एक वक्त था जब जिंदगी जीने का शौक था, एक वक्त ये है सोचते है.... कट जाये तो इतना ही बहुत है..!!
प्रसन्न रहना बहुत सरल है, लेकिन सरल होना बहुत कठिन है।- रवींद्रनाथ टैगोर
किसी के बारे में ग़लत अनुमान मत लगाया करोक्योंकि आप नहीं जानते उनकी जिंदगी में कितनी उलझने है
ये उदास रात उजड़ी हुई नींद और चीखते हुए हम,
लगते तो ज़िन्दा हैं दोस्त लेकिन ख़त्म हो गये हम..!!
इंसान तो हर घर में जन्म लेता है मगर,इंसानियत कहीं कहीं ही जन्म लेती है…!!
आंखें थक गई थी "इंतज़ार" में फिर भी दस्तक लगाए बैठा रहा,
हलक सूख गया रोते रोते मगर वो अपनी अकड़ में ऐंठा रहा..!!
विरक्ति
आदमी केवल दिमाग की नस फटने और दिल की धड़कन रुकने से नहीं मरता, बल्कि उस दिन भी मर जाता है जिस दिन उस की उम्मीदें और सपने मर जाते हैं; उसका विश्वास मर जाता है इस तरह आदमी मरने...
नींदें वापस कर दी हमने,,सुकून भरी रातों को।
किताबों के संग ' हर रात बितानी थी, आँखों को।।
सेजल
आखिर कब तक किस्सा बनके रहोगे ,
जल्दी से हिस्सा भी बनजाओ मेरी जिंदगी का ..!!
हम भी दरिया हैं,हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ भी चल पड़ेंगे,रास्ता हो जाएगा.
बशीर बद्र
ना होने का एहसास सबको है..
मौजूदगी की कदर किसी को नहीं..!!
हर सुबह आपका ख्वाब आता है..आंख खुलने से पहले लबों पर..आपका ही नाम आता है….!!
आपसे बिछड़े तो ख़ुद को और बेहतर कर लिया
आँख दरिया कर न पाए दिल को पत्थर कर लिया !!
अहंकार की सबसे बड़ी खराबी यह है कि ,
ये कभी आपको महसूस नहीं होने देता कि आप गलत हैं ...
प्यार वह नहीं है जो आप कहते हैं।
प्यार वह है जो आप करते हैं।
इश़्क हो और सुकून भी हो,सुनों जनाब .., होश में तो हो …..🕸️
बहन बाक़ी तो सब ठीक है पर जब हम चन्द्रमा पर रहने लगेंगे...
तब करवा चौथ का व्रत किस को देख कर खोलेंगे...??
क़दम क़दम पर चेहरे आलीशान मिले,
लेकिन बेहद कम अच्छे इंसान मिले...