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World's Best Cow Hospital

पहले मुग़ल दरबार में नाचते थे,अब मस्जिद के बाहर नाचते हैं,जगह और समय बदला है,मानसिकता व हरकत अभी भी वही है!

मनुष्य के आगे कुछ बड़ा नहीं, हारा वही जो लड़ा नहीं....

तमाशा ये चार दिन का नहीं , वतन से मुहब्बत हमें पैदाईशी है।।

तूफानों से आँख मिलाओ सैलाबों पे वार करोमल्लाहों का चक्कर छोड़ो तैर के दरिया पार करो ~ डॉ. राहत इंदौरी

दिल में नहीं हम सीधे रूह में उतरते हैं, जब भी करते हैं मोहब्बत बेशुमार करते हैं

इंसान के समाज में होने से कहीं अधिक जरूरी है, इंसानियत का समाज में होना....!!

दौलत देखकर मैंने कभी रिश्ते नहीं बनाए.. मैंने बड़े बड़े रईसों को ऊपर खाली हाथ जाते देखा है..!!

मेरी एक जान हैं,और वो भी शैतान हैं

ज़िंदगी बेहतर बनाने में ज़िंदगी को ही वक्त नहीं दे रहे है। कल की परेशानी के चलते आज को जी नहीं पा रहे है I

तजुर्बा मेरी आँखों में देखिए हरकतों से, मैं आज भी बच्चा हूँ...!!

है एक कर्ज जो हरदम सवार रहता है , वो माँ का प्यार है सबपे उधार रहता है।।

बहुत खूबसूरत लग रही थी वोलेकिन माथे पर सिंदूर था ।।

एक”मरहम”की …तलाश में कई “ज़ख्मों”से ….गुज़रे हम

✯||ले आया झुमका भी तुम्हारे लिएअब पहन कर दिखाओ की कैसे हैं …||✯

हुक़ूमत से सिफारिश की तमन्ना हम नही ऱखते..!!!हमे मालूम है हमारी हिफाज़त कौन करता है??

मयखाने की इज्ज़त का सवाल था हुज़ूर , सामने से गुजरे तो थोड़ा सा लड़खड़ा दिए

पलकों से रास्ते के कांटे हटा देंगेफूल तो क्या हम अपना दिल बिछा देंगेटूटने न देंगे हम इस प्यार को कभीबदले में हम खुद को मिटा देंगे 🌶

आँखों की गहराई में उतार जाओ,दिल की धड़कनों में बस जाओ,ख्वाबों की दुनिया में खो जाओ,तुम्हारी हर ख़्वाहिश पूरी हो जाए।

सबका ख़ुशी से फासला एक कदम हैं ,हर घर में बस एक ही कमरा कम हैं .. ~ जावेद अख्तर

तमीज़ बताती है परवरिश आपकी, आप पढ़े लिखे हैं तो क्या हुआ


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