पहले परखते हैं किरदार फिर ऐतबार करते हैं,
हम उनमें से हैं जो सिर्फ सीरत से प्यार करते हैं..!!
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
समस्या का अंतिम हल माफ़ी है,
कर दो या मांग लो...
ये गर्मी भी बिल्कुल तुम्हारे ही जैसी है……आजकल सुबह भी तुम्हारे जैसी है,थोड़ी तपिश तो थोड़ी चमक सी है,और सुबह के बाद शाम का इंतजारबिल्कुल तुम्हारे इंतजार के जैसा बेसब्री सा
ये चेहरे का गुस्सा महज एक बहाना है,
मेरी दुनिया मासूमियत का खजाना है!
मैं तो मुसाफ़िर हूँ, आया हूँ सैर करने यहाँ,
नफ़रत भरी दुनिया में न कोई घर बसाना है ¡!
पसंद उसे करो जो परिवर्तन लाए,
प्रभावित तो मदारी भी कर लेते हैं....
किसी की खुशियों का हिस्सा बनो..दुख देने के लिए जमाना पड़ा है इधर..!!
दोनों भाई बहनों को ऊंट भी चाहिए और राजस्थान भी नहीं जाना चाहते..शास्त्रों में इसे ही कूटनीति कहा गया है…
ईश्वर को आखिरी उम्मीद नहीं,
पहला भरोसा बनाइए...
रविवार का दिन भीचिप्स के पैकेट की तरह होता है,खुलते ही आधा ख़तम !!
अंधेरे हो लाख़ घने पर अंधेरे अनंत नहीं,
गिर जाना मेरा अंत नहीं..!!
खतरा देखकर डसने वाले जीव जंगलों में रहते हैं,
और मौका देखकर डसने वाले मकानों में...
टूटते पुल, धंसती सड़कें,टपकती छतें, बेपटरी ट्रेनें, बंद नाले, डूबते बेसमेंटझकझोर रहे हैं सबअब तो जागो कम से कमजनता हो तुम जागीर नहींकिसी रजवाड़े कीवोट जो देते रहोगेभ्रष्ट, निर्लज्ज, अक्षम प्रतिनिधियों कोधर्म और जाति के नाम परमरते रहोगे यूंही सब...
सब कुछ होता है लोगों में ,
बस एहसास नहीं होता लोगों में...
घमंड किसी का भी नहीं रहा...
टूटने से पहले गुल्लक को भी लगता है ,
की सारे पैसे उसी के हैं...!!
अनजान पंछी
बस दिल करता है ,कोई समझ ले ,संभाल ले ,समेट ले ...
बहुत कम लोग है जो मेरे दिल को भाते है,और उससे भी कम लोग मुझे समझ पाते है।
किस तरह जमा कीजिए अब अपने आप को, काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के
हर किसी के लिए, बारिश का मौसम सुहाना नही होता। जाकर पूछो उनसे, जिनका फुटपाथ के सिवा कोई ठिकाना नहीं होता।।