World's Best Cow Hospital

दिक्कतों पर जितना ध्यान दोगे वो उतनी बढेंगी , समाधान पर जितना ध्यान दोगे वो उतने ही मिलेंगे ...

चाहें गणित हो या मोहब्बत,बदनाम तो सिर्फ X होता हैं …!!!

हालात बिगड़ने लगे तुम बिछड़ने लगे हम दोनों को हालातो से लड़ना था, तुम हमसे लड़ने लगे

बड़बोले देश बचाने में लगे हैं। बड़बोले यह नहीं बोलते कि अगर इस देश को बचाना है तो उन बातों को भी बताना होगा जिनपर कभी बात नहीं की गई जैसे मुट्ठी भर आक्रमणकारियों से कैसे हारता रहा है ये तैंतीस...

नींद से इतना भी प्यार न करो कि मंज़िल भी ख्वाब बन जाए !

अगर मोहब्बत की हद नहीं कोई,तो दर्द का हिसाब क्यूँ रखूं।

औरत होना इतना आसान भी नहींआधे ख़्वाब दिल में ही दफ़न करने होते है….

तुम्हारी आँखों ने बसाएं रखा है शहर कोई,कोई तन्हा हो सकता है, कानपुर से खफ़ा नहीं,

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।कह कबीर हरि पाइए मन ही की परतीत।।"

शहर में आ कर पढ़ने वाले भूल गए किस की माँ ने कितना ज़ेवर बेचा था

जब सोच में मोच आती है तब हर रिश्ते में खरोंच आती है. !!

भावों से ज्यादा शब्दों को अहमियत दी जा रही है संसार में, जाहिर सी बात हैशब्द हृदय पर चोट करेंगे…!!

साल भर पहले, पहला ‘मकान’ लिया तुम्हारे साथ ने उसे ‘घर’ किया

दुनिया तुली थी हमको बनाने पे देवता , पर हम किसी भी हाल में पत्थर नहीं हुए

दूरियों में ही परखा जाता है हर एक रिश्ता, आंखों के सामने तो सभी वफादार होते हैं।

जब नादान थे तो जिंदगी के मजे लेते थे, समझदार हुये तो जिंदगी मजे ले रही है ..!!

हम ईश्क में भी मरजिया चलाएंगे,मेरे साथ रहना है तो अपनी मनमानियां अपनी नादानियां अपने घर छोड़ कर आना..!!

बेहिसाब उधड़ी पड़ी हैं ख्वाहिशों की चादरें कोई दर्जी सलीखे का शहर में बिठाया जाए!

काश हमारे प्यार की नैया भी कबूतर पार लगाता, तुम्हारा पैगाम अपने पैरो से मुझ तक पहुंचाता, ख्वाब सात जन्मो के हम भी देख लेते तुम्हारे साथ, अगर मुकद्दर को होता मंजूर तो तुमसे मिलवाता, और हम भी महका देते कमरे को गुलाब के...

प्रतिभा तो ग़रीबी ही में चमकती है दीपक की भाँति, जो अँधेरे ही में अपना प्रकाश दिखाता है। मुंशी प्रेमचंद


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