इत्र सी महक उठती हैं ये शामजब हिस्से में आता हैं तुम्हारा नाम..!!
इतने कमजोर नहीं की, वफादार होने का ऐलान करें,
हमें यकीन है अपने किरदार पर,
जो "खोएगा", "ढूँढता" फिरेगा...
सारा झगड़ा ही खवाहिशो का है ,ना गम चाहिए ना कम चाहिए ।।
सब बीत जाता है
पल हो
दिन हो
महीना हो
या फिर हो साल
जो नहीं बीतता वो है सिर्फ़
तेरा ख़्याल
झूठे इल्जामों की फिक्र ना करें वक्त का ग्रहण चाॅंद ने भी झेला था!!
मतलब की दुनिया है लोग आपसे नहीं
आपकी स्थिती से हाथ मिलाते हैं !!
आज फिर ग्रह मिले है, आज फिर कायनात ने संदेश भेजा है ,आज फिर उसकी याद आईं है, आज फिर गलतियों पर रोना आया है ,आज फिर …..।।
इश्क़ का ज़िक्र तो बेहद ही 'आम होता है
पर इश्क़ नहीं है वो जो सर-ए-'आम होता है
जो खुश नहीं होना चाहते उन्हें कोई खुश नहीं कर सकता और जो खुश रहने का हुनर जानते हैं उन्हें कोई खुश रहने से नहीं रोक सकता !!!
कोई कितना ही बड़ा क्यों न हो,
अंधों की तरह उसके पीछे न चलो।
स्वामी विवेकानंद
ख़्वाब ख़्वाहिश ख़ैरियत है ज़िंदगीहक़ीक़त उल्फ़त कैफ़ियत है ज़िंदगी
एक उम्र के सौदे में बंधी हुईइनायत इबादत तबियत है ज़िंदगी..!
ये सोचना ग़लत है के’ तुम पर नज़र नहीं,मसरूफ़ हम बहुत हैं, मगर बे-ख़बर नहीं
हम आपके इशारे पे घर-बार छोड़ दें ?दीवाने हैं ज़रूर ! मगर इस क़दर नहीं !!
~ आलोक श्रीवास्तव
कहते हैं जीते हैं उम्मीद पे लोग,हमको तो जीने की भी उम्मीद नहीं !
देश चलता नहीं,मचलता है,मुद्दा हल नहीं होता सिर्फ उछलता है,जंग मैदान पर नहीं,मीडिया पर जारी है,आज तेरी तो कल मेरी बारी है।
उन्हें याद करें! विक्रम साराभाई, नेहरू, अब्दुल कलाम
अनुभव सच में एक बेहतरीन स्कूल हैं,
बस कम्बख़त फीस बहुत लेता हैं...
कुछ लोगों की सोच चाय ने डूबे बिस्किट,
की तरह होती है कब गिर जाए पता नहीं चलता....
जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना,बहुत तडपाते हैं अक्सर सीने से लगाने वाले लोग !
जेब भरी हो तो रिश्ते बनाने वाले मिलेंगे ,
जेब खाली हो तो सबक सिखाने वाले मिलेंगे ...