तपस्या अगर पार्वती की थी तो प्रतीक्षा शिव की भी रही होगी
तुम मेरी वो कमी हो,
जो कोई भी शख्स कभी पूरा नही कर सकता….!!
तानों की भट्ठी में तपा आदमी,
राख नहीं सोना बनता है....
पता नही हम कब जान पाएंगे,
लिपस्टिक कड़वी होती है या मीठी !
हम को रोज़ी खींच लाई शहर के सहराओ में
फूल, तितली, एक लड़की रह गए सब गाँव में
आज शोहरत के सफ़र में याद आता है वो पल
अपना दिल रखा था हमने जब किसी के पाँव में..!!
घर वालों को ज़रूर बताइए उलझने अपनी,मर जाने से अच्छा है उनके लिए जिया जाए….
यूॅं बार-बार मुझसे पूछकर मेरा इश्क़-ए-बयां ,
तुम "सज़दों" को शब्दों में तौला न करो..!!
करता वही हूं जो मुझे पसंद है..
माना कि उम्र कम है लेकिन हौसला बुलंद हैं..!!
तेरा साथ जो मिल जाए तो मंजिल दूर नही... दुआ मुकम्मल हो जाए तो जिंदगी दूर नही...!!
मत पूछ मेरी बेबसी का सबब क्या है,
पहले पिघलाया फिर पत्थर किया था..!!
अब वो किसी और से कहता होगातुम ही मेरी पहली और आखिरी मोहब्बत हो ...!!
इंसान ही इंसान का रास्ता काटता है ,बिल्लियाँ तो बस यूँ ही बदनाम हैं ..!!
तभी तक पूछे जाओगे जब तक काम आओगे
चिरागों को जलते ही बुझा दी जाती है तीलियां .!!
कोई गिरता गया कोई गिर ही गया
ख्वाब ख्वाहिश और लोग,जितने कम हों उतना अच्छा है…
थक जाता है इंसान "ख्वाहिशें" पूरी होने से पहले,कभी परिस्थितियां मार जाती हैं तो कभी ज़िम्मेदारियां..!!
कभी सुकून की चुस्की
तो कभी उलझन का किस्सा है..!
चाय सिर्फ चाय नहीं
हमारी जिंदगी का हिस्सा है..!!
सुलह कराने में लगा हूं
दिल और दिमाग के बीच
दिल मानता नहीं
दिमाग सोंचता नहीं
कुसुरवार दोनों हैं
दिल स्वीकारता नहीं
दिमाग जानता नहीं
मुद्दा जो था वो रहा नहीं
जाने से पहले दोनों से कुछ कहा नहीं
आहिस्ता बोलने का उनका वो अंदाज भी गजब था,
कानों तक को खबर न हुई,
और दिल ने सब समझ लिया।
कल रात तुम्हें ख़्वाब में गले लगाया था, आज मेरे सभी दोस्त मेरी महक का राज़ पूछ रहे हैं…