..!!
प्रेम चतुर्वेदी
OTP जैसे लोग,LIC जैसी बातें करते हैं…
हर बार के मिलने में तक़ल्लुफ कैसा ,
चाँद सौ बार भी निकले तो नया लगता है ।।
देखता हूं तुझे बड़ी गौर से ऐ इंसान
सुना है तू दिन भर में कई रंग बदलता है
मैं तेरे साथ 'गुज़ारा' भी नहीं कर सकता..
और अफ़्सोस 'किनारा' भी नहीं कर सकता..!!
जिंदगी भी पेड़ो की तरह गुजरती है,
लोग तोड़कर फल भी खाते है और पत्थर भी मारते है !!!
किस्मत जब मेरी बदलने लगी,तब कुछ कुत्तो की जलने लगी !
ना किया कोई सिंगार फिर भी गम नहीं ,
गरीब बाप की बेटी परी से कम नहीं ।।
आसानी से मिलने वाली चीजें
हमेशा खतरों से भरी होती है..