उदास लम्हों में बस चाहिए अकेलापनदिलासा देते हुए लोग ज़हर लगते हैं
अक्श समस्तीपुरी
डिप्रेशन और टेंशन में रहने से अच्छा है कि..आकर मेरे दिल में रह लो🎉❤️🐒
सुनसान रास्तों पर भी , ज़िंदगी ख़ुशगवार लगती है ,,जब मौजूद हो कुछ भटके हुए साये , लाजवाब बेशुमार लगती है ,,भीड़ थी आसपास बहुत कि उलझनें और उलझ गई ,, इसलिए ...छोड़ दिया सब कुछ ,, अब ना कोई...
ईश्वर जिन्हें खून के रिश्ते में बांधना भूल जाता है... उन्हें दोस्त बना देता है.
अल़फाज सुनने वाले हजारों लोग है मगर
खामोशी सुनने वाला सिर्फ मेरा अल्लाह है...
मेरी जिंदगी मै खुशियां तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है।
उन हाथों को कभी मत भूलना..
जिन्होंने तुम्हे बड़ा किया है..!!
शुक्र भी है और शर्मिंदा भी हैतेरे बाद मर भी गए और जिंदा भी है
रिश्तेदार भलें ही हाल-चाल न पूछें ,
पर स्टेट्स पर कड़ी निगरानी रखते हैं
ज़ख़्म छुपाना भी एक कला है
वरना हर मुट्ठी में नमक है !!!
झूठे वादों से बेहतर है...
साफ इंकार कर दिया जाए..!!
नैनों में था रास्ता हृदय में था गाँव
हुई न पूरी यात्रा छलनी हो गए पाँव
एक दिन ऐसे भी जीना हैं ..
जी भर के पीना हैं ,सारे दुखों को भुला देना हैं ,जब तक होश ना खो दूँ,हाँ ! मुझे भी शराब पीना हैं ..
ये मत समझ की तेरे काबिल नहीं हम, तड़प रहे हैं वो जिसे हासिल नहीं हम...!
बेवक़्त आया तूफ़ान बे-हिसाब तबाही मचा जाता है,
फ़िर चाहे वो हमारे शहर में आया हो या हमारे जीवन में !
मयखाने की इज्ज़त का सवाल था हुज़ूर , सामने से गुजरे तो थोड़ा सा लड़खड़ा दिए
जज्बातों का भी बाजार थाये जरा तब समझ आया ,एक रोज हम वहां चले गए ,जहां ये शामें लगा करती थी।।
राजनीतिक भाषा की रचना ऐसी हैं जिसमे झूठ को सच बताया जाता हैं,
और सच का बड़े सम्मान के साथ हत्या किया जाता हैं
जिद और जूनून चाहिये जीतने के लिये..
हारने के लिये तो आपका डर ही काफी है..!!
मैं तुम को भूल तो जाऊँ .. मगर छोटी सी उलझन है,
सुना है दिल से धड़कन की जुदाई .. मौत होती है