बरसी हैं घटाएं आज फिर अंगड़ाइयां लेकर ,
नया सावन तो आया है मगर तन्हाईयां लेकर ..!!
वही ज़िद वही हसरत,
ना दर्द-ए-दिल की कमी हुई
अजीब है मोहब्बत मेरी,
ना मिल सकी ना ख़त्म हुई
ऐसी शिक्षा जो डॉक्टर और इंजीनियर को तो जन्म देती है,
लेकिन मनुष्य को जन्म नहीं देती व्यर्थ है।
अंत केवल मृत्यु है,
हर दिन प्रयत्न करना जीवन है!
खास कोई मिले मुझ से इस तरह की मुझ से जुदा ना हो .....!! वो समझे मेरे मिज़ाज़ को और मुझ से खफ़ा ना हो....!!
अपने आपको बदलो, तब तक दुनिया नहीं बदलेगी !
दूसरे से मिली इज्जत
और अपनों
से मिली बेइज्जती इंसान कभी नहीं भूलता है..
शीशे, यादें, सपने, रिश्ते,
कब कहाँ टूट जाए कुछ नहीं पता।
मतलब में बहुत ज्यादा वज़न होता है..तभी तो मतलब के बाद रिश्ते हल्के हो जाते हैं..!!
फूल चुन कर एकत्र करने के लिए मत ठहरो।
आगे बढ़े चलो, तुम्हारे पथ में फूल निरंतर खिलते रहेंगे
एक घुटन सी हो रही थी मुझे संपूर्ण रात्रि ,घबराहट सी हो रही थी अपने ही अंधेरे कमरे में....भोर की सुनहरी रौशनी आई एक हल्की दस्तक लिए ,उदासी तमाम मेरे कमरे के दरवाज़े से फ़ौरन ही विदा हो कर नई...
हंसने की आदत डाली है,
खुशी का कुछ एहसास नहीं,
आसू भी अक्सर डुलते है
पर दुःख भी कोई खास नहीं,
नकाबों मैं वक्त गुजरे अपना,
गहरे अपने जज़्बात नहीं...!!
तुमने ही बदल दिए सिलसिले वफाओं के…वरना हमें तो आज भी तुम से अज़ीज़ कोई नही..!!
ना होने का एहसास सबको है..
मौजूदगी की कदर किसी को नहीं..!!