तुझसे दरकार थी मसीहाई की
वरना मश्वरे तो वकील भी देते हैं
पुस्तकालय एक ऐसा वृक्ष है, जहाँ विचारों के फल हर मौसम में लगते हैं ।
रिश्ते उन्ही से रखो जो समय आने पर ,
सहयोग और प्यार दिखाए' औकात नही ...
चाँदनी की रौशनी में खो जाएं,
ख्वाबों की दुनिया में खो जाएं।
दिल की धड़कनों को ताल में बदलें,
खुद को खो जाएं, खुद को खो जाएं।
प्यार की बारिश में भिगो जाएं,
खुशियों की लहरों में उड़ जाएं।
ख्वाबों की उड़ान में सवारे,
खुद को खो...
स्वार्थ की बदबू मारने वाले मतलबी लोग…..
मतलब होने पर चंदन सी सुग़न्धित बातें करते है !!!
वो इंसान दुनिया में सबसे धनवान है,जो कम से कम में भी संतुष्ट है,क्योंकि संतुष्टि ही प्रकृति की दौलत है !
पहले निचोड़ लेते हैं जिस्म अपनी आंखों से, फिर दुपट्टा संभालने कि हिदायत देते हैं..!!
माँ तुम मेरी अनूठी एक प्रेम कहानी
अमूमन प्रेम कहानी में एक राजा एक रानी होते हैं
पर तुम्हारी मेरी तो बात ही अलग है
मेरे आँखों की मौन भाषा तुम पढ़ लेती हो
मेरे हृदय के स्पंदन में तुम बसती हो
मेरे सुख...
तुम्हारा एकांत ही तुम्हें मनुष्य बना सकता है,
भीड़ तुम्हें भेड़ बना देगी
उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते
बशीर बद्र
जीवन कटना था, कट गया
अच्छा कटा, बुरा कटा
यह तुम जानो
मैं तो यह समझता हूँ
कपड़ा पुराना एक फटना था, फट गया
जीवन कटना था कट गया।
गोपालदास “नीरज”
हमारी जिंदगी का ठिकाना नहीं रहा अब
उसने ठेस पहुँचाया हम ठेके पर पहुँच गए !!
साथ रहकर जो छल करे, उससे बड़ा शत्रु कोई नहीं होता...
एक बार ही बहकती है ये नज़रेकिसी को देख कर….ये इश्क है साहेब सौ बार नहीं होता …
संस्कार ही ऐसे मिले है जनाब दिल से उतरे लोंगो से भी तमीज़ से बात करते है...
पुरुष पेड़ पे लगे उन पत्तो कि तरह होते है,
जिन्हे धूप तो मिलती है पर छाँव नहीं..
यादों के सिलसिलेकभी छूटे ही नहींभूल तो गए हम सबपर तुम्हें भूले ही नहीं…
कितनी मासूम है एक तरफ़ा मोहब्बत वैसे खेलता रहता है ... मैदान में बच्चा तन्हा
लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे , आखिर हमारा पीना ही आज हमारे काम आया
अर्जुन सा असमंजस आएगा
तो हिस्से में श्रीकृष्ण भी आयेंगे.!