वेलेंटाइन डे आ रहा है पर गर्लफ्रैंड नहीं है??
तो उदास क्यों होता है पगले
गांधी जयंती पर कौन सा गांधी जी हमारे साथ होते हैं।
इसलिए घबराना नहीं बस वेलेंटाइन डे मनाना है।
कोशिश करो हमेशा सच बोलने कीकुछ लोग रूठ जाएंगे पर धर्म बच जाएगा …
वो गालियाँ देकर अघाता नहींसंस्कार मेरा भी जाता नहीं
किसी एक को खुश करने के लियेलोग अपने लोगों से दूरी बना लेते हैंऔर एक दिन ऐसा भी आता है, किजिसके लिये पूरी दुनिया से अलग हुयेवो खुद अकेला छोड़कर अलग हो जाता है
कोई भी इंसान इतना खूबसूरत नहीं होताजितना उसे उसका चाहने वाला बना देता है
ता उम्र के लिएं हाथ थामना होता है,ए पल दो पल का खेल नहीं होता...
कचरा कहां तक टाला जाये,
पॉलिथीन कहां पर डाला जाये,
तू भी कीचड़ का चैंपियन है,
तैर जहां तक नाला जाये।
तब और खिल उठेगा रंग उसकी मेहंदी का,जब मिश्रित उसमें मेरे प्रेम का रस होगा..!!
मुक्कमल करनी हो जिंदगी तो कोलाहल ना करेराहों में लगी ठोकरों का यूं मलाल ना करेअगर खुद पर यकीन है तो उसे पूरा कर कुछ कमाल करेयूं छोटी मोटी बातों पे ऊपर वाले से बेतुके सवाल ना करें
आज ये दिल बेवजह ही खुश हैं
लगता है एक नया दर्द मेरे इंतजार में हैं
जिस प्रकार अग्नि स्वर्ण को परखती है,
उसी प्रकार संकट वीर पुरुषों को।
अगर इतिहास को कहानियों के रूप में पढ़ाया जाता तो इसे कभी नहीं भुलाया जाता।
सत्य के बाद मनुष्य निर्भय हो जाता है, और झूठ के बाद कायर।
जया अंजनी
खता मत गिन इश्क़ में,किसने क्या गुनाह किया
इश्क़ एक नशा था, तूने भी किया और मैंने भी किया !!
उलझनें भी मीठी हो सकती हैं,
जलेबी इस बात की ज़िंदा मिसाल है।
हाथ में चाय और यादों में आप हो….फिर उस खुशनुमा सुबह की क्या बात हो..!!❣️
एक पृष्ठ है भूमिका, एक पृष्ठ निष्कर्ष
बाकी पन्नों पर जीवन का लिखा हुआ सतत संघर्ष !
धूप भी कहां कुछ कर पाया है ,
जब तक सर पर मां का साया है ।।
रोज़ नया दिन निकलता है पर सूरज तो वही हैएक चक्कर घूम के दुबारा आपके पास आता हैऔर नया हो जाता है
वैसे ही ये ज़िंदगी है जब आप चाहें उसे नया बना देअच्छाईयों के प्रकाश से इसको नई रौशनी देपुराने...
तू न थकेगा कभी,
तू न रुकेगा कभी,
तू न मुड़ेगा कभी,
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ,
अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ