जवानी की उम्र अक्सर ,
पसंदीदा चीजों की कुर्बानी मांगती है ।।
एक जमाना हो गया
अपने दिल की बात किसी से कहे हुए
अब तो आईना भी शक्ल
देखकर पूछता है तुम कौन हो.....??...
ये तो बस हम ही जानते हैं उम्र कैसे गुज़ारी है,बगैर तेरे गुज़रता लम्हा आख़िर कितना भारी है
अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेती है रात जुदाई की...
तुम क्या समझो तुम क्या जानो बात मिरी तन्हाई की...
धर्महित के कार्य में गिलहरी ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई थी,सराहना जब मिली श्रीराम से तब पीठ पर तीन धारियां पायी थी..!!
अब वो किसी और से कहता होगातुम ही मेरी पहली और आखिरी मोहब्बत हो ...!!
बिछड़ते वक्तगले लग कर इश्क़ वाले
अपनी रूह इक दूसरे मेंछोड़ आते हैं।
दूसरों की आंखों में आंसू लाने वाले ये क्यों भूल जाते हैंकि भगवान ने दो आंखें उन्हें भी दी हैं और कर्म समय चक्र के साथ घूमकर एक दिन हमारे समक्ष अवश्य आते हैं।
तुम हाथ थाम लेते होमैं चल पड़ती हूँ
तुम नज़र भर देखते होमैं मुस्कुरा देती हूँ
तुम क़रीब आ जाते होमैं शरमा जाती हूँ
तुम आग़ोश में भरते होमैं सिमट जाती हूँ
तुम माथे को चूम लेते होमैं समर्पित हो जाती हूँ
किसी के चेहरे की हँसी से उसके दर्द को भी महसूस करो , सुना है लोग हंस - हंस के खुद को सज़ा भी देते हैं ..!!
जिसने हालत पिए हो,उसे जहर का खौफ कहा…
मेरा दुख दर्द महज़ आपके लिए,मनोरंजन एवं बकवास का विषय है.
थामा था हांथ सोचकर "कि शायद सफ़र लम्बा होगा!!
भूल से भूल की जालिम" ये भी उड़ता परिंदा होगा !!
अच्छा बुरा जैसा भी हूँ
पर Original हूँ....!!
जिंदगी में गम बहुत है,खुलासा मत होने देना,
लबों से मुस्कुरा देना,मगर तमाशा मत होने देना..!!
हमें प्रेम करना चाहिए, न कि प्रेम में गिरना चाहिए,क्योंकि जो कुछ भी गिरता है, वो टूट जाता है.
कभी इरादा हो हमे छोड़ के जाने का तो पहले बता देना…क्योकि,अचानक के हादसे बेमौत मार देते है..!
अभी बहुत रंग हैं जो तुम ने नहीं छुए हैं.... कभी यहाँ आ के गाँव की ज़िंदगी तो देखो....!
बरसात गिरी और कानों में इतना कह गई ,गर्मी किसी की भी हो हमेशा नहीं रहती…
मुझे नफरत है कुछ चलती चीजों से
जैसे मेरी सांसे, नब्ज और धड़कने..