हम भी तेरे आने कि आस में,अपनी दुनिया उजाड़ बैठे हैं,मेरी सांस टूटना बाकी है अभी,मगर चिता सजाए लेटे हैं..!!
हर शायरी किसी ना किसी के लिये एक गुमनाम खत है..!
जो किसी के घर के पते पर नही मन की,दहलीज पर खुलती है।
कैसे कह दूं कि वो दूर है मुझसे
हम दोनों एक ही आसमां के तले तो रहते हैं
हम इंसान हैं ,
मैं चाहता हूं कि इस वाक्य की सच्चाई बनी रहे..!!
लिखते क्यों नहीं मुझे फिर दोबारा फिर एक बार मुझे अधूरा होना है !
अपने हीं हाथो से अपनी कश्ती डूबाई है..
क्या करोगे जानकर मेरे बारे में जीवन बस शब्दों की तुरपाई है..!
किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल,कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।
तबाह होकर भी तबाही दिखती नहीं...
ये इश्क है हुजूर..इसकी दवाई बिकती नही..!!
सितम ये,के तेरा साथ नहीं कमाल ये,के जी रहे हैं …...!!
देश से बड़ा कुछ नही है,देश हित में मतदान जरूर करें...!
ज़िन्दगी के "पन्नों" में मेरा किरदार भी "जोकर" का रहा,
मैं "हंसा" तो भी लोग हंसे मैं "रोया" तब भी लोग हंसें..!!
अगर कोई हमेशा आपको व्यस्तहोने का दिखावा करता है तो वहव्यस्त नही किसी और के साथ मस्तरहता है, कितना भी याद कर लोकितना भी जता लो एक दिन खुदको ही लगेगा कि अब अपना रास्ताअलग ही सही है सूचना जनहित...
पहले आयु में बड़ों का सम्मान होता था
अब आय में बड़ों का सम्मान होता है!
सारी उम्र एक ही गलती हमने बार बार दोहराई
अन्धों को आँसू दिखलाये बहरों को आवाज़ लगाई
बर्बाद-ए-तमन्ना पे इताब और ज़ियादा
हाँ मेरी मोहब्बत का जवाब और ज़ियादा
किरदार अच्छा हो तो लोग,
कब्र का रास्ता पूछकर पहुंच जाते हैं...
अगर मोहोब्बत जिस्म से होतीतो तुमसे ही कियू होती हजारों से होती…
ज़लील होने से अच्छा,बद'तमीज़ बनकर जवाब देना..
न तो ईश्वर है न आत्मा होती है,
पुनर्जन्म भी नहीं होता है,
जो है बस यही जिंदगी है।
गौतम बुद्ध