लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँ हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँ हैं
जीवन में हमेशा इंतजार ही नही करना चाहिए,क्योंकि सही वक्त कभी नही आता,उसे लाना पड़ता है !
खुश रहने के लिये जिंदगी में खुद के स्थिति क्षमता देख कर ही फैसले लेने चाहियेलोगों को खुश करने या दिखाने के लिये गये फैसले हमेशा दुख के कारण बनते हैं
रिश्ते को बचाने के लिए कभी अंधा,
कभी गूंगा तो कभी बहरा बनना पड़ता है..!!
श्री कृष्ण
मुसीबत में भी रास्ता निकाल लेते हैं..
वक्त कैसा भी हो मां बाप संभाल लेते हैं..!!
जीवन में दुःख और आनंद दोनों आते रहते हैं, इन्हें स्वीकार करो और आगे बढ़ो
यादें दस्तक देती हैं
आँखें नम हो जाती हैं
होठ खामोश रह जाते हैं
दिल की धड़कनें
शोर बहुत मचाती हैं
मधुलिका
हमारी भी तमन्ना थी किसी को हमारी याद आती बारिशों में.
जिस दिन सादग़ी श्रृंगार हो जायेगी...
यक़ीन मानिये,
उस दिन आईने की हार हो जायेगी
कृष्ण में लीन मीरा
कृष्ण-प्रेम में मग्न है रहती
सुधबुध है खोई अपनी
बावरी कृष्ण-भजन में डूबी रहती
दरस की अभिलाषी मीरा
विष को भी अमृत मान है पी लेती
मोह कहाँ है उसे इस जग से
हर साँस वो गिरधारी को समर्पित करती
ऐसी है दर्श दिवानी...
कौन आगे है, कौन पीछे इससे मुझे क्या?
मेरा मुकाबला ख़ुदसे है, औरों से नहीं।
इंतज़ार उसके करते थक गई मेरी अंखियां ,
ये दिल तू ही बता इस चांद का क्या करूं मैं...
यूँ तो हर शाम उमीदों में गुज़र जाती हैआज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया
~ शकील बदायुनी
काश तू चाॅंद , और मैं सितारा होता ,आसमान में , आशियां हमारा होता..!!
लोग तुम्हें दूर से देखते ,पास से देखने का हक , सिर्फ हमारा होता..!!
है कोई जिससे तेरी यारी ना हो,आदमी इतना भी बज़ारु ना हो,
मुझ से भी हो कर वो आगे बढ़ चुका,दोस्त बच के, अब तेरी बारी ना हो ।
बिखरा वजूद…टूटे ख़्वाब…सुलगती तन्हाइयाँ….उफ़्फ़कितने हसीन…तोहफ़े दे जाती है,ये अधूरी मोहब्बत….
मन्दिर तक पहुंचना तन का विषय है,
लेकिन शिव तक पहुंचना मन का विषय है …
अच्छा होने से पहले बहुत कुछ बेकार होता है
मरना तो है ही,
अपने मनुष्यत्व और अधिकार के लिए मरो !
बोले हुए अल्फाज़, गुजरा हुआ वक्त,
टूटा हुआ भरोसा, कभी वापस नही आता...